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यूपी:छात्रवृत्ति योजना में माता-पिता का ही लगेगा आय प्रमाणपत्र, इस हालात में एडिट करने का विकल्प भी मिलेगा
Mon, 01 Dec 2025 10:49 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Mon, 01 Dec 2025 10:49 PM IST
सार
यूपी में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के लिए अब केवल माता या पिता का आय प्रमाणपत्र ही मान्य होगा, और जिन छात्रों ने अपना प्रमाणपत्र अपलोड किया है, उन्हें पोर्टल पर एडिट करने का विकल्प दिया जाएगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
लखनऊ में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में सिर्फ विद्यार्थियों के माता या पिता का आय प्रमाणपत्र ही लगेगा। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन विद्यार्थियों ने पहले स्वयं के नाम से बने प्रमाणपत्र को अपलोड किया है, उसे एडिट करने का विकल्प भी उन्हें मिलेगा। जब वे अपने माता या पिता का आय प्रमाणपत्र अपलोड कर देंगे, तो सॉफ्टवेयर इसे स्वीकार कर डाटा को ओके कर देगा।
समाज कल्याण अधिकारियों के मुताबिक, तमाम छात्र ऐसे हैं जो कहीं अंशकालिक काम भी करते हैं। उन्होंने विगत वर्षों में खुद का आय प्रमाणपत्र अपलोड किया है। छात्रवृत्ति की नियमावली के अनुसार पूरे परिवार की आय देखी जाती है। प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले एससी-एसटी परिवारों और दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले अन्य वर्गों के परिवारों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ देती है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी कानपुर व विश्ववेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन गौतम बुद्ध नगर को पीसीआई ने बीफार्मा कोर्स का एप्रूवल नहीं दिया है। इसकी वजह से सत्र 2024-25 के बीफार्मा के छात्रों को कानपुर व गाजियाबाद के फार्मेसी विधा के शिक्षण संस्थानों में समायोजित किया जाना है।
इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के कॉलेजों से इसके लिए खाली सीटों के बारे में जानकारी मांगी है। साथ ही इसका शपथ पत्र भी देना होगा कि वे निर्धारित शुल्क कम से कम छात्रों से लेंगे। इसके लिए संबंधित कॉलेजों से पांच दिसंबर तक विकल्प मांगे गए हैं।
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समाज कल्याण अधिकारियों के मुताबिक, तमाम छात्र ऐसे हैं जो कहीं अंशकालिक काम भी करते हैं। उन्होंने विगत वर्षों में खुद का आय प्रमाणपत्र अपलोड किया है। छात्रवृत्ति की नियमावली के अनुसार पूरे परिवार की आय देखी जाती है। प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये तक सालाना आय वाले एससी-एसटी परिवारों और दो लाख रुपये तक सालाना आय वाले अन्य वर्गों के परिवारों के विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ देती है।
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दो कॉलेजों के फार्मेसी छात्र किए जाएंगे शिफ्ट
लखनऊ में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध प्रदेश के दो कॉलेजों को इस साल फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) की ओर से संबद्धता का एप्रूवल नहीं दिया गया। इसे देखते हुए विश्वविद्यालय की ओर से इन कॉलेजों के छात्रों को दूसरे संस्थानों में शिफ्ट किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार श्रीराम कॉलेज ऑफ फार्मेसी कानपुर व विश्ववेश्वरैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन गौतम बुद्ध नगर को पीसीआई ने बीफार्मा कोर्स का एप्रूवल नहीं दिया है। इसकी वजह से सत्र 2024-25 के बीफार्मा के छात्रों को कानपुर व गाजियाबाद के फार्मेसी विधा के शिक्षण संस्थानों में समायोजित किया जाना है।
इसके तहत विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के कॉलेजों से इसके लिए खाली सीटों के बारे में जानकारी मांगी है। साथ ही इसका शपथ पत्र भी देना होगा कि वे निर्धारित शुल्क कम से कम छात्रों से लेंगे। इसके लिए संबंधित कॉलेजों से पांच दिसंबर तक विकल्प मांगे गए हैं।