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Lucknow News: ईद के लिए सजे बाजार पर भी गैस संकट की साया

Wed, 18 Mar 2026 02:44 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2026 02:44 AM IST
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The gas crisis casts a shadow over the markets set up for Eid.
पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।
लखनऊ। ईद नजदीक आने के साथ ही चौक, अमीनाबाद, डालीगंज, खुर्रमनगर, डंडइया, आलमबाग, इंदिरानगर, गोमतीनगर आदि बाजार तरह-तरह की सेवइयों से सज गए हैं, लेकिन बिक्री अभी धीमी चल रही है। गैस किल्लत से जूझ रहे लोग फिलहाल उसकी जुगत में हैं। चांद रात वाले दिन बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
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दुकानदारों ने बताया कि आमतौर पर अलविदा जुमे के बाद सेवइयों की खरीदारी में तेजी आती है, लेकिन इस बार बाजार की रफ्तार कुछ धीमी है, जो छुटपुट ग्राहक आ रहे हैं, वे बनारस की कच्ची और लच्छेदार सेवई, किमामी के लिए महीन और भुनी सेवई, इलाहाबाद की महीन भूनी सेवई और लखनऊ की मीडियम व महीन सेवई को पसंद कर रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार कच्चे माल और अन्य खर्च बढ़ने के कारण सेवइयों के दाम पिछले साल की तुलना में प्रति किलो 10 से 30 रुपये तक बढ़ गए हैं।
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Iईद से पहले सेवइयों की बिक्री हर साल बढ़ती है, लेकिन गैस की किल्लत और महंगाई का असर दिख रहा है। फिलहाल बनारसी कच्ची, लच्छेदार और किमामी के लिए महीन सेवई की मांग है।
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I- मोहम्मद लतीफ, दुकानदार
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Iग्राहक अब ब्रांड और क्वालिटी देखकर सेवई खरीद रहे हैं। इलाहाबाद की महीन भुनी और लखनऊ की मीडियम सेवई पसंद किए जा रहे हैं। चांद रात के बाद बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
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I- बाबूलाल, दुकानदार
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Iईद पर सेवई बनाना जरूरी होता है, इसलिए थोड़ी महंगी होने के बावजूद अच्छी क्वालिटी की सेवई खरीद रहे हैं। जो सेवई पहले 80 रुपये थी, वह अब 100 से 110 रुपये में मिल रही है।
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I- रिजवाना, खदरा
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Iघर में किमामी और दूध वाली सेवई दोनों बनती हैं, इसलिए महीन और मीडियम दोनों तरह की सेवई लानी है, लेकिन अगर गैस नहीं मिली तो ईद की मिठास फीकी हो जाएगी।

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I- फरीन, अबरार नगरI

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

पुराने लखनऊ में सेवईं बनाते कारीगर।

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