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Lucknow News: चुनाव में खपाने ले जा रहे थे शराब, दो आरोपी गिरफ्तार
Fri, 25 Jul 2025 02:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 25 Jul 2025 02:13 AM IST
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पकड़ी गई 162 पेटी अंग्रेजी शराब।
लखनऊ। राजस्थान से शराब की तस्करी कर बिहार चुनाव में खपाने ले जा रहे दो आरोपियों को पीजीआई पुलिस ने बुधवार रात एक बजे डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कूटरचित नंबर प्लेट लगी पिकअप व 18 लाख रुपये की 162 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई है।
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के जयपुर का रहने वाला सोनू बागरिया और सीताराम बागरिया है। बुधवार रात करीब एक बजे पीजीआई पुलिस और सर्विलांस टीम को सूचना मिली थी कि डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास किसान पथ की सर्विस लाइन पर शराब लदी पिकअप खड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस को पिकअप में सोनू और सीताराम बैठे मिले। तलाशी लेने पर पुलिस को पिकअप में कैरट से बने कैबिनेट पड़े मिले, जिसके नीचे शराब छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पिकअप के साथ गिरफ्तार कर लिया।
प्रति व्यक्ति मिलते थे सात हजार रुपये
जांच में पुलिस को पता चला कि पिकअप में नंबर प्लेट फर्जी था, जिसका रजिस्ट्रेशन टोंग निवासी प्रधान के नाम पर था। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जयपुर निवासी कमल शरण उन्हें तस्करी के लिए शराब और गाड़ी देता है। इसके लिए वह हर चक्कर पर प्रति व्यक्ति सात हजार रुपये देता है। पिछले आठ माह से वे अलग-अलग गाड़ियों में शराब की पेटियां लादकर जयपुर से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते बिहार के हाजीपुर पहुंचा रहे थे।
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अधिक दाम पर शराब बेचते हैं आरोपी
तस्करी के आरोपियों ने बताया कि शराब की तस्करी से पहले उसकी बोतल में लिखी एमआरपी मिटा दी जाती है। बिहार में शराबबंदी के कारण वहां तस्करी की गई शराब एजेंट तीन गुना दाम पर बेचते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस टीम आरोपी कमल शरण, लालूराम व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। तस्करी के आरोपियों को पकड़ने में शामिल पुलिस टीम को डीसीपी ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी राजस्थान के जयपुर का रहने वाला सोनू बागरिया और सीताराम बागरिया है। बुधवार रात करीब एक बजे पीजीआई पुलिस और सर्विलांस टीम को सूचना मिली थी कि डलौना रेलवे क्रॉसिंग के पास किसान पथ की सर्विस लाइन पर शराब लदी पिकअप खड़ी है। मौके पर पहुंची पुलिस को पिकअप में सोनू और सीताराम बैठे मिले। तलाशी लेने पर पुलिस को पिकअप में कैरट से बने कैबिनेट पड़े मिले, जिसके नीचे शराब छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पिकअप के साथ गिरफ्तार कर लिया।
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प्रति व्यक्ति मिलते थे सात हजार रुपये
जांच में पुलिस को पता चला कि पिकअप में नंबर प्लेट फर्जी था, जिसका रजिस्ट्रेशन टोंग निवासी प्रधान के नाम पर था। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जयपुर निवासी कमल शरण उन्हें तस्करी के लिए शराब और गाड़ी देता है। इसके लिए वह हर चक्कर पर प्रति व्यक्ति सात हजार रुपये देता है। पिछले आठ माह से वे अलग-अलग गाड़ियों में शराब की पेटियां लादकर जयपुर से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते बिहार के हाजीपुर पहुंचा रहे थे।
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अधिक दाम पर शराब बेचते हैं आरोपी
तस्करी के आरोपियों ने बताया कि शराब की तस्करी से पहले उसकी बोतल में लिखी एमआरपी मिटा दी जाती है। बिहार में शराबबंदी के कारण वहां तस्करी की गई शराब एजेंट तीन गुना दाम पर बेचते हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस टीम आरोपी कमल शरण, लालूराम व अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। तस्करी के आरोपियों को पकड़ने में शामिल पुलिस टीम को डीसीपी ने दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।

पकड़ी गई 162 पेटी अंग्रेजी शराब।