मुलायम का बड़ा बयान, चुनाव के बाद तय होगा सपा का सीएम
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सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को यह कहकर चौंका दिया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बहुमत मिला तो विधायक मंडल दल मुख्यमंत्री का फैसला करेंगे। उन्होंने कहा, यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, संसदीय बोर्ड और हम तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा?
मुलायम का बयान इसलिए भी अहम है कि सारी कलह के बावजूद अभी तक प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत सपा के सभी नेता कह रहे थे कि अखिलेश यादव ही पार्टी का चेहरा होंगे।
मुलायम सपा मुख्यालय में खबरनवीसों से मुखातिब थे। उनसे पूछा गया था कि 2017 के चुनाव में क्या अखिलेश पार्टी का चेहरा होंगे? मुलायम का जवाब था, चेहरा पार्टी तय करेगी। ये हमारा काम है। विधायक, संसदीय बोर्ड और हम बैठकर फैसला करेंगे कि सीएम कौन होगा।
उन्होंने कहा, 2012 के चुनाव में मेरे नाम पर वोट मांगे गए थे। बहुमत की सरकार बनने पर मैंने अखिलेश को सीएम बनाया। हम तो तीन बार मुख्यमंत्री, केंद्र में मंत्री रह चुके थे। उन्हें स्वतंत्र होकर काम करने का मौका दिया।
तीन पीढ़ियों से विवाद नहीं....आप क्यों कराना चाहते हो
परिवार में मतभेद और सीएम अखिलेश के अकेले चुनाव मैदान में जाने के बयान पर मुलायम ने कहा, हमारे परिवार में कोई विवाद है ही नहीं। शिवपाल की तरफ इशारा करते हुए कहा, ये परिवार नहीं बैठा है? फिर बोले, हमारे परिवार में तीन पीढ़ियों से विवाद नहीं हुआ...अब आप क्यों कराना चाहते हैं? फिर सवाल हुआ, लेकिन विवाद में प्रचार तो थम गया है? मुलायम का जवाब था, चुनावी रथ भी चलेगा और साइकिल भी दौड़ेगी, हम हेलीकॉप्टर से चलेंगे।
पालन-पोषण बहन ने किया, पढ़ाई मैंने कराई
मुलायम ने कहा कि अखिलेश की मां सीधी-साधी थी, उन्हें सांस की बीमारी थी। उनकी मृत्यु के बाद हमारी राजनीतिक व्यवस्तताओं के चलते अखिलेश का सबसे ज्यादा पालन-पोषण हमारी बहन ने किया। पढ़ाई, लिखाई मैंने कराई। पहले ग्वालियर में दाखिला कराया, वहां मन नहीं लगा तो धौलपुर भेजा। इसके बाद जहां पढ़ना चाहा, वहीं भेजा। अखिलेश उनकी बात बहुत मानते भी हैं।
बर्खास्त नेताओं की वापसी आसान नहीं
क्या सपा से बर्खास्त नेताओं की वापसी होगी?मुलायम ने कहा, अनाप-शनाप बातें क्यों करते हो? उनके जवाब से जाहिर है कि बर्खास्त युवा नेताओं की बहाली पार्टी के एजेंडे में नहीं है।
कौन कहां बैठेगा, यह एसआरएस तय करेंगे?
एसआरएस यादव समेत कुछ नेताओं के जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में बैठने के सवाल पर सपा मुखिया ने कहा, कौन कहां बैठेगा, यह पार्टी का फैसला है। क्या इसे एसआरएस यादव तय करेंगे?
किसी दल से गठबंधन नहीं
मुलायम ने साफ किया कि चुनाव में किसी दल से गठबंधन नहीं किया जाएगा। कहा, हमने गठबंधन करके देख लिए हैं। हमने अकेला चलो का नारा दिया था। इसी पर चलकर हम प्रदेश में नंबर-1 बने हैं।
धर्मेन्द्र ने भी अपना नाम खुद रखा
सपा सुप्रीमो ने पूछा गया कि क्या अखिलेश बचपन में उपेक्षित रहे हैं? उन्होंने कहा है कि उन्होंने अपना नाम भी खुद रखा? इस पर मुलायम ने कहा, ये भी कोई सवाल है। धर्मेन्द्र यादव (सांसद) ने भी अपना नाम खुद रख लिया, स्कूल में जाकर लिखवा दिया। शिवपाल से नहीं सुना, कैसे खुद नाम रखा? इस पर शिवपाल बोले,, छोटा बच्चा क्या खुद नाम रख सकता है?
जो जिसे मान रहा...मानने दो
कॉमन सिविल कोड और तीन तलाक पर मुलायम पहले तो सीधा जवाब देने से बचे। कहा, महाराष्ट्र की सभा में डॉ. लोहिया ने कहा था कि मुसलमानों का ग्रंथ कुरान और हिंदुओं के गीता और रामायण हैं। दोनों धर्मों के ग्रंथों में इंसानियत है। दोनों इन्हें पढ़ें और मिलजुलकर रहें। फिर बोले, जो जिसे मान रहा है, वह मानने दो। इसे लेकर विवाद क्यों होना चाहिए?