विज्ञापन
विज्ञापन

लखनऊ की सिग्नेचर बिल्डिंग में भूकंप का बेअसर, बिना स्कैनिंग प्रवेश नहीं

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Mon, 19 Aug 2019 01:42 AM IST
UP police mukhyalay
UP police mukhyalay
ख़बर सुनें
राजधानी की सिग्नेचर बिल्डिंग पुलिस मुख्यालय में 7 रिक्टर भूकंप तक बेअसर, बिना स्कैनिंग के नहीं जा सकते अंदर
विज्ञापन
लखनऊ। यूपी पुलिस मुख्यालय का पता बदल चुका है। शहीद पथ के किनारे 10 एकड़ बनी नौ मंजिला सिग्नेचर बिल्डिंग पुलिस मुख्यालय का नया पता है। निर्माण एजेंसी का दावा है कि ऐसी बिल्डिंग एशिया में कहीं नहीं है इस लिए इसे सिग्नेचर बिल्डिंग का दर्जा दिया गया है।
एक छत के नीचे सभी प्रमुख पुलिस अधिकारियों का कार्यालय है जहां शार्ट नोटिस पर आपात बैठक आयोजित की जा सकती है और जिलों को हाईटेक कंट्रोल रूम के माध्यम से दिशा निर्देश जारी किए जा सकते हैं। विभिन्न जिलोें में पुलिस का प्रशिक्षण हासिल कर रहे रंगरूटों को स्मार्ट क्लास के जरिए एक साथ संबोधित कर सकते हैं। इस बिल्डिंग की सुरक्षा कुछ ऐसी है कि बिना स्कैनिंग के कोई व्यक्ति भी बिल्डिंग में दाखिल नहीं हो सकता। डीजीपी से लेकर डीआईजी तक के लिए अलग गेट है और एसपी से लेकर सिपाही तक के लिए अलग गेट। आम जनता और आगंतुकों के लिए अलग गेट बनाया गया है ताकि एक ही गेट पर पूरा लोड न पड़े। मजे की बात यह है कि चारों ओर से बिल्डिंग एक जैसी लगती है।
इस बिल्डिंग की डिजाइन के लिए राष्ट्रीय स्तर की 15 कंसल्टेंट एजेंसी ने हिस्सा लिया था। बिल्डिंग का निर्माण एल एंड टी कंपनी ने किया है। बिल्डिंग का कवर एरिया 16 लाख स्क्वायर फीट है। पार्किंग के लिए दो बेसमेंट हैं जिसमें 1000 से अधिक कार और 800 से अधिक दोपहिया वाहन एक समय में खड़े किए जा सकते हैं। खास बात यह है कि बेसमेंट में नेचुरल लाइट और ताजी हवा के बंदोबस्त हैं। सभी तल पर सभी कार्यालय में लाइट और ताजा हवा के भी पूरे इंतजाम हैं। बिल्डिंग में जो शीशे लगाए गए हैं वह दो लेयर में हैं जो कमरों को हीट होने से बचाता है। इस बिल्डिंग में एक भी पंखा नहीं है। पूरी बिल्डिंग में सेंट्रलाइज एयर कंडीशन लगा है और हर कमरे में टंपरेचर कंट्रोलर लगा हुआ है। इस बिल्डिंग को केंद्रीय एजेंसी ‘ग्रीन रेटिंग फार इंटीग्रेटेड हैबिटल असिस्मेंट’ (गृहा) ने ग्रीन बिल्डिंग का दर्जा दिया हुआ है।
बिल्डिंग के बीचो बीच लिफ्ट के चार सेक्शन बने हुए हैं जिसमें कुल 12 लिफ्ट लगी है। हर टावर में चार अतिरिक्त सर्विस लिफ्ट भी है। डीजीपी के लिए एक अलग लिफ्ट है जो सीधे ग्राउंड तल से नौवें तल पर खुलती है। ग्राउंड फ्लोर पर लोक शिकायत का दफ्तर और डीजीपी के पीआरओ का आफिस और मीडिया सेंटर है। इसी फ्लोर पर एक कैफेटेरिया है जहां 400 लोग एक साथ बैठकर खाना खा सकते हैं। यहां संग्रहालय और पुस्तकालय की भी व्यवस्था ग्राउंड फ्लोर पर ही है। ग्राउंड पर ही 500 सीट का एक ऑडिटोरियम भी तैयार किया हो रहा है।
अंतिम तल पर डीजीपी का कार्यालय
बिल्डिंग के टाप फ्लोर पर डीजीपी का आफिस है। अन्य तल की अपेक्षा आखिरी तल का स्पेस कम है। यहां दूसरे टावर में डीजीपी का कार्यालय है। इस टावर में एक ओर डीजीपी के स्टाफ अफसर और दूसरी ओर जनरल स्टाफ अफसर बैठते हैं। 9वें तल पर डीजीपी का कांफ्रेंस हाल है जहां शार्ट नोटिस पर सभी महत्वपूर्ण अधिकारियों की बैठक बुलाई जा सकती है। इसी तल पर एक अन्य टावर में लाउंज एरिया भी है जहां आए हुए खास मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था है। इस फ्लोर पर टैरेस गार्डेन भी है।
9 रिक्टर स्केल का भी भूकंप झेल सकती है यह बिल्डिंग
इस बिल्डिंग की जो सबसे बड़ी खासियत है वह भूकंप रोधी है। बिल्डिंग बनाने वाले इंजीनियरों की मानें तो यह बिल्डिंग 9 रिक्टर स्केल तक के भूकंप झेलने में सक्षम है। हालांकि लखनऊ और इसके आसपास कभी भी 6 रिक्टर स्केल से अधिक का भूकंप कभी नहीं आया।
लेकिन नहीं बन सका हेलीपैड
इस बिल्डिंग के टाप पर हेलीपैड बनना प्रस्तावित था। लेकिन सरकार ने बजट में कटौती करते हुए फिलहाल हेलीपैड बनाने की इजाजत नहीं दी। सूत्रों का कहना है कि हैलीपैड से संबंधित समस्त उपकरण लगाने के लिए 7 से 8 करोड़ रुपये का और खर्च आता। लेकिन बजट में इसकी व्यवस्था नहीं की गई।
इलेक्ट्रॉनिक आईडी से ही हो सकेगा प्रवेश
सिग्नेचर बिल्डिंग में प्रवेश के लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की इलेक्ट्रॉनिक आईडी बनाई गई है। यहां सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक आईडी से ही प्रवेश हो सकेगा। गोपनीय और संवेदनशील कार्यालयों में जाने के लिए बायोमीट्रिक लॉक हैं। आम जनता के लिए विजिटर कार्ड जारी किए जाएंगे।
फायर अलार्म वहीं बजेगा जहां धुआं उठेगा
बिल्डिंग का फायर सिस्टम काफी एडवांस है। आग लगने की दशा में फायर अलार्म सिर्फ उसी सेक्शन में बजेगा, जहां से धुआं उठ रहा होगा। अमूमन फायर अलार्म पूरी इमारत में बज जाता है जिससे अफरातफरी मच जाती है। भागने के चक्कर में कोई हादसा भी हो सकता है। इसलिए यहां एडवांस सिस्टम लगाया गया है।
हर तल और हर टावर से नजर आती है हरियाली
बिल्डिंग की एक और खास बात है। दफ्तरों के शीशों पर लगा पर्दा अगर हटा दिया जाए तो हर तल के हर फ्लोर से चारों ओर हरियाली ही नजर आएगी। सातवें, आठवें और नवें तल से तो आसपास बन रही बिल्डिंग भी इस हरियाली वाले नजारे को नहीं रोक पा रहे।
बिल्डिंग एक नजर में
-मई 2016 में इस बिल्डिंग की नींव रखी गई। तीन साल दो महीने के रिकार्ड समय में यह बिल्डिंग पूरी हो बनकर तैयार हो गई।
-बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए 10 संतरी पोस्ट है जिसमें 7 वाच टावर है। जहां बुलेट प्रूफ बंकर बनाए गए हैं। -150 कैमरों से लैस सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम इस बिल्डिंग में लगा है। यह कैमरे बेसमेंट से लेकर गेट तक पर लगे हैं।
-बिल्डिंग में प्रकाश के लिए एलईडी लाइट का प्रयोग किया गया है ताकि कम से कम बिजली की खपत हो।
-यहां पुलिस कर्मियों की मूल भूत सुविधाओं के लिए बैंक, पोस्ट आफिस, हास्पिटल और कैफेटेरिया के इंतजाम भी हैं।
-यहां खर्च होने वाले पानी को रिसाइकिल कर लैंड स्कैप जैसे कामों में इस्तेमाल में लाने की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
-शौचालय में ऐसे उपकरण लगाए गए हैं जिसमें पानी का कम से कम उपयोग हो। ‘लो फ्लो टेब’ लगाए गए हैं ताकि पानी की बरबादी कम से कम हो।
-बिल्डिंग की छत पर सोलर सिस्टम लगाए जा रहे हैं जो बिजली की खपत को कम करेंगे।
-बिल्डिंग के शौचालयों में मोशन डिटेक्टर लगाए गए हैं। जहां निर्धारित समय तक किसी के न आने पर यहां की लाइट अपने आप बंद हो जाती है और किसी के पहुंचने पर स्वत: लाइट जल जाती है।
-सभी टावर के सभी फ्लोर पर दो कॉरीडोर हैं। कॉरीडोर की दीवारों पर अलग अलग सीनरी और पेंटिंग्स लगाई गई है, जिसे समय समय पर बदला जा सकता है।
विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Lucknow

अयोध्या: विहिप को विवादित परिसर में नहीं मिली दीप जलाने की अनुमति

विहिप को अयोध्या के विवादित स्थल पर दीपोत्सव की अनुमति नहीं मिली। राम मंदिर के रिसीवर कमिश्नर मनोज मिश्र ने मामले पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश स्पष्ट किया और कहा कि यहां पर परंपरागत कार्यक्रमों के अलावा किसी अन्य उत्सव की अनुमति नहीं दी जा सकती।

14 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

सूफी प्रतिनिधिमंडल के नसीरुद्दीन चिश्ती का बयान- भारत मुस्लिमों के लिए सबसे अच्छा देश

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां के हालात का जायजा लेकर लौटे सूफी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य नसीरुद्दीन चिश्ती ने कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की बयानबाजी पर करारा जवाब दिया है। क्या है उनका जवाब- देखें ये वीडियो।

14 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree