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यूपी: अंतरधार्मिक विवाह पंजीकरण कराने में हिन्दू-मुस्लिम आगे, हिन्दू-सिख दूसरे नंबर पर, देखें एक रिपोर्ट
Thu, 10 Sep 2026 05:09 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 10 Sep 2026 05:09 PM IST
सार
पंजीयन विभाग के मुताबिक अंतरधार्मिक विवाह में सबसे ज्यादा जोड़े हिन्दू-मुस्लिम के हैं। दूसरे नंबर पर हिन्दू-सिख हैं। गाजियाबाद अंतरधार्मिक विवाहों के मामले में सबसे आगे है।
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यूपी में अंतरधार्मिक विवाह।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
उत्तर प्रदेश में चालू वित्तीय वर्ष में विवाह पंजीकरण के दौरान 245 अंतरधार्मिक विवाह दर्ज किए गए हैं। एक अप्रैल से 26 अगस्त तक प्रदेश में कुल 40,122 विवाहों का पंजीकरण हुआ। इनमें 38,832 विवाह एक ही धर्म के जोड़ों के हैं, जबकि 1,045 पंजीकरण में पति-पत्नी के धर्म का विवरण दर्ज नहीं है। अंतरधार्मिक विवाह में सबसे ज्यादा जोड़े हिन्दू-मुस्लिम के हैं। दूसरे नंबर पर हिन्दू-सिख हैं।
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पंजीयन विभाग के मुताबिक गाजियाबाद अंतरधार्मिक विवाहों के मामले में सबसे आगे है। यहां 35 ऐसे विवाह पंजीकृत हुए हैं। इसके बाद लखनऊ में 24, मेरठ और गौतमबुद्धनगर में 21-21, जबकि आगरा में 19 अंतरधार्मिक विवाह दर्ज हुए। कानपुर नगर में 12, बदायूं में 11, बरेली में 10 और पीलीभीत में सात ऐसे विवाह हुए हैं।
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हिन्दू-मुस्लिम जोड़ी सबसे ज्यादा जिलों में दर्ज : विभाग के मुताबिक अंतरधार्मिक विवाहों के लिए धर्मों की जोड़ियां भी दर्ज की गई हैं। इसके मुताबिक सबसे ज्यादा विवाह पंजीकरण हिन्दू-मुस्लिम जोड़ियों (38) का हुआ है।
इसके बाद हिन्दू-सिख जोड़ी (37), हिन्दू-जैन जोड़ी (27) और हिन्दू-ईसाई जोड़ियां (12) हैं। हिन्दू-पारसी जोड़ी दो और ईसाई-सिख तथा मुस्लिम-सिख जोड़ी एक-एक दर्ज हुई है। दिलचस्प बात ये है कि एक भी जोड़ी ईसाई-मुस्लिम की नहीं है।
2.6% पंजीकरण में धर्म का विवरण उपलब्ध नहीं: कुल 40,122 पंजीकरणों में 38,832 यानी करीब 96.8 प्रतिशत विवाह एक ही धर्म में हुए हैं। इसके अलावा करीब 2.6 प्रतिशत पंजीकरण में धर्म का विवरण उपलब्ध नहीं है। अंतरधार्मिक विवाहों का हिस्सा एक प्रतिशत से भी कम है।
विवाह पंजीकरण कराने की होड़: विवाह का पंजीकरण दंपती के वैवाहिक रिश्ते का कानूनी प्रमाण है। यह पासपोर्ट, वीजा, बैंक और बीमा संबंधी काम, उत्तराधिकार, संपत्ति और अन्य कानूनी मामलों में उपयोगी होता है। विवाद की स्थिति में विवाह प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज के तौर पर काम करता है। इसी वजह से शहरी और शिक्षित वर्ग के साथ-साथ अब दूसरे जिलों में भी लोग विवाह के बाद पंजीकरण कराने पर जोर दे रहे हैं।
अंतरधार्मिक विवाह वाले प्रमुख जिले
| जिला | विवाह |
| गाजियाबाद | 35 |
| लखनऊ | 24 |
| मेरठ | 21 |
| गौतमबुद्धनगर | 21 |
| आगरा | 16 |
| कानपुर नगर | 12 |
| बदायूं | 11 |
| बरेली | 10 |
| पीलीभीीत | 07 |
| प्रयागराज | 06 |
ज्यादा पंजीकरण वाले जिले
| गाजियाबाद | 5873 |
| लखनऊ | 2766 |
| कानपुर नगर | 2326 |
| बरेली | 1904 |
| मेरठ | 1869 |
कम पंजीकरण वाले जिले
| बलरामपुर | 72 |
| चित्रकूट | 73 |
| कासगंज | 77 |
| सिद्धार्थनगर | 77 |
| श्रावस्ती | 15 |