संतों के अनशन का उद्धव ठाकरे ने किया समर्थन, जल्द आएंगे अयोध्या
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अयोध्या में चार दिन से अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास को गुरुवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का समर्थन हासिल हो गया। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महंत परमहंस दास से फोन पर बातकर उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को प्रणाम किया। साथ ही मंदिर निर्माण के लिए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। महंत परमहंस दास ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह शीघ्र ही अयोध्या आएंगे।
आज बड़ी संख्या में संत भी अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास के समर्थन में अयोध्या पहुंचे। संतों ने राममंदिर मामले पर एकजुटता दिखाते हुए मोदी तुमको आना होगा, मंदिर यहीं बनाना होगा.., जय श्रीराम.., रामलला सरकार की जय.., का उद्घोष करते हुए राममंदिर निर्माण की मांग बुलंद की।
संतों ने अनशन स्थल पर ही सभा कर परमहंस के अनशन को जायज ठहराया और प्रधानमंत्री को अयोध्या बुलाने के लिए पत्र भी लिखा। वहीं, अनशन को बड़ी संख्या में मिल रहे समर्थन ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के सांसद, नगर विधायक, महापौर परमहंस को मनाने का असफल प्रयास कर चुके हैं, हालांकि प्रशासनिक अमले ने अभी भी परमहंस से दूरी बनाए रखी है।
अनशन के चौथे दिवस श्रीराम अस्पताल से आई डॉक्टरों ने टीम ने उनका स्वास्थ्य जांचा। श्रीराम अस्पताल के डॉक्टर एसएन यादव ने बताया कि परमहंस की स्थिति सामान्य है, हालांकि उनका वजन दो किलो कम हो गया है।
अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वह प्रधानमंत्री बने तो कहा देश का सेवक हूं। उनके पास मस्जिद जाने का समय है, मगर अयोध्या आने का नहीं। कहा कि मेरे प्राण भले ही क्यों न चले जाएं लेकिन मैं डिगने वाला नहीं हूं। प्रभु राम के लिए मैं हजारों बार मरने को तैयार हूं। मोदी अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करें, हिंदुत्व का एक भी अंश उनमें होगा तो, वह रो पड़ेंगे।
मुस्लिम व सिख समुदाय ने दिया समर्थन
कोर्ट के आदेश के बगैर सरकार कुछ नहीं करेगी: वित्त मंत्री
रानोपाली उदासीन ऋषि आश्रम में गुरू पर्व महोत्सव में पहुंचे प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने महंत परमहंस दास के अनशन के सवाल पर कहा कि अनशन उनका विषय है। सरकार को सूचना है, सरकार अपना काम कर रही है। राममंदिर आस्था का विषय है। उस पर सुप्रीम कोर्ट भी 29 अक्टूबर से सुनवाई करने जा रही है। जब तक कोर्ट से कोई निर्णय नहीं होता तब तक सरकार कुछ नहीं कर सकती।