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Lucknow News: 16 को मंच पर सजेगा ‘लाहौर’, 30 नए कलाकार दिखाएंगे अदाकारी का हुनर
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नाटक के मंचन के दौरान कलाकार।
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लखनऊ। सरहद के आर-पार बंटे दर्द, मानवीय संवेदनाओं और सांप्रदायिक सौहार्द की कहानी 16 अक्तूबर को मंच पर जीवंत होगी। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की ओर से तैयार नाटक ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्याइ नई’ के मंचन की तैयारियां तेज हो गई हैं। अकादमी के उर्दू मास कम्युनिकेशन एंड मीडिया सेंटर की ओर से संचालित तीन माह की उर्दू ड्रामा कार्यशाला के पांचवें बैच के 30 प्रशिक्षु इस नाटक में अभिनय करेंगे। संगीत नाटक अकादमी के संत गाडगे प्रेक्षागृह में इसका मंचन होगा।
नाटक के अंतिम अभ्यास सत्र में कलाकार संवाद अदायगी, उर्दू उच्चारण, शारीरिक भाषा और मंचीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली से स्नातक और रंग निर्देशक राजेंद्र सिंह के निर्देशन में कलाकारों को मंच की बारीकियों का अभ्यास कराया जा रहा है।
कार्यशाला की मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. सीमा मोदी ने बताया कि अंतिम चरण में पूरी टीम एकाग्रता और संवाद अदायगी के साथ रिहर्सल कर रही है। उद्देश्य 16 अक्तूबर को दर्शकों के सामने प्रभावी नाट्य प्रस्तुति पेश करना है।
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लेखक असग़र वजाहत का यह चर्चित नाटक विभाजन की त्रासदी के बीच इंसानियत, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देता है। इसकी खासियत यह भी है कि इसमें 17 से 60 वर्ष तक के कुल 30 नए कलाकार अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
नाटक के अंतिम अभ्यास सत्र में कलाकार संवाद अदायगी, उर्दू उच्चारण, शारीरिक भाषा और मंचीय अनुशासन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, दिल्ली से स्नातक और रंग निर्देशक राजेंद्र सिंह के निर्देशन में कलाकारों को मंच की बारीकियों का अभ्यास कराया जा रहा है।
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कार्यशाला की मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. सीमा मोदी ने बताया कि अंतिम चरण में पूरी टीम एकाग्रता और संवाद अदायगी के साथ रिहर्सल कर रही है। उद्देश्य 16 अक्तूबर को दर्शकों के सामने प्रभावी नाट्य प्रस्तुति पेश करना है।
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लेखक असग़र वजाहत का यह चर्चित नाटक विभाजन की त्रासदी के बीच इंसानियत, आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देता है। इसकी खासियत यह भी है कि इसमें 17 से 60 वर्ष तक के कुल 30 नए कलाकार अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।