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Suna Hai Kya: छपास रोग से परेशान हुए नेता जी, अपने अध्यक्ष को ही भूल गए भगवा ब्रिगेड के नेता, पढ़ें ये किस्से
Wed, 15 Apr 2026 10:03 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 15 Apr 2026 10:03 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों का नेता बनने के लिए लगातार होड़ लगी रहती है इसके लिए कई स्वघोषित नेता नए-नए पैंतरे अपनाते रहते हैं। ऐसे में कई नेता छपास रोग से पीड़ित नजर आते हैं। वहीं, भगवा ब्रिगेड के नेताजी ने अपने अध्यक्ष को ही भुला दिया अब उन्हें डर है कि कहीं उनको ही न भुला दिया जाए। पढ़ें, ये किस्से:
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- फोटो : AI image
विस्तार
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों का नेता बनने के लिए लगातार होड़ लगी रहती है इसके लिए कई स्वघोषित नेता नए-नए पैंतरे अपनाते रहते हैं। वहीं, चिकित्सा संस्थानों के प्रमुखों ने अपनी सेवा अवधि को बढ़ाने के लिए नई-नई तरकीबें अपना रहे हैं। वहीं, भगवा ब्रिगेड के नेताजी ने अपने अध्यक्ष को ही भुला दिया अब उन्हें डर है कि कहीं उनको ही न भुला दिया जाए। पढ़ें, ये किस्से:
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नेताजी का छपास रोग
उत्तर प्रदेश में भावी और वर्तमान शिक्षकों की संख्या बहुत बड़ी है। ऐसे में इनका नेता बनने के लिए भी होड़ मची रहती है। वर्तमान में एक प्रमुख मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन में ऐसी ही होड़ दिख रही है। छपने के इच्छुक एक नेताजी सबसे आगे निकल गए। हाल में हुए एक आंदोलन से पहले ही उन्होंने इसकी खबर जारी कर दी ताकि उनका नाम सबसे पहले छप जाए। इतना ही नहीं, यह भी लिखा कि फोटो आयोजन के बाद जारी की जाएगी। वहीं, नाम न छपने पर वह लोगों को फोन कर संपर्क भी करते हैं।
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नए काम सेवा विस्तार के हथियार
प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों के मुखिया ने सेवा विस्तार की नई तरकीब ढूंढ ली है। एक बड़े संस्थान ने वर्ष 2020 में प्रत्यारोपण का सपना दिखाया। इस सपने के दम पर उन्हें सेवा विस्तार मिला। करीब छह साल बाद वह प्रत्यारोपण कराने में सफल रहे। यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनके इस कदम को नजीर बनाकर अब दूसरे संस्थानों के मुखिया भी कोई न कोई नया काम करने की रणनीति बना रहे हैं। वे उन कामों की सूची तैयार कर रहे हैं जो उनके संस्थान में अभी तक नहीं हुआ है। उन सभी कामों को करने के लिए वे परियोजना तैयार करके शासन-सत्ता तक पहुंचा रहे हैं।
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भुला देने का सता रहा डर
संगठन और संस्कार की बात करने वाली भगवा ब्रिगेड में इन दिनों कार्यक्रम के जरिये पैठ बनाने की ऐसी होड़ मची कि वो अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही भूल गए। मौका था हाल ही में मनी एक जयंती का। पूरे शहर में होर्डिंग और झंडा लगाकर पार्टी ने माहौल बना दिया था लेकिन नए स्टाइल के बने झंडे में बिहार से आने वाले अपने नवीन अध्यक्ष को ही भुला दिया। बड़े-बड़ों की तस्वीर में इस भूल पर सब चुप हैं लेकिन जिसने भूल की है, उसे अब नई टीम से ही भुला देने का डर सता रहा है।
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