'नफरत फैलाने के लिए हो रहा संघ का जमावड़ा'
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समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और राजनीति पेंशन मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का जमावड़ा नफरत फैलाने की मंशा से हो रहा है।
संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठकों का जो एजेंडा सामने आया है, उससे लगता है कि प्रदेश में बने शांति और विकास के माहौल को बिगाड़ने की साजिशों को अंतिम रूप दिया जाना है। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के लिए ही संघ के एजेंडे में धर्मांतरण और इसाई मिशनरियों की घुसपैठ जैसे मुद्दे रखे गए है।
राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में आरएसएस से सपा सांप्रदायिकता के खिलाफ मोर्चा लेती रही है। मुलायम सिंह यादव ने देश संविधान से चलेगा, आस्था से नहीं, यह ऐलान करके धर्मनिरपेक्षता को मजबूत करने का काम किया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार लोकतंत्र और समाजवाद के साथ विकास की दिशा में कार्य कर रही है। यह काम सामाजिक सौहार्द के वातावरण में संभव है।
मेरठ और बदायूं मामले से खुली कलई
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा सरकार के कदमों से बौखलाए भाजपा-आरएसएस कभी लव जेहाद तो कभी कानून व्यवस्था और कभी धर्मांतरण के मुद्दे उठाकर जनता को भ्रमित करने की साजिशों में लग गए है। हालांकि, मेरठ और बदायूं के मामलों में सरकार को बदनाम करने वालों की कलई खुल गई है।
उन्होंने कहा कि समाज और राजनीति में आरएसएस और भाजपा की भूमिका हमेशा विघटनकारी की रही है। विभिन्न समुदायों के बीच विद्वेष और नफरत की भावना फैलाने में इनको महारथ है।
चूंकि प्रदेश में सांप्रदायिक ताकतों को अपने बुरे दिन आने का भरोसा हो चला है। इसलिए वे अब नई चालें चलकर समाज को तोड़ने की साजिशें करना चाहते हैं। सपा सरकार के रहते वे अपने कुत्सित इरादों में सफल नहीं हो सकेंगे।