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UP News : भ्रष्टाचार में एसडीएम गिरफ्तार, दो डॉक्टरों की बर्खास्तगी के साथ चार स्वास्थ्यकर्मियों पर गिरी गाज
Wed, 21 Dec 2022 12:13 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 21 Dec 2022 12:13 AM IST
सार
चंदौली पुलिस ने सोमवार को चंदौली के पूर्व ईओ राजेंद्र प्रसाद को बलिया जिले के रसड़ा नगर पालिका से गिरफ्तार किया। इसके बाद आवास आवंटन के समय नायब तहसीलदार रहे और वर्तमान में अंबेडकरनगर के भीटी के एसडीएम सुनील कुमार बरनवाल को उनके आवास से सोमवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए मंगलवार को चंदौली के नौ साल पुराने आवास घोटाले में अंबेडकरनगर के एसडीएम को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं गोंडा में कार्य में अनियमितता और मरीजों से वसूली की शिकायत के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दो डॉक्टरों समेत छह स्वास्थ्यकर्मियों की बर्खास्तगी के आदेश दिए हैं।
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दरअसल चंदौली नगर पंचायत में 2011 में अधिकारियों ने अपने परिचितों और रिश्तेदारों के साथ कर्मचारियों को 40 कांशीराम आवास आवंटित कर दिए थे। इस मामले में क्षेत्र के चंद्रमोहन सिंह ने 2013 में चंदौली थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। इसके बाद हाईकोर्ट से चंदौली के एसपी को तलब कर मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया।
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इस मामले में चंदौली पुलिस ने सोमवार को चंदौली के पूर्व ईओ राजेंद्र प्रसाद को बलिया जिले के रसड़ा नगर पालिका से गिरफ्तार किया। इसके बाद आवास आवंटन के समय नायब तहसीलदार रहे और वर्तमान में अंबेडकरनगर के भीटी के एसडीएम सुनील कुमार बरनवाल को उनके आवास से सोमवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों को मंगलवार की शाम चंदौली कोर्ट में पेश किया गया। यहां से उन्हें वाराणसी जेल भेज दिया गया।
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वहीं जिला महिला चिकित्सालय गोंडा को लेकर कई तरह की शिकायतें शासन को मिल रही थीं। उप मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान भी यहां व्यापक तौर पर खामियां पाई गई थीं। इस पर उन्होंने सुधार के निर्देश दिया थे, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। वहीं प्रसूताओं से वसूली की शिकायतें भी मिलती रहीं। इन शिकायतों को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लिया। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को दो डॉक्टरों सहित छह स्वास्थ्य कर्मियों को बर्खास्त का आदेश दिया है। इसी तरह सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह, एक डॉक्टर और स्टाफ नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश भी दिया है। उधर, इसी तरह की शिकायत पर एमएमजी जिला अस्पताल गाजियाबाद के भी एक डॉक्टर को उप मुख्यमंत्री ने निलंबित करने का आदेश दिया गया है। प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि मामले में विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दे दिया गया है।