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Lucknow News: श्रवण को लगा तीर, माता-पिता ने दिया राजा दशरथ को श्राप
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लखनऊ। शहर में रामलीला मंचन की संख्या बढ़ने लगी है। खदरा, ऐशबाग और आलमबाग के बाद अब राजाजीपुरम की प्रसिद्ध रामलीला भी शुरू हो गई है। रविवार और सोमवार को कई और क्षेत्रों में मंचन शुरू होगा।
रूपपुर खदरा की श्री जनता रामलीला समिति इस साल अपना 59वां रामलीला उत्सव मना रही है। शनिवार को श्रवण लीला खास रही। माता-पिता को लेकर तीर्थयात्रा पर निकले श्रवण कुमार जब उन्हें बिठाकर पीने के लिए पानी लेने गए तो राजा दशरथ का तीर लगने से श्रवण की मृत्यु हो जाती है। पुत्र वियोग में श्रवण के माता-पिता राजा दशरथ को श्राप देते हैं। इसके बाद राम जन्म से लेकर ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक का मंचन हुआ। इस रामलीला में स्थानीय लोग ही सभी पात्रों की भूमिकाएं निभाते हैं।
राजाजीपुरम सी ब्लॉक में डाकघर कॉलोनी मैदान में रामलीला शुरू
राजाजीपुरम की रामलीला की शुरुआत भी शनिवार से हो गई। यह 39वां साल है। यहां कानपुर से कलाकारों का दल आता है। धर्मोत्थान समिति की ओर से मंचन किया जा रहा है। पहले दिन राम जन्म से शुभारंभ हुआ। समिति के अध्यक्ष सतीश अग्निहोत्री ने बताया कि मंचन 14 अक्तूबर तक चलेगा।
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ऐशबाग में राम के राज्याभिषेक की घोषणा
श्रीरामलीला समिति ऐशबाग की ओर से तुलसी मंच पर मंचित रामलीला में चारों भाई विवाह के बाद अयोध्या पहुंचते हैं। वहां पर राजा दशरथ, राम के राज्याभिषेक की घोषणा करते हैं। चारों तरफ खुशी छा जाती है पर मंथरा के कहने पर कैकेई राम को वनवास जाने का वरदान मांगती हैं और राम को वन जाना पड़ता है। अयोध्या शोक में डूब जाती है। मंचन से पूर्व यहां भागवत का आयोजन होता है। कथावाचक स्वामी जवाहर ने भागवत का महत्व बताया। वहीं आलमबाग के वेजीटेबल ग्राउंड में चल रही रामलीला में दशरथ-कैकेई संवाद के बाद राम वनगमन का मंचन हुआ।
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रूपपुर खदरा की श्री जनता रामलीला समिति इस साल अपना 59वां रामलीला उत्सव मना रही है। शनिवार को श्रवण लीला खास रही। माता-पिता को लेकर तीर्थयात्रा पर निकले श्रवण कुमार जब उन्हें बिठाकर पीने के लिए पानी लेने गए तो राजा दशरथ का तीर लगने से श्रवण की मृत्यु हो जाती है। पुत्र वियोग में श्रवण के माता-पिता राजा दशरथ को श्राप देते हैं। इसके बाद राम जन्म से लेकर ताड़का वध और अहिल्या उद्धार तक का मंचन हुआ। इस रामलीला में स्थानीय लोग ही सभी पात्रों की भूमिकाएं निभाते हैं।
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राजाजीपुरम सी ब्लॉक में डाकघर कॉलोनी मैदान में रामलीला शुरू
राजाजीपुरम की रामलीला की शुरुआत भी शनिवार से हो गई। यह 39वां साल है। यहां कानपुर से कलाकारों का दल आता है। धर्मोत्थान समिति की ओर से मंचन किया जा रहा है। पहले दिन राम जन्म से शुभारंभ हुआ। समिति के अध्यक्ष सतीश अग्निहोत्री ने बताया कि मंचन 14 अक्तूबर तक चलेगा।
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ऐशबाग में राम के राज्याभिषेक की घोषणा
श्रीरामलीला समिति ऐशबाग की ओर से तुलसी मंच पर मंचित रामलीला में चारों भाई विवाह के बाद अयोध्या पहुंचते हैं। वहां पर राजा दशरथ, राम के राज्याभिषेक की घोषणा करते हैं। चारों तरफ खुशी छा जाती है पर मंथरा के कहने पर कैकेई राम को वनवास जाने का वरदान मांगती हैं और राम को वन जाना पड़ता है। अयोध्या शोक में डूब जाती है। मंचन से पूर्व यहां भागवत का आयोजन होता है। कथावाचक स्वामी जवाहर ने भागवत का महत्व बताया। वहीं आलमबाग के वेजीटेबल ग्राउंड में चल रही रामलीला में दशरथ-कैकेई संवाद के बाद राम वनगमन का मंचन हुआ।