यूपी: चुनाव के ठीक पहले अखिलेश का अयोध्या दौरा, राममंदिर से दूरी पर उठे ये सवाल; संतों ने दी तीखी प्रतिक्रिया
Akhilesh Ayodhya visit: अखिलेश यादव इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अयोध्या में रोड शो करने पहुंचे थे। उनका रोड शो नया घाट तक गया था। इस दौरान भी उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए थे
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अयोध्या से सियासी रिश्ता लगातार बना हुआ है, लेकिन रामलला के दर्शन को लेकर उनकी दूरी भी चर्चा में है। वर्ष 2022 से 2026 के बीच अयोध्या के उनके दौरों में रामलला के दर्शन नहीं करने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। ब़ृहस्पतिवार को अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय ‘पवन’ के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने अयोध्या पहुंचे, लेकिन राम मंदिर नहीं गए।
अखिलेश यादव कथा स्थल पर भगवान कृष्ण के जीवन में सामाजिक न्याय, समानता, प्रेम, दया और बंधुत्व का संदेश बताते रहे, लेकिन भागवत कथा के मंच से कृष्ण और न्याय की बात करने वाले अखिलेश का रामलला के दरबार तक नहीं पहुंचना संतों को खटक गया। संतों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव इससे पहले 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान अयोध्या में रोड शो करने पहुंचे थे। उनका रोड शो नया घाट तक गया था। इस दौरान भी उन्होंने रामलला के दर्शन नहीं किए थे। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी अखिलेश यादव फैजाबाद क्षेत्र में चुनावी कार्यक्रम में पहुंचे थे। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद भी रामलला के दर्शन को लेकर उनकी ओर से अलग रुख सामने आया। जनवरी 2024 में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के निमंत्रण के संदर्भ में अखिलेश ने कहा था कि समारोह के बाद दर्शन के लिए आएंगे। अब 2026 में एक बार फिर वह अयोध्या पहुंचे, लेकिन रामलला से दूरी बनाई।
अखिलेश और मुलायम कभी रामभक्त नहीं थे : गिरीश
महामंडलेश्वर गिरीश दास ने कहा कि अखिलेश और मुलायम कभी रामभक्त नहीं थे। आज से नहीं बल्कि आदि से इनकी परंपरा रही है, ये वे लोग हैं जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। इनकी श्रद्धा राम के प्रति नहीं है। जो राम का नहीं है वह किसी काम का नहीं है। अखिलेश ने अयोध्या आकर रामलला के दर्शन न कर एक बार फिर यह साबित किया है।
ऐसे कालनेमी हिंदू से सावधान रहने की जरूरत है : राजूदास
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के अयोध्या दौरे को लेकर हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि कुर्सी पर रहते हुए रामभक्तों पर गोली चलवाते हैं, सत्ता से बाहर रहते भागवत कथा में पहुंचते हैं। उन्होंने हिंदुओं से ऐसे लोगों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कहा कि ऐसे कालनेमी हिंदू से सावधान रहने की जरूरत है। ये सनातन धर्म व संस्कृति का अपमान करने वाले लोग हैं।
रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों को राममंदिर का वैभव स्वीकार नहीं
श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रामलला के दर्शन नहीं करने पर भाजपा नेताओं ने निशाना साधा। अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित कथा में शामिल होने पहुंचे थे।
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रामनगरी आने के बावजूद रामलला के दर्शन से दूरी बनाना अखिलेश यादव की अयोध्या के प्रति सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस राममंदिर के लिए करोड़ों रामभक्तों ने संघर्ष किया, वहां जाने से परहेज करना अयोध्या की आस्था से दूरी का संदेश देता है।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि रामसेवकों पर गोली चलवाने वाली राजनीति को अयोध्या का विकास और राममंदिर का वैभव आज भी स्वीकार नहीं है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि राममंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम है। महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि रामसेवकों पर गोली चलाने वालों को अयोध्या की जनता भूली नहीं है।