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सराफा कारोबारी को गोली मारने में दो बदमाश गिरफ्तार
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लखनऊ। सरोजनीनगर के बिजनौर इलाके के सरवननगर स्थित एसएस ज्वेलर्स के मालिक नरेंद्र कुमार यादव को दुकान में घुसकर गोली मारने के मामले में दो बदमाशों को पुलिस ने दबोच लिया है। पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस के सामने कुबूल किया है कि वे दुकान में लूट के इरादे से घुसे थे लेकिन नरेंद्र उनसे भिड़ गया, इसलिए उन्होंने गोली मार दी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो अवैध असलहे और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की है।
एसीपी कृष्णानगर स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, बुधवार देर रात पुलिस टीम बिजनौर इलाके में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि नादरगंज से आगरा एक्सप्रेस वे की तरफ दो बाइक सवार बदमाश जा रहे है। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे हड़बड़ाहट में फिसलकर गिर गए। इस दौरान पीछे बैठे बदमाश ने फायर भी किया लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने घेरकर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों में उन्नाव के पुरवा स्थित टीकरखुर्द का लल्लू रावत और दलीगढ़ी का आशीष चौरसिया उर्फ अंशू चौरसिया शामिल हैं। पुलिस ने पकड़ने के बाद पूछताछ शुरू की जिसमें दोनों ने कुबूल किया उन्होंने ही सराफा कारोबारी नरेंद्र यादव पर हमला किया था।
चार बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, पकड़े गए लल्लू रावत व आशीष चौरसिया ने बताया कि उनका चार लोगों का गिरोह है। गिरोह में दो अन्य सदस्य उन्नाव केमौरावां स्थित अकोहरी का रहने वाला धनराज लोध और भोलगंज कस्बा का अजय पटेल शामिल है। सभी बाइक से ज्वेलरी शॉप की रेकी करते हैं। इसके बाद दुकानों में लूटपाट करते थे। कई दिनों की रेकी के बाद 16 जून की शाम को सरवननगर के एसएस ज्वेलर्स में लूटपाट करने केइरादे से घुसे थे। दोनों ने बताया कि लल्लू रावत व धनराज लोध दुकान केअंदर असलहा लेकर घुसे थे। वहीं आशीष चौरसिया और अजय पटेल दुकान के बाहर कुछ दूरी पर बाइक से खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। लल्लू ने बताया कि जैसे ही दुकान के अंदर घुसा और असलहा निकालकर दुकान मालिक को धमकाने की कोशिश की। इसी बीच दुकान मालिक उलझ गया। उसने कुर्सी उठाकर हमला कर दिया। हड़बड़ाहट में भागते समय नरेंद्र पर फायर झोंक दिया जिससे वह घायल हो गया।
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उन्नाव में हुई मुठभेड़ में पकड़े गए दो साथी
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अजय पटेल और धनराज लोध कुछ दिन पहले उन्नाव में पकड़ लिए गए थे। वहां भी चारों सराफा कारोबारी को लूटने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस से मुठभेड़ हो गई जहां धनराज व अजय पकड़े गए। लेकिन लल्लू और आशीष भाग निकले। इसके पहले वे लोग कई वारदात उन्नाव में भी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, लल्लू रावत के खिलाफ लखनऊ और उन्नाव में सात हत्या के प्रयास व लूट के केस दर्ज हैं। वहीं आशीष चौरसिया पर लखनऊ के बंथरा, सरोजनीनगर के अलावा उन्नाव के बिहार, मौरावां थाने में 9 केस दर्ज हैं। आरोपियों को दबोचने में एसआई क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार , वैभव सिंह, दिनकर वर्मा, सुनील कुमार, गोविंद कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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एसीपी कृष्णानगर स्वतंत्र सिंह के मुताबिक, बुधवार देर रात पुलिस टीम बिजनौर इलाके में वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली कि नादरगंज से आगरा एक्सप्रेस वे की तरफ दो बाइक सवार बदमाश जा रहे है। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे हड़बड़ाहट में फिसलकर गिर गए। इस दौरान पीछे बैठे बदमाश ने फायर भी किया लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने घेरकर उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों में उन्नाव के पुरवा स्थित टीकरखुर्द का लल्लू रावत और दलीगढ़ी का आशीष चौरसिया उर्फ अंशू चौरसिया शामिल हैं। पुलिस ने पकड़ने के बाद पूछताछ शुरू की जिसमें दोनों ने कुबूल किया उन्होंने ही सराफा कारोबारी नरेंद्र यादव पर हमला किया था।
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चार बदमाशों ने दिया था वारदात को अंजाम
प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर महेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक, पकड़े गए लल्लू रावत व आशीष चौरसिया ने बताया कि उनका चार लोगों का गिरोह है। गिरोह में दो अन्य सदस्य उन्नाव केमौरावां स्थित अकोहरी का रहने वाला धनराज लोध और भोलगंज कस्बा का अजय पटेल शामिल है। सभी बाइक से ज्वेलरी शॉप की रेकी करते हैं। इसके बाद दुकानों में लूटपाट करते थे। कई दिनों की रेकी के बाद 16 जून की शाम को सरवननगर के एसएस ज्वेलर्स में लूटपाट करने केइरादे से घुसे थे। दोनों ने बताया कि लल्लू रावत व धनराज लोध दुकान केअंदर असलहा लेकर घुसे थे। वहीं आशीष चौरसिया और अजय पटेल दुकान के बाहर कुछ दूरी पर बाइक से खड़े होकर निगरानी कर रहे थे। लल्लू ने बताया कि जैसे ही दुकान के अंदर घुसा और असलहा निकालकर दुकान मालिक को धमकाने की कोशिश की। इसी बीच दुकान मालिक उलझ गया। उसने कुर्सी उठाकर हमला कर दिया। हड़बड़ाहट में भागते समय नरेंद्र पर फायर झोंक दिया जिससे वह घायल हो गया।
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उन्नाव में हुई मुठभेड़ में पकड़े गए दो साथी
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अजय पटेल और धनराज लोध कुछ दिन पहले उन्नाव में पकड़ लिए गए थे। वहां भी चारों सराफा कारोबारी को लूटने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस से मुठभेड़ हो गई जहां धनराज व अजय पकड़े गए। लेकिन लल्लू और आशीष भाग निकले। इसके पहले वे लोग कई वारदात उन्नाव में भी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, लल्लू रावत के खिलाफ लखनऊ और उन्नाव में सात हत्या के प्रयास व लूट के केस दर्ज हैं। वहीं आशीष चौरसिया पर लखनऊ के बंथरा, सरोजनीनगर के अलावा उन्नाव के बिहार, मौरावां थाने में 9 केस दर्ज हैं। आरोपियों को दबोचने में एसआई क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार , वैभव सिंह, दिनकर वर्मा, सुनील कुमार, गोविंद कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।