DGP के लिए माथापच्ची कर रही यूपी सरकार
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यूपी पुलिस के महानिदेशक पद पर किसकी ताजपोशी होगी, इसे लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया है। पद की वरिष्ठता में आए अधिकारियों में से कुछ ने इसके लिए कोशिशें शुरू भी कर दी हैं। मौजूदा डीजीपी अरुण कुमार गुप्ता 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं।
जिस समय गुप्ता को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब कई और अधिकारियों का इस पद पर चयन लगभग तय माना जा रहा था। असल में राज्य सरकार ने आईपीएस काडर के रिव्यू के तहत सूबे में डीजी के पद बढ़ाने का प्रस्ताव किया हुआ था।
इसके साथ ही वर्ष 1982 बैच तक के आईपीएस अधिकारियों को डीजी पद की वरिष्ठता हासिल हो रही थी। इनमें सीबी-सीआईडी के तत्कालीन एडीजी जगमोहन यादव (अब डीजी) का नाम भी शामिल था।
ये हैं प्रबल दावेदार
डीजी अग्निशमन सेवा प्रवीण सिंह, डीजी तकनीकी सेवा एके जैन, डीजी पुलिस मुख्यालय इलाहाबाद डॉ. सूर्य कुमार शुक्ला, डीजी मानवाधिकार वीके गुप्ता, डीजी होमगार्ड्स रंजन द्विवेदी और डीजी सीबी-सीआईडी जगमोहन यादव डीजीपी के लिए सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे थे।
अंतिम क्षणों में ऐसे संकेत सामने आ रहे थे कि जगमोहन यादव, एके जैन और वीके गुप्ता में से किसी एक का नाम फाइनल हो गया है, लेकिन जब एके गुप्ता को डीजीपी बनाने की घोषणा की गई तो लोग हैरान रह गए।
हालांकि गुप्ता सीनियर मोस्ट आईपीएस थे, लेकिन उनके रिटायरमेंट में सिर्फ एक माह बचे होने से माना जा रहा था कि सरकार शायद ही उन्हें मौका दे।
गुप्ता के डीजीपी बनाए जाने से इस पद की रेस में शामिल अधिकारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया था। अब एक बार फिर वही दौड़ शुरू हो गई है। वीके गुप्ता, जगमोहन यादव, सूर्य कुमार शुक्ला और एके जैन इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।