{"_id":"6a876bb3cc72218e15056213","slug":"the-staging-of-the-play-ghar-ki-murgi-dal-barabar-imparted-a-valuable-lesson-lucknow-news-c-13-1-lko1028-1884529-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख
विज्ञापन
नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख
लखनऊ। पत्नी वही थी, बस अंदाज बदल गया तो पति की नजर भी बदल गई। आधुनिक पहनावे और तौर-तरीकों के आकर्षण में अपनी ही पत्नी की सादगी को कमतर आंकने वाले पति को जब उसी पत्नी ने नए रूप में आईना दिखाया तो उसके होश उड़ गए। दांपत्य रिश्तों में सम्मान और भावनाओं की अहमियत को हास्य के जरिए सामने लाता नाटक ‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ बृहस्पतिवार को राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में मंचित हुआ।
संस्कृति निदेशालय और बिंब सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में सरिता कपूर के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक में रामजी और सरिता की कहानी दिखाई गई। रामजी आधुनिक परिवेश और वेशभूषा को आवश्यक मानते हैं। शिक्षित होने के बावजूद सरिता साधारण भारतीय परिवेश के अनुरूप रहने वाली गृहिणी है। रामजी पत्नी की साड़ी और लंबी चोटी पर कटाक्ष करते हैं और आधुनिकता को अधिक पसंद करते हैं। रामजी को सबक सिखाने के लिए सरिता के दोस्त एक योजना बनाते हैं।
अंत में रामजी को समझाते हैं कि पत्नी को ‘घर की मुर्गी’ समझकर उसकी भावनाओं और अस्तित्व को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रिश्ते में सम्मान और भावनाओं की कद्र जरूरी है। नाटक में उज्ज्वल सिंह, शालू तिवारी, आनंद तिवारी और प्रियांशी ने शानदार अभिनय किया। नाटक के लेखक राम किशोर नाग हैं। महर्षि कपूर का विशेष सहयोग रहा। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्कृति निदेशालय और बिंब सांस्कृतिक समिति के तत्वावधान में सरिता कपूर के निर्देशन में प्रस्तुत नाटक में रामजी और सरिता की कहानी दिखाई गई। रामजी आधुनिक परिवेश और वेशभूषा को आवश्यक मानते हैं। शिक्षित होने के बावजूद सरिता साधारण भारतीय परिवेश के अनुरूप रहने वाली गृहिणी है। रामजी पत्नी की साड़ी और लंबी चोटी पर कटाक्ष करते हैं और आधुनिकता को अधिक पसंद करते हैं। रामजी को सबक सिखाने के लिए सरिता के दोस्त एक योजना बनाते हैं।
विज्ञापन
अंत में रामजी को समझाते हैं कि पत्नी को ‘घर की मुर्गी’ समझकर उसकी भावनाओं और अस्तित्व को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रिश्ते में सम्मान और भावनाओं की कद्र जरूरी है। नाटक में उज्ज्वल सिंह, शालू तिवारी, आनंद तिवारी और प्रियांशी ने शानदार अभिनय किया। नाटक के लेखक राम किशोर नाग हैं। महर्षि कपूर का विशेष सहयोग रहा। (संवाद)

नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख

नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख

नाटक घर की मुर्गी दाल बराबर के मंचन ने दी सीख
विज्ञापन