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Suna Hai Kya: एनडीए जमा करो, जमे रहो... रील पर लगी रोक तो वीडियो बनाने लगे खाकी वाले, पढ़ें - ये किस्से
Mon, 01 Jun 2026 11:13 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:13 AM IST
सार
यूपी के खेतों में पानी देने वाले विभाग में एक अलग ही तरह का एनडीए वाला खेल चल रहा है जिसमें पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। पढ़ें, ये किस्से:
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- फोटो : amar ujala
विस्तार
यूपी के खेतों में पानी देने वाले विभाग में एक अलग ही तरह का एनडीए वाला खेल चल रहा है जिसमें पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। वहीं, खाकी वर्दी वालों पर जब रील बनाने की रोक लगी तो वो खुलकर मातहतों को डांटते हुए वीडियो बनाकर डालने लगे। इस दौरान एक साहब की विदेश यात्रा की भी खूब चर्चा हो रही है। पढ़ें, ये किस्से:
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एनडीए जमा करो, जमे रहो
सरकार के गठन में एनडीए का सहारा लेने की बात सुनी जाती है लेकिन किसी महकमे में एनडीए की व्यवस्था की बात हैरान करने वाली है। हालांकि, यह है सच। दरअसल, इन दिनों सूबे में ट्रांसफर सीजन चल रहा है। लिहाजा खेतों को पानी देने वाले महकमे में एक नई व्यवस्था एनडीए (नॉन डिस्टर्निंग अलाउंस) लागू किए जाने की खूब चर्चा हो रही है। चर्चा है कि एनडीए उन अभियंताओं की मदद के लिए है जो मलाईदार डिविजनों में वर्षों से हैं और वहीं जमे रहना चाहते हैं। एनडीए जमा करने पर उन्हें कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा। इसके लिए पहले तबादले की सूची तैयार की जाती है। फिर एनडीए जमा करने पर सूची से नाम बाहर हो जाता है। महकमे में इस व्यवस्था का बहुत ही ईमानदारी और पारदर्शिता से पालन किया जा रहा है।
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हड़काने का वीडियो ही सही
खाकी वाले भी नियमों को धता बताना खूब जानते हैं। मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर रीलबाजी को लेकर सख्ती की लेकिन इससे बड़े अफसर डरे नहीं। रील से उन्होंने दूरी बनाई तो मातहतों को हड़काने के वीडियो जारी करने लगे। ऐसे ही एक वीडियो में वह महिला अधिकारियों को ऐसे फटकार रहे हैं जैसे पूरे जिले की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी उनकी ही है। यह भी नहीं देखा कि इसका मातहतों के मनोबल पर क्या असर होगा? खैर फटकारे तो साहब भी बहुत गए हैं लेकिन उनके अफसरों ने इसका कभी वीडियो जारी नहीं किया। मातहतों का क्या? वे तो डांट खाने और सजा पाने के लिए ही बने हैं।
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चर्चा में साहब की विदेश यात्रा
एक अफसर छुट्टी लेकर विदेश यात्रा पर गए जबकि पीएम साहब की अपील थी कि वैश्विक स्थिति को देखते हुए ऐसी यात्रा से बचें। छुट्टी देने वाले जिम्मेदारों में जब इस अपील की याद आई तो वह परेशान हो उठे। उच्च्च स्तर पर इसकी जानकारी पहुंची तो साहब के विदेश दौरे पर जाने को लेकर आपत्ति जताई। हालांकि, छुट्टी पीएम की अपील जारी होने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। इस बार तो मामला रफा-दफा हो गया है लेकिन भविष्य में सख्त हिदायतें दे दी गई हैं।
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