SSC का पर्चा लीक, पकड़ा गया गिरोह
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एसएससी की संयुक्त हायर सेकेंडरी स्तर की रविवार को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में पर्चा लीक होने के साथ नकल भी हुई। इस गड़बड़ी के पीछे पर्चा लीक कराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ रहा। गिरोह न सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वाट्सऐप के जरिए अभ्यर्थियों को उत्तर उपलब्ध करा रहा था, बल्कि कई अभ्यर्थी अपने साथ हल किया हुआ प्रश्नपत्र लेकर पहुंचे थे।
इससे स्पष्ट है कि अभ्यर्थियों के पास परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र पहुंच चुके थे। सूचना पर एसटीएफ ने तत्परता दिखाई और मेरठ से पर्चा लीक कराने वाले गिरोह के सात सदस्यों को धर दबोचा।
इनमें सीबीआई के दिल्ली स्थित दफ्तर में तैनात एक सिपाही और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में कार्यरत एक क्लर्क शामिल हैं। उधर, मेरठ, हल्द्वानी, बरेली, अलीगढ़ व पटना से नकल करते हुए 10 अभ्यर्थियों को भी पकड़ा गया है।
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज स्थित केंद्र पर एक ओएमआर शीट और पेपर कम पहुंचा था। इस घटना ने पर्चा लीक होने की बात को लगभग पुष्ट कर दिया है। एसटीएफ के सीओ अनित कुमार ने बताया कि एसएससी परीक्षा का पर्चा लीक करने वालों के बारे में मुखबिर और सर्विलांस से जानकारी मिली।
इस तरह हुई गिरफ्तारी
पता चला कि गिरोह रविवार को मेरठ के एसडी इंटर कॉलेज में होने वाली परीक्षा का पर्चा लीक कराएंगे। सूचना के आधार पर रविवार दोपहर दो बजे सदर बाजार थाना क्षेत्र के हाथीखाना के पास से दो सेंट्रो कारों में सवार सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरोह का लीडर नीरज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में क्लर्क पद पर तैनात है। गिरोह का सदस्य राज सिंह हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल है। वर्तमान में वह प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई सीजीओ कांप्लेक्स दिल्ली में तैनात है।
आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में वाट्सऐप पर आंसर-की मिल गई। सीओ ने बताया कि इनके कब्जे से सात मोबाइल, दो मोबाइल फोन की डिवाइस, 28 हजार 140 रुपये, दो सेंट्रो कार की बरामदगी हुई।
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में प्रथम पाली में दिल्ली के तीन ‘मुन्नाभाई’ पहले से हल किए हुए प्रश्नपत्रों के साथ पकड़े गए। इनके पास से बरामद प्रश्नपत्रों में सभी 200 प्रश्नों के उत्तर मौजूद थे। इनकी पहचान सुशील कुमार, सुनील कुमार और मनोज कुमार के रूप में हुई है। तीनों सोनीपत के ‘मुन्नाभाई’ रिंकू से प्रश्नपत्र हल कराकर साथ लाए थे।
अभ्यर्थी से लेते थे चार लाख
उधर, मेरठ के एसडी इंटर कॉलेज से दो अभ्यर्थी पकड़े गए। इनमें दीपक पुत्र रामचंद्र निवासी दड़ौली थाना जींद (हरियाणा) और प्रभात तोमर पुत्र ओमपाल निवासी बूड़पुर, बागपत शामिल हैं। अलीगढ़ के बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज में गांव आबिदपुर मानखी मोदीनगर निवासी राकेश कुमार को नकल करते पकड़ा गया। वह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से दिल्ली से साल्वर से संपर्क कर जवाब लिख रहा था। पटना में भी एक अभ्यर्थी को नकल करते हुए पकड़ा गया।
उधर, बरेली में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में भी तीन नकलची पकड़े गए। इनमें हरियाणा के झज्जर निवासी नवीन कुमार के पास से पर्ची और मोबाइल पकड़ा गया। इसी केंद्र पर बड़ौत के सुंदर सिंह पुत्र सतपाल सिंह और दानवीर सिंह पुत्र जयपाल सिंह को पर्ची के साथ पकड़ा गया। तलाशी के दौरान दानवीर पर्ची निगल गया। वह बदायूं में तैनात सिपाही का भाई है। सिपाही अपने भाई की पैरवी करने के लिए कॉलेज भी पहुंच गया था।
पूछताछ में नीरज ने बताया कि प्रत्येक अभ्यर्थी से चार लाख रुपये वसूले जाते थे। राहुल निवासी नाहरी सोनीपत (हरियाणा) और अरविंद राणा निवासी बड़ौत के माध्यम से पेपर आउट कराया जाता था। राहुल और अरविंद के लोग ही वाट्सऐप पर आंसर-की नीरज और अभ्यर्थियों के मोबाइल पर भेजते थे।
मैसेज खोलेगा साल्वर गैंग का राज
ये हैं गिरोह के गिरफ्तार सदस्य
1. नीरज खाबड़ा पुत्र जय किशन निवासी नाथुपुर सोनीपत, हरियाणा। (वर्तमान में ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया में एलडीसी के पद पर तैनात)
2. राज सिंह पुत्र राम किशन निवासी देवनगर सोनीपत, हरियाणा। ( हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल तथा वर्तमान में प्रतिनियुुक्ति पर सीबीआई सीजीओ कांप्लेक्स, दिल्ली में तैनात)
3. मनीष पुत्र राज सिंह निवासी देवनगर, सोनीपत हरियाणा।
4. विजय कुमार पुत्र श्रीनिवास निवासी 709 राजीव कॉलोनी, नरेला, दिल्ली
5. नरेंद्र पुत्र चतर सिंह निवासी नाथुपुर सोनीपत, हरियाणा
6. जनेंद्र पुत्र भगवानदास निवासी ग्राम जसुआमई थाना छिबरा मऊ, कन्नौज। (वर्तमान पता द्वारा नीरज निवासी नाथुपुर सोनीपत)
7. बिजेंद्र पुत्र रघुवीर सिंह निवासी 1006 बार्ड 30 विकासनगर ककरोई रोड सोनीपत, हरियाणा।
एसएसपी की परीक्षा में गड़बड़ी की जांच में जुटी एजेंसियां को अभ्यर्थियों के मोबाइल पर आए मैसेज साल्वर गैंग तक पहुंचा सकते हैं। मैसेज से उसे भेजने वाले का पता लगाया जा सकता है। इस बात की भी संभावना है कि मैसेज भेजने वाले ने फेक आईडी का इस्तेमाल किया हो। अगर ऐसा होता है तो अन्य तरीकों से मैसेज भेजने वाले का पता लगाया जा सकता है।
दो इंच की पर्ची में 200 सवालों के जवाब
एसडी इंटर कॉलेज सदर में कक्ष संख्या-45 से प्रभात तोमर को नकल की पर्ची के साथ पकड़ा गया, जबकि कक्ष संख्या-49 से दीपक के पास इसी तरह की पर्ची मिली। दोनों पर्चियों का साइज महज दो इंच था। मगर उस पर जवाब सभी सवालों के थे।
प्रश्न पत्र ऑब्जेक्टिव होता है, जिससे छोटी सी पर्ची पर ही सारे सवालों के जवाब लिख दिए गए। पर्ची पर सवान नंबर और उसका उत्तर लिखा गया था (जैसे प्रश्न नंबर-1 का उत्तर बी है तो 1बी)।
इस तरह से सिर्फ तीन लाइन में ही पूरा प्रश्न पत्र हल कर दिया गया। पर्ची को पेन की कैप या कपड़ों में छिपाकर अभ्यर्थी आसानी से अपने साथ परीक्षा कक्ष तक लेकर चले गए। आरोपी अभ्यर्थियों से बरामद पर्चियां पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर जमा कर ली हैं। पूछताछ में आरोपी अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर लीक होने के बाद जब वाट्सएप पर आंसर-की आ गई, उसके बाद ही पर्ची बनाकर अंदर गए थे। तब तक परीक्षा शुरू हो चुकी थी।
मास्टरमाइंड अरविंद ने खड़ा कर लिया बड़ा नेटवर्क:
जून-2013 में एसटीएफ ने रेलवे भर्ती बोर्ड की आरपीएफ में कांस्टेबल की परीक्षा का पर्चा लीक करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वह सातों आरोपी बड़ौत निवासी अरविंद राणा के गैंग से जुड़े थे। इनके खिलाफ मुजफ्फरनगर की बुढ़ाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई। तब अरविंद हाथ नहीं आया था। वह कोचिंग सेंटर भी चलाता है।
अरविंद की तलाश में मोदीपुरम क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी में भी कई बार दबिश डाली गई थी। अब रविवार को एसएससी का पर्चा लीक करने में पकड़े गए आरोपी भी अरविंद से जुड़े हैं। इससे जाहिर है कि अरविंद ने पेपर लीक कर मोटी रकम कमाने केे लिए वेस्ट यूपी और अन्य प्रदेशों में भी अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया है।