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UP: वोटर हिंदुस्तानी... घर परिवार नेपाल में, लोकसभा चुनाव में सीमा पर दोहरी नागरिकता के मतदाता बनेंगे मुसीबत
Tue, 23 Apr 2024 08:54 AM IST
शाहरुख खान
अमित पांडेय, अमर उजाला, बहराइच
अमित पांडेय, अमर उजाला, बहराइच
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 23 Apr 2024 08:54 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव में नेपाल सीमा पर दोहरी नागरिकता के वोटर मुसीबत बनेंगे। चुनाव के मद्देनजर सीमा पर पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले से 110 किलोमीटर नेपाल की खुली सीमा लगती है।
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UP Lok Sabha Election 2024
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा चुनाव की बयार जिले में तेजी से बह रही है। पड़ोसी देश नेपाल में भी इसका पूरा असर है। जिले से नेपाल की करीब 110 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। रोटी-बेटी के संबंध में कारण यहां के लोगों के नेपाल से व्यापारिक के साथ पारिवारिक रिश्ते भी बनते हैं। इसी का फायदा उठाकर बड़ी संख्या में दोहरी नागरिकता वाले चुनावों के समय यहां मतदान के लिए पहुंचते हैं, जबकि उनका घर नेपाल में है और परिवार भी नेपाल में ही रहता है।
सिर्फ चुनाव में वापसी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सीमा से सटी रूपईडीहा नगर पंचायत में जो वोटर लिस्ट तैयार हुई है उसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो अब पूरी तरह से पड़ोसी देश नेपाल में बस चुके हैं। इन जुगाड़ू वोटरों को मतदान के लिए बूथ तक लाया जाता है। नेपाल में होने वाले चुनाव के दौरान भी कुछ ऐसा ही कार्य भारतीय क्षेत्र में रहने वालों का नाम नेपाल की वोटर लिस्ट में शामिल कर किया जाता है।
110 किलोमीटर लंबी खुली सीमा
बहराइच जिले से नेपाल की करीब 110 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगती है। नानपारा व मिपींपुरवा दो तहसील भी इस दायरे में आती हैं, जबकि रूपईडीहा, नवाबगंज, मोतीपुर, मूर्तिहा व सुजौली पांच थाना क्षेत्र भी नेपाल से जुड़े हैं। पूरे क्षेत्र में कई जगह एसएसबी के बैरियर हैं और पुलिस टीमें भी जांच करती हैं। इसके बावजूद जंगली व अन्य रास्तों से सीमा पार आवाजाही की कोशिश होती है।
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सीमा पर बिना पहचान पत्र के प्रवेश नहीं
नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के आने व जाने नहीं देती। चाहे नेपाल का व्यक्ति हो या फिर भारत का, उसे पहचान पत्र दिखाना पड़ता है। चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने इस समय सक्रियता और बढ़ा दी है। सोमवार को भी सीमा पर रूपईडीहा कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह के साथ पुलिस व एसएसबी टीम लगातार गश्त करती रही। सीमा से आने- जाने वालों की भी सघन जांच चलती रही।
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सिर्फ चुनाव में वापसी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सीमा से सटी रूपईडीहा नगर पंचायत में जो वोटर लिस्ट तैयार हुई है उसमें बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हैं जो अब पूरी तरह से पड़ोसी देश नेपाल में बस चुके हैं। इन जुगाड़ू वोटरों को मतदान के लिए बूथ तक लाया जाता है। नेपाल में होने वाले चुनाव के दौरान भी कुछ ऐसा ही कार्य भारतीय क्षेत्र में रहने वालों का नाम नेपाल की वोटर लिस्ट में शामिल कर किया जाता है।
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110 किलोमीटर लंबी खुली सीमा
बहराइच जिले से नेपाल की करीब 110 किलोमीटर लंबी खुली सीमा लगती है। नानपारा व मिपींपुरवा दो तहसील भी इस दायरे में आती हैं, जबकि रूपईडीहा, नवाबगंज, मोतीपुर, मूर्तिहा व सुजौली पांच थाना क्षेत्र भी नेपाल से जुड़े हैं। पूरे क्षेत्र में कई जगह एसएसबी के बैरियर हैं और पुलिस टीमें भी जांच करती हैं। इसके बावजूद जंगली व अन्य रास्तों से सीमा पार आवाजाही की कोशिश होती है।
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सीमा पर बिना पहचान पत्र के प्रवेश नहीं
नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी किसी भी व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के आने व जाने नहीं देती। चाहे नेपाल का व्यक्ति हो या फिर भारत का, उसे पहचान पत्र दिखाना पड़ता है। चुनाव के मद्देनजर पुलिस ने इस समय सक्रियता और बढ़ा दी है। सोमवार को भी सीमा पर रूपईडीहा कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह के साथ पुलिस व एसएसबी टीम लगातार गश्त करती रही। सीमा से आने- जाने वालों की भी सघन जांच चलती रही।
दोहरी नागरिकता पर नेपाल ने दिखाई है सख्ती
नेपाल में दोहरी नागरिकता लेने वालों पर सख्ती शुरू हुई है। 1997 की नागरिकता टोली में मिली अनियमितता के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने नवलपरासी में नेपाली नागरिकता देने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद वहां 400 नागरिकता रद्द कर दी गई थी। इसके लिए नेपाल में विशेष अभियान भी चल रहा है।
नेपाल सीमा से सटे क्षेत्रों में वोटर आईडी की गहनता से जांच चल रही है। यहां पर ऐसे लोगों की सक्रियता पर खास नजर रखी जा रही है जो दोहरी नागरिकता लेने के फिराक में रहते हैं। चुनाव में यदि किसी ने कोई गड़बड़ी करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाने के साथ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अश्विनी पांडेय, एसडीएम नानपारा