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UP: दवा रिएक्शन के हर तीसरे मामले की वजह एंटीबायोटिक, पीजीआई में डॉक्टरों ने तैयार की की रिपोर्ट; जानें डिटेल
Sat, 17 Jan 2026 09:35 AM IST
आकाश द्विवेदी
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Sat, 17 Jan 2026 09:35 AM IST
सार
संजय गांधी पीजीआई की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दवा रिएक्शन के हर तीसरे मामले की वजह एंटीबायोटिक है। बिना डॉक्टर की सलाह दवाएं लेना खतरनाक साबित हो रहा है।
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
बिना डॉक्टर की सलाह लिए एंटीबायोटिक खाने की आदत के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रिएक्शन के कुल मामलों में हर तीसरा एंटीबायोटिक दवाओं का ही है। संजय गांधी पीजीआई में जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच दर्ज हुए दवा रिएक्शन के मामलों में यह तथ्य निकला है। यह रिपोर्ट संस्थान के अस्पताल प्रशासन विभाग ने तैयार की है।
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अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख प्रो. राजेश हर्षवर्धन, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. शालिनी त्रिवेदी, डॉ. अनमोल जैन, डॉ. वैष्णवी आनंद, डॉ. अक्षिता बंसल और डॉ. अंकित कुमार सिंह रिपोर्ट तैयार करने में शामिल रहे। साल भर के दौरान दवा रिएक्शन के कुल 213 मामले दर्ज किए गए।
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इनमें से 53 फीसदी पुरुष और 47 फीसदी महिलाओं के थे। कुल मामलों में से 31 फीसदी एंटीबायोटिक, 12 फीसदी सांस संबंधी रोगों और 10 फीसदी मामले कैंसर संबंधी दवाओं के हैं। दवाएं खाने के बाद करीब 35 फीसदी को शरीर पर दाने और चकत्ते पड़ने की समस्या हुई, जबकि 20 फीसदी रोगियों को पेट संबंधी समस्या हुई।
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उम्र के अनुसार दवा रिएक्शन के मामले
- एक साल से कम- 3
- एक से 10 वर्ष -22
- 10 से 20 वर्ष- 16
- 20 से 30 वर्ष - 49
- 30 से 40 वर्ष - 30
- 40 से 50 वर्ष- 31
- 50 से 60 वर्ष- 32
- 60 से 70 वर्ष - 18
- 70 से 80 वर्ष - 10
- 80 से 90 वर्ष- 2
डॉक्टरों ने ये कहा..
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू के प्रोफेसर डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि एंटीबायोटिक दवाओं का गलत इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य संकट बन रहा है। बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं खाने से रिएक्शन के साथ ही शरीर में उस दवा के खिलाफ प्रतिरोध क्षमता विकसित होने का भी खतरा होता है। गंभीर बीमार होने पर ऐसे मरीजों पर दवाएं काम नहीं करती हैं।
दवाओं के रिएक्शन से बचने के लिए ध्यान रखें
- हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही दवाएं लें
- डॉक्टर की बताई गई खुराक और अवधि का ही पालन करें
- देसी नुस्खों से बचें
- दवाओं के बारे में जानकारी रखें और उसके दुष्प्रभावों के बारे में डॉक्टर से पूछ लें
- एंटीबायोटिक्स का सेवन केवल डॉक्टर के बताने पर ही करें और पूरा कोर्स करें।
- डॉक्टर से मिलने पर खाई जा रही दवाओं की सूची साथ रखें
- दवाओं से एलर्जी की जानकारी स्पष्ट करें
- दवा की खुराक में बदलाव अपने आप न करें
- एक्सपायरी डेट वाली दवाओं का सेवन कभी न करें
- किडनी या लिवर जैसी समस्या होने पर अपने डॉक्टर को जानकारी जरूर दें
- गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें