UP: भाजपा ने दो दर्जन से अधिक जिलाध्यक्षों की सूची रोकी, दबाव और विवाद के बीच कई जिलों में नहीं होगी घोषणा
UP BJP District President: यूपी भाजपा में कुछ ही देर में जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी जाएगी। लेकिन, सूची आए इससे पहले आपसी विवाद और राजनीतिक दबाव को देखते हुए दो दर्जन से अधिक जिलाध्यक्षों की सूची रोक लेने की खबर सामने आई है।
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करीब दो महीने के माथापच्ची के बाद तैयार की गई भाजपा के जिलाध्यक्षों की सूची कुछ ही देर में जिलेवार घोषित हो जाएगी। हालांकि आपसी विवाद और राजनीतिक दबाव को देखते हुए दो दर्जन से अधिक जिलों के अध्यक्षों की घोषणा रोक ली गई है। इस प्रकार भाजपा के संगठनात्मक 98 में से करीब 70 जिलों में ही घोषणा हो पाएगी।
प्रदेश के चुनाव अधिकारी डॉ. महेन्द्र नाथ पांडेय के निर्देश पर उन जिलों के चुनाव अधिकारी और प्रेक्षक संबंधित जिलों के लिए रवाना हो चुके है। जिला चुनाव अधिकारियों द्वारा रविवार को दोपहर दो बजे सभी जिलों में एक साथ जिलाध्यक्षों के नाम की घोषणा की जाएगी। इस मौके पर हर जिले में एक बड़ा नेता या मंत्री भी मौजूद रहेगा।
बता दें कि भाजपा संगठन के चुनाव की प्रक्रिया पिछले साल में शुरू हुआ था। उस समय मंडल अध्यक्षों का चुनाव दिसंबर और जिलाध्यक्षों का चुनाव जनवरी के अंत तक कराने की समय सीमा तय की गई थी। लेकिन मंडल अध्यक्षों का चुनाव ही जनवरी में संपन्न हो पाया।
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तमाम जिलों की सूची में शामिल नाम पर सवाल भी उठने लगे थे। साथ ही सूची पिछड़े, दलित और महिलाओं की भागीदारी की कमी रह गई थी। इस पर शीर्ष नेतृत्व ने आपत्ति जताई थी। ऐसे में प्रदेश स्तर पर संगठन मंत्री ने एक-एक सूची की गहनता से परीक्षण कर सभी विसंगितियों को दूर करके सूची तैयार कराई है।
हर स्तर से हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश चुनाव अधिकारी डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा है कि लखनऊ गाजियाबाद, जहां जिला और महानगर कार्यालय अलग-अलग हैं, को छोड़कर सभी जिलों में दोपहर दो बजे एक बैठक होगी। दो कार्यालय वाले जिलों में अलग-अलग कार्यक्रम होंगे।
सभी जिला पदाधिकारी, वरिष्ठ मोर्चा पदाधिकारी, जिले में रहने वाले राष्ट्रीय, प्रदेश व क्षेत्र के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष व जिला प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बैठक होगी। डॉ. पांडेय ने आदेश दिए हैं कि मौजूदा और पूर्व अध्यक्षों की उपस्थिति में ही घोषणा की जाए। प्रदेश स्तर पर खुद प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश चुनाव प्रभारी, महामंत्री संगठन प्रदेश स्तर से ऑनलाइन मॉनीटरिंग करेंगे। इसके लिए प्रदेश कार्यालय में एक टास्क सेंटर बनाया गया है। सभी जिला कार्यालयों में कैमरे लगाए गए हैं।
अयोध्या समेत कई जिलों में सूची पर रोक
भाजपा के संगठनात्मक नजरिए से प्रदेश के 98 जिलों में से एक दर्जन से अधिक जिलों के अध्यक्षों के नाम पर सहमति न बन पाने की वजह से इसे रविवार को जारी करने पर रोक लगा दिया गया है। इनमें अयोध्या, अंबेडकरनगर, सीतापुर, झांसी, मेरठ जिला समेत कई जिले शामिल हैं।
मेरठ जिलाध्यक्ष की सूची रोक लगी गई है, जबकि महानगर अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी। माना जा रहा है कि 80 से अधिक जिलों में ही सूची जारी की जाएगी इनमें पांच जिले तो वे हैं, जहां मंडलीय पदाधिकारियों का ही चुनाव नहीं हो सका था। इनमें अयोध्या नगर और ग्रामीण, कानपुर उत्तरी और लखीमपुर शामिल हैं।
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नए अध्यक्षों के पास पहले जाएगा फोन
नए जिला और शहर अध्यक्षों के नामों की घोषणा भले ही कार्यक्रम के दौरान होगी लेकिन नए अध्यक्षों को कार्यक्रम के पहले ही बता दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि प्रदेश भाजपा कार्यालय से लोगों को पहले ही फोन या व्हाट्सएप से सूचित कर दिया जाएगा। दरअसल, कार्यक्रम में नए और पुराने जिला व महानगर अध्यक्षों को मंच पर रहने के लिए कहा गया है।
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