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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: After wolves, now elephants and leopards are becoming a terror for the district, three have died in just 2

यूपी: भेड़िए के बाद अब हाथी और तेंदुए बन रहे हैं इस जिले के लिए आतंक, 20 दिन में ही तीन की हो चुकी है मौत

Mon, 21 Oct 2024 09:14 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, बहराइच
अमर उजाला संवाद, बहराइच Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 21 Oct 2024 09:14 PM IST
सार

Terror of wolf in Bahraich: यूपी के इस जिले में एक साथ तीन वन्य जीवों का आतंक है। क्षेत्र के लोग घरों से बाहर निकलने में अब डर रहे हैं। यह जानवर जंगल को छोड़कर बस्ती की तरफ बढ़ चले हैं। 

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UP: After wolves, now elephants and leopards are becoming a terror for the district, three have died in just 2
बहराइच में जंगली जानवरों का आतंक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 551 वर्ग किलोमीटर में फैला कतनिर्याघाट वन्यजीव प्रभाग इन दिनों हिंसक जीवों के लिए छोटा पड़ने लगा है। हिंसक जीव तेजी से जंगल से बाहर निकल रहे हैं और मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ गई हैं। बीते 20 दिनों के भीतर बाघ, हाथी व तेंदुए के हमले में तीन लोगों की जान चली गई और कई घायल हुए। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में डर का माहौल है।

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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग अपनी मनोरम छटाओं व वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों को लेकर विश्व प्रसिद्ध है। कतनिर्याघाट में पाए जाने वाले बाघ, हाथी, तेंदुए, पाढ़ा, सांभर, गैंडा, मगरमच्छ, गैंडा आदि का दीदार करने के लिए देश के कोने-कोने से पर्यटक आते हैं। लेकिन बीते महीने से कतनिर्याघाट वन्यजीव प्रभाग क्षेत्र हिंसक जानवरों के हमले के कारण चर्चा में है। हिंसक जीव बाघ, हाथी व तेंदुओं ने बीते 20 दिन के भीतर तीन लोगों को काल के गाल में समाहित कर दिया है। वहीं लगातार आबादी क्षेत्र में इनकी दस्तक से लोगों में दहशत है।
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ग्रामीणों में वन्यजीवों की संख्या छिपाने की सुगबुगाहट
आबादी क्षेत्र में लगातार दस्तक दे रहे हिंसक जीवों को देखते हुए चर्चाओं का बाजार भी गर्म हो गया है। ग्रामीणों में चर्चा कि लगातार हिंसक जीव आबादी क्षेत्र में दस्तक दे रहे हैं जबकि वन विभाग जंगल में पर्याप्त भोजन व समुचित निवास स्थान होने का दावा कर रहा है। ऐसे में लग रहा है, कि वन विभाग आंकड़ों को कम बता रहा है। जंगल में बाघों की संख्या बढ़ी है और उन्हीं के डर से तेंदुए व अन्य जानवर जंगल से बाहर निकल रहे हैं।
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बाघों के हमले में मौत

UP: After wolves, now elephants and leopards are becoming a terror for the district, three have died in just 2
बाघ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

-26 फरवरी 2023 को कतर्नियाघाट रेंज के भरथापुर गांव निवासी छोटेलाल की मौत
-11 अप्रैल 2023 को मोतीपुर वन रेंज के ग्राम हंसुलिया निवासी रत्ती देवी की मौत
- 9 जून 2023 को कतर्नियाघाट वन रेंज में आंबा निवासी महफूज की मौत
-22 जून 2023 को ककरहा रेंज के उर्रा कल्लूपुरवा निवासी विनीता देवी की मौत
- 20 अक्तूबर को सुजौली रेंज के त्रिकोलीगौढ़ी निवासी किसान रत्तीराम की मौत

तेंदुआ के हमले में मौत

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तेंदुआ
-19 जनवरी 2024 को सुजौली रेंज के अयोध्यापुरवा निवासी आयशा की मौत
-1 मई 2024 को धर्मापुर रेंज के जलिहा निवासी शमा की मौत
-13 जून 2024 को धर्मापुर रेंज के धर्मापुर निवासी शाहिद की मौत
- 12 जुलाई 2024 को मोतीपुर रेंज के मनोहरपुरवा निवासी अरविंद कुमार की मौत
- 30 सितंबर को ककरहा रेंज के धरमपुर निवासी कन्हाईलाल की मौत

हाथियों के हमले से मौत

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अफ्रीकी हाथी शंकर - फोटो : X/Kirti Vardhan Singh
-11 जनवरी 2023 को कतर्नियाघाट रेंज के आंबा निवासी सुरेश कुमार की मौत
-18 जनवरी 2023 को कतर्नियाघाट रेंज के बिहारीपुरवा निवासी मैनेजर उर्फ राधेश्याम की मौत
- 26 फरवरी 2023 को कतर्नियाघाट रेंज के भरथापुर निवासी छोटेलाल की मौत
- 11 अक्तूबर 2024 को कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर निवासी मुबारक की मौत
 
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