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UP Chunav Results 2024: अपनी सीटों पर भी बसपा को नहीं मिले मुसलमानों के वोट... बड़े चेहरे भी न जीत सके
Thu, 06 Jun 2024 08:39 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 06 Jun 2024 08:39 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव में बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा। अपनी सीटों पर भी बसपा को मुसलमानों के वोट नहीं मिले। जहां मुस्लिम प्रत्याशी उतारे वहां भी वोटों का संकट रहा। बड़े चेहरे भी जीत नहीं दिला पाए।
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UP Chunav Results 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी इस बार चुनाव में अपनी 10 सीटों को बचाने में भी नाकाम रही। इन सीटों पर बसपा प्रत्याशियों को काडर वोट बैंक तो हासिल हुआ, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं की बेरुखी ने पार्टी को जीत से महरूम रखा। नगीना में तो पार्टी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा और उसे सबसे कम वोट मिले।
बता दें कि बसपा ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दस सीटों सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, लालगंज, गाजीपुर और घोसी में जीत दर्ज की थी। इनमें से नगीना और श्रावस्ती सीट पर बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
श्रावस्ती में बसपा प्रत्याशी हाजी दद्दन खां को 56251 वोट व नगीना में सुरेंद्र पाल सिंह को 13272 वोट ही हासिल हुए और वे अपना काडर वोट बैंक तक अपने पाले में नहीं कर सके। वहीं बाकी सीटों पर बसपा प्रत्याशियों को डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले।
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जानकारों का मानना है कि इन बाकी आठ सीटों पर यदि मुस्लिम वोट बैंक ने बसपा का साथ दिया होता तो नतीजे बदल सकते थे। यही वजह है कि चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर हार का ठीकरा फोड़ा है।
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बता दें कि बसपा ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में दस सीटों सहारनपुर, बिजनौर, नगीना, अमरोहा, श्रावस्ती, अंबेडकरनगर, जौनपुर, लालगंज, गाजीपुर और घोसी में जीत दर्ज की थी। इनमें से नगीना और श्रावस्ती सीट पर बसपा का सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
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श्रावस्ती में बसपा प्रत्याशी हाजी दद्दन खां को 56251 वोट व नगीना में सुरेंद्र पाल सिंह को 13272 वोट ही हासिल हुए और वे अपना काडर वोट बैंक तक अपने पाले में नहीं कर सके। वहीं बाकी सीटों पर बसपा प्रत्याशियों को डेढ़ लाख से अधिक वोट मिले।
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जानकारों का मानना है कि इन बाकी आठ सीटों पर यदि मुस्लिम वोट बैंक ने बसपा का साथ दिया होता तो नतीजे बदल सकते थे। यही वजह है कि चुनाव में करारी शिकस्त के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम प्रत्याशियों पर हार का ठीकरा फोड़ा है।
21 मुस्लिमों को दिए थे टिकट, एक का नामांकन रद
बसपा ने हालिया चुनाव में 21 मुस्लिमों को टिकट दिया था, हालांकि बरेली में उसके प्रत्याशी इरशाद अंसारी का नामांकन रद होने की वजह से वह चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
बसपा ने हालिया चुनाव में 21 मुस्लिमों को टिकट दिया था, हालांकि बरेली में उसके प्रत्याशी इरशाद अंसारी का नामांकन रद होने की वजह से वह चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गए थे।
पार्टी ने अंबेडकरनगर से कमर हयात अंसारी, अमरोहा से मुजाहिद हुसैन, आंवला से आबिद अली, आजमगढ़ से मशहूद सबीहा अंसारी, बदायूं से मुस्लिम खां, डुमरियागंज से मोहम्मद नदीम, एटा से मोहम्मद इरफान, मुरादाबाद से इरफान सैफी, पीलीभीत से अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू, रामपुर से जीशान खां, सहारनपुर से माजिद अली, संभल से सौलत अली, संतकबीरनगर से नदीम अशरफ, श्रावस्ती से हाजी दद्दन खां, वाराणसी से अतहर जमाल लारी, फिरोजाबाद से चौधरी बशीर, गोरखपुर से जावेद सिमनानी, कन्नौज से इमरान बिन जफर, लखनऊ से सरवर मलिक और महराजगंज से मौसमे आलम को प्रत्याशी बनाया था। ये सभी मुस्लिमों का वोट पाने में नाकाम साबित हुए और पार्टी को इसका खमियाजा भुगतना पड़ा।
बड़े चेहरे भी नहीं जीत सके
पार्टी ने अपने जिन बड़े चेहरों को इस बार चुनाव में उतारा था, वे भी जीत की चौखट से दूर रहे। हरदोई में पूर्व एमएलसी बीआर अंबेडकर, जौनपुर में निवर्तमान सांसद श्याम सिंह यादव, पीलीभीत में पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां, सलेमपुर में बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर, घोसी से पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान, फिरोजाबाद के प्रत्याशी चौधरी बशीर, सीतापुर के प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव नहीं जीत सके।
पार्टी ने अपने जिन बड़े चेहरों को इस बार चुनाव में उतारा था, वे भी जीत की चौखट से दूर रहे। हरदोई में पूर्व एमएलसी बीआर अंबेडकर, जौनपुर में निवर्तमान सांसद श्याम सिंह यादव, पीलीभीत में पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां, सलेमपुर में बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भीम राजभर, घोसी से पूर्व सांसद बालकृष्ण चौहान, फिरोजाबाद के प्रत्याशी चौधरी बशीर, सीतापुर के प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव नहीं जीत सके।
इन सीटों पर मिले सर्वाधिक वोट
- बसपा को इस बार सबसे ज्यादा वोट गौतमबुद्धनगर सीट पर मिले हैं। पार्टी प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी ने 251615 वोट हासिल किए। इसके बाद बांदा के प्रत्याशी मयंक द्विवेदी को 245745 वोट मिले हैं।
- दो लाख से ज्यादा वोट पाने वालों में लालगंज की प्रत्याशी इंदु चौधरी, घोसी के प्रत्याशी बालकृष्ण चौहान, हाथरस के प्रत्याशी हेमबाबू धनगर, बिजनौर के प्रत्याशी विजेंद्र सिंह शामिल हैं।