यूपी उपचुनाव: सपा-कांग्रेस के बीच कल हो सकता है सीटों पर फैसला, प्रवक्ता ने कहा पर्चा दाखिल होने से फर्क नहीं
UP by-election: सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फैसला 23 अक्तूबर को हो सकता है। इस बीच कानपुर की सीसामऊ और फूलपुर की सीट पर सपा प्रत्याशी ने नामांकन कर दिए।
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सपा और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा बृहस्तपतिवार को फाइनल होने की उम्मीद है। सपा सूत्रों के मुताबिक, इस बारे में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत जारी है। सपा ने उपचुनाव में कांग्रेस को दो सीटें दी हैं, जबकि कांग्रेस इससे ज्यादा सीटें चाहती है।
इस पर सपा ने फूलपुर सीट भी कांग्रेस को देने पर सहमति जताई है। हालांकि, फूलपुर सीट पर बुधवार को सपा प्रत्याशी मुज्तबा सिद्दीकी ने पर्चा दाखिल कर दिया। इस बारे में सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि पर्चा दाखिल करने से कोई फर्क नहीं पड़ता। जो राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तय कर देंगे, वही मान्य होगा।
सपा दफ्तर के बाहर लगे सत्ताइस का सत्ताधीश पोस्टर
समाजवादी पार्टी के दफ्तर के बाहर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ सत्ताइस का सत्ताधीश पोस्टर लगाए गए हैं। इस पर राजनीति गरमा गई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया पर सपा अध्यक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हर चुनावी मोर्चे पर कांग्रेस के सामने झुकना अब उनकी राजनीति की स्थायी पहचान बन चुकी है। उन्हें मध्य प्रदेश चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ के बयान तो याद होंगे ही। वहीं समाजवादी मीडिया सेल के एक्स एकाउंट से भी केशव प्रसाद मौर्य पर तीखे हमले किए गए हैं।
केशव ने सत्ताइस का सत्ताधीश वाले पोस्टर ''अधजल गगरी छलकत जाए'' का कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि 2014 में मुख्यमंत्री रहते 60 से ज्यादा लोकसभा सीटें जीतने के दावों को जनता ने सिरे से नकार दिया था। 2017 में मुख्यमंत्री रहते 300 सीटें पाने का उनका दावा 47 पर अटक गया। 2022 में 400 सीटें पार करने का दावा भी बालू की दीवार की तरह ढह गया। उन्होंने कहा उप्र में भाजपा हरियाणा की तरह 2017 दोहराएगी।