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Lucknow News: एफएसडीए की टीम के रडार पर कई दवा फर्में
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शुक्रवार को पकड़ी गई थी नकली दवा।
लखनऊ। राजधानी में नकली दवाओं की बड़ी खेप पकड़ में आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के रडार पर कई फर्में आ गई हैं। एफएसडीए की टीम इन फर्मों के खिलाफ साक्ष्य जुटा रही है। टीम का कहना है कि यह मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसकी गहन जांच कराई जा रही है।
एफएसडीए अफसरों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई होगी। अब दवाओं की खरीद-बिक्री, स्टॉक रजिस्टर और बिलिंग रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की जाएगी। जांच टीम नकली दवाओं के निर्माण स्थल का पता लगाने में जुटी है। कूरियर कंपनी से भी पूछताछ की जा रही है।
कूरियर बुकिंग करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज देखी जाएगी। एफएसडीए की नजर उन प्रतिष्ठानों पर भी है, जहां पिछले कुछ समय में संदिग्ध तरीके से दवाओं की बड़ी खरीद या बिक्री हुई है। अधिकारियों का मानना है कि सप्लाई चेन की हर कड़ी जोड़ने पर कई और नाम सामने आ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी और दस्तावेज की गहन जांच भी हो सकती है। सहायक मंडल आयुक्त एफएसडीए ब्रजेश यादव ने बताया कि लखनऊ समेत आसपास के जिलों की कई फर्म संदेह के घेरे में हैं।
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एफएसडीए अफसरों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई होगी। अब दवाओं की खरीद-बिक्री, स्टॉक रजिस्टर और बिलिंग रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेज की भी जांच की जाएगी। जांच टीम नकली दवाओं के निर्माण स्थल का पता लगाने में जुटी है। कूरियर कंपनी से भी पूछताछ की जा रही है।
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कूरियर बुकिंग करने वालों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज देखी जाएगी। एफएसडीए की नजर उन प्रतिष्ठानों पर भी है, जहां पिछले कुछ समय में संदिग्ध तरीके से दवाओं की बड़ी खरीद या बिक्री हुई है। अधिकारियों का मानना है कि सप्लाई चेन की हर कड़ी जोड़ने पर कई और नाम सामने आ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठानों पर छापेमारी और दस्तावेज की गहन जांच भी हो सकती है। सहायक मंडल आयुक्त एफएसडीए ब्रजेश यादव ने बताया कि लखनऊ समेत आसपास के जिलों की कई फर्म संदेह के घेरे में हैं।
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