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जवाब दे रहे जर्जर तार, अघोषित बिजली कटौती से लोग परेशान
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रायबरेली। शरीर को झुलसा देने वाली गर्मी से लोग जहां बेहाल हैं, वहीं जर्जर तार जवाब दे रहे हैं। जिले में बिजली की अंधाधुंध कटौती से शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक के लोग परेशान हैं। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के फुंकने की वजह से कई-कई दिन बत्ती गुल रहती है। भरपूर बिजली देने की बात करने वाले अफसर केवल कागजी कोरम पूरा करने में जुटे हैं। अनुरक्षण के नाम पर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हुआ। गर्मी बढ़ने के साथ ही समस्या बढ़ती जा रही है।
शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग से लोग बेहाल हैं। सबसे खराब हालत ग्रामीण अंचलों की हैं। ट्रिपिंग के अलावा घंटों अघोषित कटौती हो जाती है। इतना ही नहीं कभी तार टूटने तो कभी जंफर उड़ने से बत्ती गुल रहती है जिले में करीब पांच लाख उपभोक्ता है। शहरी क्षेत्र में 24 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। शहर में हर घंटे रुक-रुक कर ट्रिपिंग होती रहती है। इस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण अंचलों में 18 घंटे में बमुश्किल 8 से 10 घंटे बिजली मिल रही है। इस दौरान कई बार बिजली की आवाजाही रहती है। रात में भी दो से तीन घंटे की अघोषित कटौती होती है। इस वजह से लोगों की रात की नींद हराम रहती है।
खामी छिपाने के लिए काट दी जाती बिजली
जर्जर तार आए दिन टपकने से फसल तबाह हो रही है। शॉर्ट सर्किट से आग न लगे। इस वजह से दोपहर में बिजली काट दी जाती है, जबकि दोपहर में लोगों को बिजली की ज्यादा जरूरत रहती है। तारों को कसवाने और ट्री कटिंग के दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन वह महज कागजों तक सीमित है। यदि तार कसवाने के साथ यदि ट्री कटिंग करा दी जाए तो इस तरह की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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बेपटरी हुआ शेड्यूल, आने-जाने का समय नहीं
शहर में दिन भर बिजली की आवाजाही से हर कोई परेशान है। खासकर सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों को होती है। कटौती से कारोबार प्रभावित होता है। चौहान मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाने वाले अमरजीत मौर्य, सुपर मार्केट के कपड़ा व्यापारी ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि गर्मी से हर कोई परेशान है। ऊपर से बिजली की कटौती रुला रही है। सत्यनगर निवासी सोनू वर्मा, घंटाघर चौराहा निवासी दिपांकर पाठक ने बताया कि बिजली की खूब कटौती हो रही है। सुधार के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के पूरे सुबेदार निवासी मोनू सिंह, पूरे ठाकुरगंज निवासी जमुना प्रसाद दीक्षित ने बताया कि बिजली कटौती से रातों की नींद उड़ी रहती है। दिन में बिजली नहीं आने की वजह से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। उर्द, मूंग, मवेशियों के लिए हरे चारे की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूरे सोनारन निवासी राजकुमार यादव, गोकुलपुर निवासी फिरोज अहमद ने बताया कि कहने को तो 18 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन बमुश्किल आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। इस दौरान भी कई बार बिजली कटौती हो रही है।
बिजली की मांग बढ़ने से समस्या बढ़ी
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। सर्दी में बिजली की मांग करीब 150 मेगावाट थी, जो गर्मी में बढ़कर लगभग 225 मेगावाट हो गई है। एक्सईन ट्रांसमिशन अखिलेश कुमार ने बताया कि मांग के हिसाब से बिजली मिल रही है। 33 केवी लाइन में फॉल्ट या फिर अन्य किसी समस्या से आपूर्ति में बाधा आती है।
फॉल्ट को तत्काल ठीक कराने के दिए गए निर्देश
शेड्यूल के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। फॉल्ट आने पर तत्काल ठीक कराने के लिए अवर अभियंताओं को दिशा निर्देश दिए गए हैं। अघोषित कटौती ऊपर से होती है। इसके अलावा लाइनों और ट्री कटिंग कराई गई है। -वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन
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शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग से लोग बेहाल हैं। सबसे खराब हालत ग्रामीण अंचलों की हैं। ट्रिपिंग के अलावा घंटों अघोषित कटौती हो जाती है। इतना ही नहीं कभी तार टूटने तो कभी जंफर उड़ने से बत्ती गुल रहती है जिले में करीब पांच लाख उपभोक्ता है। शहरी क्षेत्र में 24 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। शहर में हर घंटे रुक-रुक कर ट्रिपिंग होती रहती है। इस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण अंचलों में 18 घंटे में बमुश्किल 8 से 10 घंटे बिजली मिल रही है। इस दौरान कई बार बिजली की आवाजाही रहती है। रात में भी दो से तीन घंटे की अघोषित कटौती होती है। इस वजह से लोगों की रात की नींद हराम रहती है।
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खामी छिपाने के लिए काट दी जाती बिजली
जर्जर तार आए दिन टपकने से फसल तबाह हो रही है। शॉर्ट सर्किट से आग न लगे। इस वजह से दोपहर में बिजली काट दी जाती है, जबकि दोपहर में लोगों को बिजली की ज्यादा जरूरत रहती है। तारों को कसवाने और ट्री कटिंग के दिशा-निर्देश दिए हैं, लेकिन वह महज कागजों तक सीमित है। यदि तार कसवाने के साथ यदि ट्री कटिंग करा दी जाए तो इस तरह की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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बेपटरी हुआ शेड्यूल, आने-जाने का समय नहीं
शहर में दिन भर बिजली की आवाजाही से हर कोई परेशान है। खासकर सबसे ज्यादा परेशानी व्यापारियों को होती है। कटौती से कारोबार प्रभावित होता है। चौहान मार्केट में इलेक्ट्रॉनिक की दुकान चलाने वाले अमरजीत मौर्य, सुपर मार्केट के कपड़ा व्यापारी ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि गर्मी से हर कोई परेशान है। ऊपर से बिजली की कटौती रुला रही है। सत्यनगर निवासी सोनू वर्मा, घंटाघर चौराहा निवासी दिपांकर पाठक ने बताया कि बिजली की खूब कटौती हो रही है। सुधार के कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। दीनशाह गौरा ब्लॉक क्षेत्र के पूरे सुबेदार निवासी मोनू सिंह, पूरे ठाकुरगंज निवासी जमुना प्रसाद दीक्षित ने बताया कि बिजली कटौती से रातों की नींद उड़ी रहती है। दिन में बिजली नहीं आने की वजह से खेती का काम प्रभावित हो रहा है। उर्द, मूंग, मवेशियों के लिए हरे चारे की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के पूरे सोनारन निवासी राजकुमार यादव, गोकुलपुर निवासी फिरोज अहमद ने बताया कि कहने को तो 18 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन बमुश्किल आठ से 10 घंटे ही बिजली मिल रही है। इस दौरान भी कई बार बिजली कटौती हो रही है।
बिजली की मांग बढ़ने से समस्या बढ़ी
जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग बढ़ गई है। सर्दी में बिजली की मांग करीब 150 मेगावाट थी, जो गर्मी में बढ़कर लगभग 225 मेगावाट हो गई है। एक्सईन ट्रांसमिशन अखिलेश कुमार ने बताया कि मांग के हिसाब से बिजली मिल रही है। 33 केवी लाइन में फॉल्ट या फिर अन्य किसी समस्या से आपूर्ति में बाधा आती है।
फॉल्ट को तत्काल ठीक कराने के दिए गए निर्देश
शेड्यूल के हिसाब से बिजली आपूर्ति हो रही है। फॉल्ट आने पर तत्काल ठीक कराने के लिए अवर अभियंताओं को दिशा निर्देश दिए गए हैं। अघोषित कटौती ऊपर से होती है। इसके अलावा लाइनों और ट्री कटिंग कराई गई है। -वाईएन राम, अधीक्षण अभियंता पावर कॉर्पोरेशन