तेजस एक्सप्रेस के टिकटों की बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी अलग व्यवस्था बनाएगा। इसमें सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) या रेलवे की भूमिका नहीं होगी। इसे पूरी तरह से आईआरसीटीसी ऑपरेट करेगा। अलग व्यवस्था के लिए आईआरसीटीसी को एक साल का समय दिया गया है।
दरअसल, देश की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस को सितंबर में नवरात्र से लखनऊ व दिल्ली के बीच चलाने की तैयारी है। इसे लेकर रेलवे बोर्ड व आईआरसीटीसी के अधिकारी जोरशोर से तैयारियां पूरी करने में लगे हैं। टिकटों की दर जल्द फाइनल किए जाने की उम्मीद है। बता दें कि रेलवे टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट से होती है।
इस वेबसाइट का फ्रंट इंड आईआरसीटीसी हैंडल करता है, जबकि तकनीक से जुड़ा काम क्रिस देखता है। यह एक डवलपर की तरह है, लेकिन तेजस एक्सप्रेस के लिए आईआरसीटीसी जल्द ही अपना अलग टिकटिंग सिस्टम विकसित करेगा। इसमें क्रिस की भागीदारी नहीं होगी। फिलहाल तो मौजूदा व्यवस्था के तहत ही आईआरसीटीसी तेजस के टिकटों की बुकिंग करेगा।
अधिकारी बताते हैं कि क्रिस की भूमिका धीरे-धीरे खत्म हो रही है। दूसरे, आईआरसीटीसी भारत दर्शन, बौद्ध सर्किट, महाराजा एक्सप्रेस, हेरिटेज ट्रेन आदि के टिकट आईआरसीटीसी टूरिज्म डॉट कॉम से बुक करती है। इस वेबसाइट पर क्रूज व विमानों के लिए भी टिकटिंग उपलब्ध है। ऐसे में तेजस एक्सप्रेस के लिए भी आईआरसीटीसी इस वेबसाइट पर टिकटिंग सिस्टम उपलब्ध करा सकती है। इसमें क्रिस या रेलवे का कोई रोल नहीं होगा।
स्टेशन पर बनेंगे काउंटर
तेजस एक्सप्रेस के टिकटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ स्टेशन पर भी टिकट काउंटर रहेंगे। इसमें करंट काउंटर भी होगा, जहां ट्रेन में सीटें बच जाने के बाद बुकिंग हो सकेगी। जबकि बोगियों में हैंड हेल्ड मशीनों के जरिए यात्रियों के टिकट व उनकी आईडी जांची जाएगी।