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यूपी: अब प्रदेश में बेसमेंट में नहीं चल सकेंगे कोचिंग सेंटर और नर्सिंग होम, हर हाल में पूरे करने होंगे मानक

Wed, 24 Jun 2026 08:19 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 24 Jun 2026 08:19 AM IST
सार

Lucknow fire: लखनऊ अग्निकांड के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि प्रदेश में अब कोई कोचिंग सेंटर बेसमेंट से नहीं चल सकेगा। 

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UP: Coaching centers and nursing homes will no longer be allowed to operate in basements in the state
सीएम योगी का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी के अलीगंज में हुए अग्निकांड प्रदेश के लिए बड़ा सबक बताया है। कहा, इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके समुचित इंतजाम करें। उन्होंने मंगलवार को शासन के अधिकारियों के साथ बैठक में प्रदेश में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने हर जिले में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए।

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उन्होंने कहा कि अस्पतालों, नर्सिंग होमों, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराएं। जनजागरूकता के बाद ही कार्रवाई की जाए। किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। इसके लिए हर जिले में विशेष टीम गठित करें। सभी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण करें। व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त एनओसी परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
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आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां न हों

भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य में हो जिसके लिए उसे स्वीकृति दी गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए। निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए। उन्होंने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश देते हुए कहा कि जहां भार मानकों के विपरीत मिले अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल कार्रवाई करें।
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रिस्पांस टाइम भी परखा
सीएम ने घटना के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, डीजी अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एसडीआरएफ के अधिकारियों से घटना की सूचना मिलने के बाद किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। कहा, आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी होंगे। सभी एजेंसियां अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए कदम उठाएं तथा संसाधनों का अधिकतम उपयोग करें। बैठक में बताया गया कि राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। उन्होंने दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं सुविधाओं की आवश्यकता हो, उन्हें उपलब्ध कराने में विलंब न किया जाए।

दिन भरा बैठकों का दौर, नए सिरे से व्यवस्था बनाने की तैयारी

 अग्निकांड के बाद मंगलवार को दिनभर शक्तिभवन में बैठकों का दौर चलता रहा। अग्निकांड की स्थिति में ऊर्जा निगमों और सुरक्षा निगमों की जिम्मेदारी से जुड़ी पत्रावलियां तलाशी गई। अब नए सिरे से बचाव की रणनीति तैयार की जाएगी।

अलीगंज अग्निकांड की घटना के बाद पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डा. आशीष कुमार गोयल ने मध्यांचल व अन्य अधिकारियों से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। निगम से जुड़े अभियंताओँ से किस स्तर पर चूक हुई है, इसके बारे में भी लिखित रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ भी बैठक की। उनका पक्ष जाना। 

उपभोक्ता का लोड बढ़ाने की स्थिति में सुरक्षा निदेशालय को सूचना देने की व्यवस्था की भी जानकारी ली। सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे प्रदेश में सर्वे के लिए नए सिरे से व्यवस्था बनाई जाए। निदेशालय में कर्मचारियों की कमी के संबंध में भी शासन को पत्र लिखने का निर्देश दिया है। निदेशालय ने तय किया है कि विद्युत सुरक्षा से जुड़े प्रकरण को लेकर नए सिरे से जांच ही नहीं बल्कि मानकों को पूरा करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए चार टीमें गठित

अलीगंज अग्निकांड के बाद उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी भी नींद से जागे हैं। विभाग ने मंगलवार को चार सदस्यों वाली चार जांच कमेटियां गठित की हैं। ये टीमें बुधवार से जांच शुरू कर देंगी। इस दौरान जिस कोचिंग के मानक पूरे नहीं मिलेंगे उनका पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इस बारे में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहीं प्रो. सुमन ने बताया कि कमेटियों को एक सप्ताह में जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। इनमें विभिन्न महाविद्यालयों के प्रोफेसरों को शामिल किया गया है। ये टीमें उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 व केंद्र सरकार की ओर से जारी कोचिंग सेंटर गाइडलाइंस 2024 के मानकों को परखेंगी

अग्निकांड की वजह जानने के लिए जुटाए साक्ष्य

 अलीगंज सेक्टर-डी स्थित बिल्डिंग में सोमवार को हुए अग्निकांड मामले में मंगलवार की सुबह एसआईटी के पहुंचने से पहले फाॅरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। फॉरेंसिक टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। छानबीन में प्रथमदृष्टया शॉर्ट सर्किट से आग लगने के संकेत मिले हैं।

अग्निकांड मामले की विवेचना अलीगंज थाने के अतिरिक्त निरीक्षक को सौंपी गई है। पुलिस ने सोमवार को ही चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए हैं। छह नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इनमें भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला, एनिमेशन सेंटर के संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेटशॉप के मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, नेटवर्किंग का काम करने वाले सुरेश कुमार, धीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य शामिल हैं। इनमें चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया। वीरेंद्र के परिवार के धीरेंद्र और सुरेंद्र की तलाश में दो टीमें गठित की गई हैं। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

इन बिंदुओं पर चल रही है जांच
पुलिस भवन संचालन, अग्नि सुरक्षा उपायों, फायर एनओसी, बिजली कनेक्शन व अन्य अनुमतियों के बारे में जांच कर रही है। इसके लिए एलडीए, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत निदेशालय समेत अन्य विभागों से तकनीकी एवं अभिलेखीय रिपोर्ट मांगी गई है। सभी आरोपियों पर उनका उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। जेसीपी का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

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