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Lucknow News: होनहारों के हुनर को मिली पहचान, मिला अनुदान
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होनहारों को मिला सम्मान।
लखनऊ। उप्र में इंजीनियरिंग (बीटेक) अंतिम वर्ष में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के नवाचारों, स्थानीय और पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान आधारित कुछ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स को उप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से शनिवार को अनुदान दिया गया। अंतिम राउंड में हिस्सा ले रहे विद्यार्थियों ने महिला सुरक्षा, मानव तस्करी, एआई और जीपीएस नेविगेशन से संबंधित एक से बढ़कर एक नवाचारों का प्रदर्शन किया।
ऐसे किया गया चयन
उप्र के तकनीकी विश्वविद्यालयों व तकनीकी काॅलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अनूठे समाधान परक नवाचारों, मौलिक विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए अभियांत्रिकी विद्यार्थी प्रोजेक्ट अनुदान योजना-2025 के तहत परिषद पोर्टल के जरिये कुल 560 प्रोजेक्ट्स मिले थे। जिनका मूल्यांकन प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों के समिति द्वारा किया गया। प्रथम चरण में मूल्यांकन के बाद 60 प्रोजेक्ट को अनुदान के लिए चुना गया।
- दूसरे चरण में शनिवार को उप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के परिसर में इन चयनित 60 प्रोजेक्ट के अंतिम रूप से प्रदर्शन, मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रोजेक्ट्स की नवीनता और उपयोगिता के आधार पर नौ सदस्यीय मूल्यांकन समिति ने अंतिम चयन किया।
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इनके अनूठे नवाचारों को मिला अनुदान
सभी 60 प्रोजेक्ट्स के प्रदर्शन और मूल्यांकन के बाद मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के अनुपमा राय, प्रशांत राय, आदित्य नारायण और कुमार देवांश को महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई हैंड हेल्ड डिवाइस के लिए पहला पुरस्कार एक लाख रुपये मिले। गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सर्वज्ञा पांडेय, वैभव सिंह व हर्ष कुमार उपाध्याय को उनके मानव तस्करी को रोकने वाले उपकरण के लिए दूसरा पुरस्कार 75 हजार रुपये मिले। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के आदित्य त्रिपाठी, समर्थ शर्मा, अश्विनी धीमान एवं सौम्या को बिना किसी जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम के छोटी दूरी के रास्तों को पहचानने वाले नवाचार के लिए तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपये मिले।
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ऐसे किया गया चयन
उप्र के तकनीकी विश्वविद्यालयों व तकनीकी काॅलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के अनूठे समाधान परक नवाचारों, मौलिक विचारों को प्रोत्साहित करने के लिए अभियांत्रिकी विद्यार्थी प्रोजेक्ट अनुदान योजना-2025 के तहत परिषद पोर्टल के जरिये कुल 560 प्रोजेक्ट्स मिले थे। जिनका मूल्यांकन प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों के समिति द्वारा किया गया। प्रथम चरण में मूल्यांकन के बाद 60 प्रोजेक्ट को अनुदान के लिए चुना गया।
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- दूसरे चरण में शनिवार को उप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के परिसर में इन चयनित 60 प्रोजेक्ट के अंतिम रूप से प्रदर्शन, मूल्यांकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रोजेक्ट्स की नवीनता और उपयोगिता के आधार पर नौ सदस्यीय मूल्यांकन समिति ने अंतिम चयन किया।
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इनके अनूठे नवाचारों को मिला अनुदान
सभी 60 प्रोजेक्ट्स के प्रदर्शन और मूल्यांकन के बाद मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के अनुपमा राय, प्रशांत राय, आदित्य नारायण और कुमार देवांश को महिला सुरक्षा के लिए बनाई गई हैंड हेल्ड डिवाइस के लिए पहला पुरस्कार एक लाख रुपये मिले। गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के सर्वज्ञा पांडेय, वैभव सिंह व हर्ष कुमार उपाध्याय को उनके मानव तस्करी को रोकने वाले उपकरण के लिए दूसरा पुरस्कार 75 हजार रुपये मिले। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के आदित्य त्रिपाठी, समर्थ शर्मा, अश्विनी धीमान एवं सौम्या को बिना किसी जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम के छोटी दूरी के रास्तों को पहचानने वाले नवाचार के लिए तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपये मिले।