फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Swatantra Dev said, if we get trapped in casteism, the situation will be like Bangladesh and Afghanistan

Lucknow news : स्वतंत्र देव ने कहा, जातिवाद के चक्कर में फंसे, तो बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसा होगा हाल

Thu, 29 Aug 2024 07:45 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 29 Aug 2024 07:45 PM IST
सार

जलशक्ति मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2019 में जल जनित बीमारियों के 4 लाख 43 हजार मरीज थे, जिनकी संख्या 2024 में घटकर 7000 हो गई है। वहीं पूर्वांचल में दिमागी बुखार से एक भी बच्चे की मृत्यु नहीं हुई है।

विज्ञापन
Swatantra Dev said, if we get trapped in casteism, the situation will be like Bangladesh and Afghanistan
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी के दो करोड़ 25 लाख ग्रामीण घरों तक जल जीवन मिशन के तहत साफ पानी पहुंचने से जल जनित बीमारियां 98 प्रतिशत तक कम हुई हैं। साथ ही 2024 में जापानी एन्सेफलाइटिस (जेई) और  एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) जैसी जनित बीमारियों से प्रदेश में एक भी मृत्यु नहीं हुई है। ये बातें जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन द्वारा इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में स्टॉप डायरिया कैंपेन के तहत ‘वॉटरलाइन टू लाइफ लाइन‘ विषय पर आयोजित कार्यशाला के दौरान कही। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जलशक्ति मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2019 में जल जनित बीमारियों के 4 लाख 43 हजार मरीज थे, जिनकी संख्या 2024 में घटकर 7000 हो गई है। वहीं पूर्वांचल में दिमागी बुखार से एक भी बच्चे की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कारण आज बच्चे इस जानलेवा बीमारी से सुरक्षित हैं। इस मौके पर राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने कहा कि पहले जो पानी बीमारी फैलाने में आगे रहता था, अब वहीं जल घर-घर खुशियां फैला रहा है। कार्यक्रम के नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम ग्रामीण के एमडी राजशेखर, राज्य स्वच्छ्ता एवं पेयजल मिशन के कार्यकारी निदेशक बृजराज सिंह यादव, दैनिक जागरण के संपादक आशुतोष शुक्ल और भारत समाचार के संपादक ब्रजेश मिश्र, आकाशवाणी की डायरेक्टर मीनू खरे समेत कई लोग मौजूद थे। 

विज्ञापन


एक महीने में बुंदेलखंड के हर घर तक शुद्ध जल
कार्यक्रम के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड के ज्यादातर गांवों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है। जिन कुछ मजरों या घरों में अभी तक नल से जल नहीं पहुंचा है। वहां अगले महीने तक नल से शुद्ध जल की सप्लाई होने लगेगी। साथ ही जलशक्ति मंत्री ने प्रदेश भर से आए ग्राम प्रधानों और लोगों को योजना को आगे भी सफल बनाने का मंत्र दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार ने आपके घरों तक नल से शुद्ध जल पहुंचा दिया है। अब आपकी भी जिम्मेदारी है पाइपलाइन, सुरक्षित रहे, पानी घर तक पहुंचता रहे और पानी की बर्बादी न हो। जल संरक्षण हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वच्छता अभियान जिस तरह से जन आंदोलन बना। उसी तरह से जल जीवन मिशन भी अब जन आंदोलन बन गया है। 
विज्ञापन


जातिवाद के चक्कर में मत फंसिए, नहीं तो बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसी हाल हो जाएगी
प्रदेश भर से आए ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जलशक्ति मंत्री ने कहा कि जातिवाद, वंशवाद और परिवारवाद सिर्फ राष्ट्रवाद होना चाहिए। जातिवाद के चक्कर में मत फंसिए, जाति के चक्कर में पड़े तो हमारी स्थिति भी बांग्लादेश और अफगानिस्तान की तरह हो जाएगी। जहां जातिवाद हैं वहीं भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि मोदी-योगी हर वक्त जनता के साथ खड़े हैं। प्रधानमंत्री का सपना है कि हर व्यक्ति को साफ पानी, पक्का मकान, हर गांव में पक्की सड़क पहुंचे और हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। इसके लिए प्रधानमंत्री लगातार काम कर रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


योजना के साथ ही बनाई गई अनुरक्षण नीति
कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना जब प्रदेश में लागू की गई, तो उसी के साथ ही तय किया गया कि जो कॉन्ट्रैक्टर योजना का निर्माण करेगा, वहीं 10 साल तक अनुरक्षण कार्य भी करेगा। इसके लिए कैबिनेट ने अनुरक्षण नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अनुरक्षण के लिए कॉन्ट्रैक्टर को पैसा तभी दिया जाएगा, जब ये सुनिश्चित कर लिया जाएगा कि हर घर तक शुद्ध जल पहुंच रहा है। 

ग्राम प्रधानों, एफटीके महिलाओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से 600 ग्राम प्रधान और पानी की जांच करने वाली महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान जल शक्ति मंत्री ने अच्छा काम करने वाले ग्राम प्रधानों और पानी की जांच करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान एफटीके विमेन रामपुर की शबीना बी, बरेली की सविता दुर्गेश कुमार, झांसी की नीतू सिंह, अलीगढ़ की कमलेश देवी को सम्मानित किया गया। वहीं फर्रूखाबाद की ग्राम प्रधान शशि प्रभा शुक्ला, मिर्जापुर के ग्राम प्रधानस मनोज कुमार मौर्य समेत बड़ी संख्या में प्रधानों और एफटीके महिलाओं को सम्मानित किया गया। जल शक्ति मंत्री राज्य स्वच्छता पेयजल मिशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम की तारीफ की। 


जलजनित बीमारियों से बचने के लिए सत्र का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान डायरिया और जलजनित बीमारियों से बचने के लिए स्ट्रेंथइंग इनेबलिंग एनवायरमेंट फॉर वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजिन के विषय पर सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में मेदांता के डॉ लोकेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जलजनित जिनती भी बीमारियां हैं, अगर समय रहते उनकी पहचान कर ली गई। तो बीमारी पर काबू पाया जा सकता है और जनहानि से बचाया जा सकता है। इस सत्र में केजीएमयू की प्रोफेसर डॉ. शीतल वर्मा, डॉ सौरभ कश्यप, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ सलमान और डॉ राहुल वैश्य मौजूद थे। प्रथम सत्र के बाद आकाशवाणी की डायरेक्टर मीनू खरे ने कहा कि हर धर्म में जल संरक्षण समाहित है। हमें उनपर चलने की जरूरत है। कार्यक्रम में दैनिक जागरण के संपादक आशुतोष शुक्ल ने कहा कि हम सब नदियों की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार हैं। जल संरक्षण और नदियों को साफ करने के लिए नए सिरे से सोचना होगा। ट्रांसफॉर्मिंग रूरल यूपी के नाम से दूसरे सत्र का आयोजन किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed