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Lucknow News: तीन पैथोलॉजिस्ट तैनात, फिर भी जांच को भटकते मरीज
Wed, 01 Mar 2023 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 01 Mar 2023 12:41 AM IST
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रायबरेली। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में मरीजों को ठगा जा रहा है। यहां तीन एमडी पैथोलॉजिस्ट तैनात हैं, लेकिन 60 से अधिक ब्लड की जांचें ठप हैं। माइक्रोबायोलॉजी जांच भी नहीं हो रही है। जरूरी जांचों के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटर का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन इस मनमानी को रोक पाने में नाकाम साबित हो रहा है।
जिला पुरुष अस्पताल में रोजाना करीब दो हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को ब्लड की जांच कराने की सलाह दी जाती है। जिला अस्पताल में ब्लड से संबंधित सभी जांचें फ्री हैं। पूर्व में पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण जांचें प्रभावित थीं। अब तीन पैथोलॉजिस्ट डॉ. श्वेता, डॉ. हेमा गुप्ता व डॉ. सुजाता तैनात हैं लेकिन पैथोलॉजी में सभी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
जिला अस्पताल में ब्लड समेत 100 जांचें फ्री होनी चाहिए लेकिन वर्तमान समय में महज 40 प्रकार की जांचें ही हो पा रही हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनकी जेबें भी हल्की हो रही हैं।
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इन जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी का ही सहारा
जिला अस्पताल में माइक्रो बायोलॉजिस्ट तैनात होने के बाद भी माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी की कल्चर व सेंसिविटी की जांचें नहीं हो रही हैं। इसके अलावा यूरिन सेंसिविटी, स्टूल, यूरिन कल्चर, सीपीके-एमबी, ग्लूकोज सीएसएफ, कॉपर, ब्लड कल्चर, थॉइराइड, स्किन डिजीज जांच, ब्रेन पानी सहित करीब 60 जांचें नहीं हो रही हैं। इन जांचों के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
मनमानी की हद, दूसरे दिन मिलती रिपोर्ट
सैंपल देने के बाद दो घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जानी चाहिए, लेकिन पैथोलॉजी व ब्लड बैंक में तैनात डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीजों को दूसरे दिन जांच रिपोर्ट मिल पाती है। ऐसे में इलाज शुरू होने में देरी होती है। वहीं मरीजों को अस्पताल के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मांगा जाएगा जवाब
शासन से तय सभी प्रकार की ब्लड जांचें पैथोलॉजी में करने के आदेश हैं। पर्याप्त पैथोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। यदि सभी जांचें नहीं रही हैं तो संबंधितों से जवाब मांगकर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएम जिला अस्पताल
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जिला पुरुष अस्पताल में रोजाना करीब दो हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इनमें से ज्यादातर मरीजों को ब्लड की जांच कराने की सलाह दी जाती है। जिला अस्पताल में ब्लड से संबंधित सभी जांचें फ्री हैं। पूर्व में पैथोलॉजिस्ट न होने के कारण जांचें प्रभावित थीं। अब तीन पैथोलॉजिस्ट डॉ. श्वेता, डॉ. हेमा गुप्ता व डॉ. सुजाता तैनात हैं लेकिन पैथोलॉजी में सभी जांचें नहीं हो पा रही हैं।
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जिला अस्पताल में ब्लड समेत 100 जांचें फ्री होनी चाहिए लेकिन वर्तमान समय में महज 40 प्रकार की जांचें ही हो पा रही हैं। ऐसी स्थिति में मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनकी जेबें भी हल्की हो रही हैं।
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इन जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी का ही सहारा
जिला अस्पताल में माइक्रो बायोलॉजिस्ट तैनात होने के बाद भी माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी की कल्चर व सेंसिविटी की जांचें नहीं हो रही हैं। इसके अलावा यूरिन सेंसिविटी, स्टूल, यूरिन कल्चर, सीपीके-एमबी, ग्लूकोज सीएसएफ, कॉपर, ब्लड कल्चर, थॉइराइड, स्किन डिजीज जांच, ब्रेन पानी सहित करीब 60 जांचें नहीं हो रही हैं। इन जांचों के लिए मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है।
मनमानी की हद, दूसरे दिन मिलती रिपोर्ट
सैंपल देने के बाद दो घंटे में जांच रिपोर्ट मिल जानी चाहिए, लेकिन पैथोलॉजी व ब्लड बैंक में तैनात डॉक्टरों की मनमानी के कारण मरीजों को दूसरे दिन जांच रिपोर्ट मिल पाती है। ऐसे में इलाज शुरू होने में देरी होती है। वहीं मरीजों को अस्पताल के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
मांगा जाएगा जवाब
शासन से तय सभी प्रकार की ब्लड जांचें पैथोलॉजी में करने के आदेश हैं। पर्याप्त पैथोलॉजिस्ट भी तैनात हैं। यदि सभी जांचें नहीं रही हैं तो संबंधितों से जवाब मांगकर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएम जिला अस्पताल