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Lucknow News: शाही परिवार ने रायबरेली में सिर्फ राजनीति की, काम मोदी ने किया
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रायबरेली। शहर से सटे मुंशीगंज में 823 करोड़ की लागत से बना एम्स रविवार को जनता का समर्पित हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के राजकोट से वर्चुअल माध्यम से एम्स का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपी के रायबरेली को एम्स की गारंटी दी थी। पांच साल पहले इसका शिलान्यास किया था और आज लोकार्पण कर गारंटी पूरी की। प्रधानमंत्री ने कहा कि शाही परिवार ने रायबरेली में सिर्फ राजनीति की। काम मोदी ने किया। प्रधानमंत्री का भाषण सुन एम्स स्थित कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
एम्स में लोकार्पण व शिलान्यास का भव्य आयोजन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तय कार्यक्रम से करीब पांच मिनट पहले ही आ गए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रो. एसपी बघेल, केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु, उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक अदिति सिंह, अशोक कोरी, उमेश द्विवेदी, एम्स के अध्यक्ष एके सिंह, निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी की मौजूदगी में एम्स के लोकार्पण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रधानमंत्री ने देश के अन्य एम्स सहित रायबरेली के एम्स का भी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया।
44.50 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास
फोटो संख्या 33
एम्स में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 44.50 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 100 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्राे. एसपी बघेल ने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने के बाद गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। जल्द ही काम पूरा कराया जाएगा।
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प्रदेश की 18 मोबाइल लैब को जांच के लिए किया रवाना
फोटो संख्या 34
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेश के 18 मंडलों को दी गईं मोबाइल लैब वैन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि ये मोबाइल लैब गांव-गांव पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मुहैया कराएंगी। इन लैब में मौके पर ही नमूनों की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ और मेरठ में माइक्रोलॉजी लैब से खाद्य पदार्थों की अब बारीकी से जांच हो सकेगी। इसके लिए नमूनों को जांच के लिए बाहर नहीं भेजना होगा।
एम्स को दिए 32 रेजीडेंट डॉक्टर, मेडिकोलीगल को मान्यता
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एम्स की मांग पर प्रदेश सरकार की ओर से एम्स को 32 रेजीडेंट डॉक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें 26 डॉक्टरों ने एम्स में आकर जॉइन कर लिया है। एम्स में मेडिकोलीगल को भी मान्यता दे दी गई है। जल्द ही काम शुरू होगा।
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एम्स में लोकार्पण व शिलान्यास का भव्य आयोजन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तय कार्यक्रम से करीब पांच मिनट पहले ही आ गए। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री प्रो. एसपी बघेल, केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी, प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, जिले की प्रभारी मंत्री प्रतिभा शुक्ला, आयुष एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु, उद्यान राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, सदर विधायक अदिति सिंह, अशोक कोरी, उमेश द्विवेदी, एम्स के अध्यक्ष एके सिंह, निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी की मौजूदगी में एम्स के लोकार्पण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रधानमंत्री ने देश के अन्य एम्स सहित रायबरेली के एम्स का भी वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया।
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44.50 करोड़ के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास
फोटो संख्या 33
एम्स में भर्ती होने वाले गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 44.50 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले 100 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास भी वर्चुअल माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्राे. एसपी बघेल ने कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनने के बाद गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। जल्द ही काम पूरा कराया जाएगा।
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प्रदेश की 18 मोबाइल लैब को जांच के लिए किया रवाना
फोटो संख्या 34
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से प्रदेश के 18 मंडलों को दी गईं मोबाइल लैब वैन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि ये मोबाइल लैब गांव-गांव पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच कर लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ मुहैया कराएंगी। इन लैब में मौके पर ही नमूनों की जांच रिपोर्ट आ जाएगी। उन्होंने बताया कि लखनऊ और मेरठ में माइक्रोलॉजी लैब से खाद्य पदार्थों की अब बारीकी से जांच हो सकेगी। इसके लिए नमूनों को जांच के लिए बाहर नहीं भेजना होगा।
एम्स को दिए 32 रेजीडेंट डॉक्टर, मेडिकोलीगल को मान्यता
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एम्स की मांग पर प्रदेश सरकार की ओर से एम्स को 32 रेजीडेंट डॉक्टर उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें 26 डॉक्टरों ने एम्स में आकर जॉइन कर लिया है। एम्स में मेडिकोलीगल को भी मान्यता दे दी गई है। जल्द ही काम शुरू होगा।