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यूपी: पंचायत चुनाव के बाद गांव-गांव कोरोना की दस्तक, जिलेवार जानिए आंकड़े

Sat, 08 May 2021 12:30 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Sat, 08 May 2021 12:30 AM IST
सार

प्रदेश में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और उसके बाद हुई मतगणना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। चुनाव के बाद प्रत्येक जिले में दम तोड़ने वाले और संक्रमितों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

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UP panchayat election 2021 after voting and results corona step in to remote villages death number increasing
एक मतगणना स्थल के बाहर लगी भीड़(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और उसके बाद हुई मतगणना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण तेजी से पैर पसार रहा है। चुनाव के बाद प्रत्येक जिले में दम तोड़ने वाले और संक्रमितों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

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गांव-गांव ऐसे लोग हैं, जिन्हें बुखार और सांस लेने में दिक्कत हो रही है। सांस उखड़ने पर अस्पताल ले जाने से पहले ही इनकी मौत हो जाती है। हालांकि इनमें ज्यादातर की कोरोना जांच नहीं हुई है। चुनाव के दौरान कई प्रत्याशियों की मौत हो गई, जबकि चुनाव जीतने के बाद कई जनप्रतिनिधियों ने दम तोड़ दिया। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण रोकना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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वाराणसी में आठ ब्लॉकों में 100 से अधिक संक्रमित मरीज मिले, जबकि 15 लोगों की मौत हो चुकी है। काशी विद्यापीठ में संक्रमण अधिक फैला हुआ है। प्रयागराज के गांवों में ब्लॉक प्रमुख समेत 63 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, मेरठ में मिले 1498 संक्रमितों में से 449 लोग देहात क्षेत्र के थे।
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ब्रज क्षेत्र पर नजर डालें तो यहां कोरोना से 20 लोगों की मौत हो गई, जबकि 1187 नए संक्रमित मिले है। मैनपुरी में सात लोगों की जान चली गई। इसके अलावा मथुरा में पांच, आगरा में चार, एटा और कासगंज में दो-दो लोगों की मौत हुई। नए संक्रमितों में मथुरा के 367 लोग शामिल हैं। अन्य जिलों में आगरा में 234, एटा में 232, फिरोजाबाद में 145, कासगंज में 132 और मैनपुरी में 77 नए संक्रमित मिले।

शाहजहांपुर में सात,  पीलीभीत में 99, लखीमपुर खीरी में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 44 शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी हैं। बरेली के ग्रामीण इलाकों में छह लोगों की मौत हुई है। बांदा में 14 लोगों की मौत हो गई वहीं, हमीरपुर में 359 संक्रमित मिले हैं। चित्रकूट के मानिकपुर क्षेत्र में कई प्रत्याशियों समेत 50 लोगों ने दम तोड़ दिया और 1421 संक्रमित हैं।

मऊ व मानिकपुर में भी 50 लोगों की मौत हो गई। कानपुर देहात में अब तक 90 लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। सबसे अधिक असालतगंज में 15 और संदलपुर में 16 लोग जान गवां चुके हैं। इटावा में 1700 संक्रमित मिले हैं। बकेवर, लखना और चकरनगर में 50 से अधिक लोग तम तोड़ चुके हैं। फर्रुखाबाद के राजेपुर ब्लॉक क्षेत्र के गांव तुषौर में चार लोगों की मौत हो गई। नवाबगंज क्षेत्र के गांव सैथरा में 15 लोगों की मौत हो चुकी है।

उरई (जालौन) में प्रचार के दौरान 11 प्रत्याशी और चुनाव जीतने के बाद दो प्रधानों की मौत हो चुकी है। उन्नाव के बिछिया ब्लाक के रुपऊ गांव में 13 और सरोसी के जसुआपुर में चार लोगों की मौत हो चुकी है। कन्नौज में 14, छिबरामऊ में 15, माधौनगर में 10 लोगों ने दम तोड़ा है। फतेहपुर में अब तक 113 की मौत हो चुकी है, जबकि 3600 संक्रमित मिले हैं। हरदोई के भरावन ब्लॉक के गोंडवा में अब तक 15 बुखार पीड़ितों की मौत हो चुकी है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ी है। सबसे अधिक पिहानी के राभा व मंसूरनगर में पाए गए। 

सहारनपुर में 3346 संक्रमितों में 1264 मरीज देहात के हैं। मुजफ्फरनगर में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि शामली 1850 सक्रिय केस हैं। बिजनौर में 78 लोगों की ही मौत बताई गई, बकि पिछले करब 100 से अधिक लोगों की मौत बुखार और कोरोना से हुई है। बागपत में 30 मौतें हो चुकी हैं।
 
राजधानी के ग्रामीण क्षेत्रों में भी हुई कई मौतें
राजधानी के सरोजनीनगर के गांव कुरौनी, खंडे देव, किशनपुर कौड़िया, हमीरपुर , गोडवा , बंथरा, नारायणपुर, एन भटगांव, तेरावा, लतीफ नगर, बेती, भटगांव पांडे , रामचौरा, बनी, बीबीपुर , धावा पुर, सहित दर्जनों गांवों में है। कुछ जगह बीमारी से पीड़ित लोगों की मौत भी हो चुकी है।  माल ब्लॉक के रामन गोपरामऊ, नरायनपुर, पीर नगर के लोग अधिक प्रभावित हैं। चार लोगों की मौतें हो चुकी हैं। इनमें माल, ससपन व रामनगर अधिक प्रभावित हैं। वहीं, मोहनलालगंज के कनकहा, मऊ, फत्तेखेड़ा, सिसेण्डी समेत तमाम गांवों में लोगों की अचानक मौतें हुईं हैं। गोसाईगंज में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। निगोहां व काकोरी के उदयपुर, मस्तीपुर, हरिहरपुर पटसा, अघैया, निगोहां सहित अन्य गांवों में दो दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी हैं। काकोरी और मलिहाबाद  स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इन क्षेत्रों में संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लगी है। 

अवध में भी कोरोना बेकाबू, मौतों का आंकड़ा 150 से ऊपर  

अवध के जिलों में भी कोरोना बेकाबू है। यहां मौतों का आंकड़ा 150 से ऊपर है। अयोध्या हैरिंग्टनगंज ब्लॉक के भाऊपुर और चंदौरा में 20 अप्रैल से चार मई के बीच करीब एक दर्जन लोगों की मौत बताई जा रही है। मिल्कीपुर ब्लॉक क्षेत्र के खिहारन गांव में करीब 12 लोगों समेत रुदौली तहसील क्षेत्र के पकड़िया गांव में कई लोगों ने दम तोड़ दिया।  यहां पंचायत चुनाव के प्रचार, मतदान व मतगणना संपन्न होने की अवधि में कई गांवों में लोग सांस फूलने, तेज बुखार, सीने में जकड़न सहित अन्य कोरोना लक्षणों जैसी बीमारियों की चपेट में आकर गंभीर स्थिति तक पहुंच गए। कई लोगों की घर पर तो कई लोगों की जिला अस्पताल में मौत हो गई है।

उधर, सीतापुर में के पिसावां विकासखंड के बरखेरवा गांव में 40 लोग संक्रमित थे। इनका होम आइसोलेशन पूरा हो रहा है। खैराबाद विकासखंड 24 और मुबारकपुर में 12 लोग संक्रमित मिले हैं। रायबरेली में जिनकी मौतें हो रही हैं, उनमें साबित नहीं हो पा रहा है कि उनकी मौतें कोरोना से हुई हैं या नहीं। यह बुखार और आक्सीजन की कमी के कारण हो रही हैं। मरने वालों की संख्या सैकड़ा पार कर गई है। महराजगंज तहसील क्षेत्र के मऊ गांव में 15, महराजगंज कस्बे में 15, बल्ला गांव में तीन लोगों की मौतें हुई हैं। खीरों, ऊंचाहार, जगतपुर, दीनशाहगौरा आदि क्षेत्रों में भी लोगों की मौतें हो रही हैं। 

मतगणना केंद्रों पर काफी संख्या में मिले संक्रमित 
मतदान के बाद ब्लॉकों में हुई मतगणना के दौरान हुई जांच में काफी संख्या में कर्मचारी, पुलिसकर्मी, प्रत्याशी और एजेंट संक्रमित निकले थे। इससे इनके संपर्क में आए लोग भी संक्रमित हो गए। 

गांवों में लोग नहीं करा रहे जांच 
गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम जाने पर लोग इसलिए जांच कराने से कतरा रहे हैं कि कहीं उनमें कोरोना के लक्षण न मिल जाएं, जिससे लोग उन्हें हिकारत भरी नजरों से देखें और दूर दूर रहें। 

कोरोना बताकर दे रहे महंगी दवाएं 
लोगों का आरोप है कि गांवों में दवा का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। किसी व्यक्ति को हल्का सा बुखार भी आ जाता है तो यहां के डॉक्टर कोरोना ग्रस्त बताकर बहुत ही महंगी दवा दे रहे हैं।
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