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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Vivek murder case Wife Kalpana says "Even after fighting for eight years, I haven't received justice; what wi

विवेक हत्याकांड: पत्नी कल्पना बोली- आठ साल लड़ाई लड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिला, बच्चों से क्या कहूंगी?

Thu, 17 Sep 2026 10:15 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला, लखनऊ
अमर उजाला, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 17 Sep 2026 10:15 PM IST
सार

विवेक तिवारी हत्याकांड में अदालत के फैसले से पत्नी कल्पना संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आठ साल की कानूनी लड़ाई के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला और वह फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जाएंगी। उन्होंने दोनों आरोपियों के अलग-अलग फैसलों पर सवाल उठाए और लड़ाई जारी रखने की बात कही।

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Vivek murder case Wife Kalpana says "Even after fighting for eight years, I haven't received justice; what wi
विवेक हत्याकांड। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सत्र न्यायाधीश के फैसले से विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना संतुष्ट नहीं हैं। बृहस्पतिवार को वह भाई विष्णु के साथ कोर्ट में मौजूद थीं। कल्पना ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट हैं। आठ साल तक लड़ाई लड़ने के बाद भी न्याय नहीं मिलर। बच्चों को क्या जवाब दूंगी कि ऐसा फैसला आया है। कल्पना ने फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करने की बात कही।

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कल्पना ने कहा कि वह इस उम्मीद में थी कि दोनों आरोपियों को कम से कम आजीवन कारावास की सजा होगी। मेरे साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने दोनों फैसलों पर सवाल उठाया। कहा, हत्या के मामले में प्रशांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी बताया गया। 
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वहीं, उसके साथ मौजूद संदीप को बरी कर दिया गया। आखिर जब प्रशांत गोली चला रहा था तो संदीप ने क्या किया। उसने कोई कदम क्यों नहीं उठाया। कल्पना ने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता वह लड़ाई जारी रखेंगी।

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बिना आर्म्स ट्रेनिंग के प्रशांत को दी गई थी पिस्टल

इस मामले की मजिस्टीरियल जांच में प्रशांत चौधरी को ही मुख्य आरोपी बताया गया था। रिपोर्ट में सामने आया था कि प्रशांत को बिना आर्म्स ट्रेनिंग के ही पिस्टल जारी कर दी गई थी। इसको लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए थे। 

तत्कालीन अपर नगर मजिस्ट्रेट सलिल कुमार पटेल को विवेक तिवारी हत्याकांड की जांच 29 सितंबर को सौंपी गई थी। 15 फरवरी को अपर नगर मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। कुल 15 पन्नों की रिपोर्ट में कल्पना, घटना की चश्मदीद सना, दोनों आरोपियों और मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट में तब भी यही कहा गया था कि हत्या किसी साजिश के तहत नहीं की गई थी। प्रशांत ने अपने बयान में कहा था कि उसे पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण नहीं मिला था।

 

एसआईटी ने की थी जांच, फैसला आते ही बिलख पड़े आरोपी

मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी थी। लंबे समय तक पड़ताल के बाद एसआईटी ने आरोप पत्र दाखिल किया था। जेल में बंद संदीप को कुछ समय बाद जमानत मिल गई थी। उधर, बृहस्पतिवार को फैसला आते ही कोर्ट में मौजूद प्रशांत और संदीप बिलख पड़े। वहीं, कल्पना की आंखे भी भर आईं। वह मायूस हाेकर कोर्ट से भाई के साथ निकल गईं।

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