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UP: माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई का चुनाव में नहीं दिखा असर, कायम रहा अंसारी परिवार का प्रभाव
Wed, 05 Jun 2024 01:16 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 05 Jun 2024 01:16 AM IST
सार
पूर्वांचल में माफिया मुख्तार अंसारी और उनके परिवार का असर गाजीपुर व आसपास की सीटों पर दशकों से रहा है। गाजीपुर में मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने दोबारा चुनाव जीत लिया है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
माफिया पर सख्त कार्रवाई करने और उसका चुनाव में जमकर प्रचार करने के बावजूद भाजपा को निराशा का सामना करना पड़ गया। जिन सीटों पर माफिया का दशकों से प्रभाव रहा, वहां पर सपा ने फतह हासिल कर भाजपा नेताओं के दावों की हवा निकाल दी। चुनाव प्रचार के दौरान माफिया पर सख्ती और बुलडोजर पॉलिसी को जनता ने सिरे से नकार दिया।
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बता दें कि पूर्वांचल में माफिया मुख्तार अंसारी और उनके परिवार का असर गाजीपुर व आसपास की सीटों पर दशकों से रहा है। गाजीपुर में मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने दोबारा चुनाव जीत लिया है। इससे संदेश गया कि मुख्तार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु को लेकर जनता के मन में आक्रोश है। वहीं पास की घोसी सीट पर भी सपा के राजीव राय ने जीत हासिल की है।
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इलाहाबाद को माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खौफ से मुक्त कराने की राज्य सरकार की कवायद भी चुनाव में रंग नहीं दिखा सकी। यह सीट कांग्रेस के खाते में चली गई, जहां उज्ज्वल रमण सिंह ने चुनाव जीता है। कानपुर में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बावजूद भाजपा को जीत के लिए खासा संघर्ष करना पड़ा। कानपुर में रमेश अवस्थी को बेहद कम अंतर से जीत हासिल हुई है।
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