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Lucknow News: लखनऊ जंक्शन पर गिरी महिला प्रतीक्षालय की छत, बचे 200 यात्री
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लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।
- फोटो : लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।
लखनऊ। लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बंद पड़ी कैंटीन की बगैर अनुमति लिए बृहस्पतिवार को दीवार तोड़ने के दौरान एक पिलर गिर गया। इससे महिला प्रतीक्षालय से जुड़ी छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया और महिला प्रतीक्षालय व प्रथम तल पर बने एसी वेटिंग रूम के दौ सौ यात्रियों में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के लखनऊ जंक्शन पर लगेज स्कैनर के पास पुरानी कैंटीन है। यहां आईआरसीटीसी की रेल आहार कैंटीन चलती थी, जिसे बंद कर दिया गया। दो महीने बाद इसे रेलवे को सौंप दिया गया। कैंटीन के पास यात्री प्रतीक्षालय है तथा प्रथम तल पर एसी प्रतीक्षालय है। दोनों में क्रमश: 90 व 110 यात्री थे। इस हिस्से को विस्तार देने के लिए कैंटीन के पिछले हिस्से की दीवार को ठेकेदार द्वारा तुड़वाया जा रहा था। इस दौरान पिलर टूट गया। इस पिलर पर महिला प्रतीक्षालय का लोड था। इससे प्रतीक्षालय की छत गिर गई। हादसे के बाद यात्रियों को हटाकर प्रतीक्षालय बंद कर दिया गया।
करते रहे लीपापोती
मामले में अफसर लीपापोती करते नजर आए। रेलवे प्रशासन मामले को रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और आईआरसीटीसी के पाले में डालता रहा। देर शाम तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर ही नहीं पहुंचा।
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बच गए श्रमिक, जा सकती थी जान
कार्यस्थल पर मजदूर काम कर रहे थे। छत गिरने के महज कुछ देर पहले ही मजदूर वहां से दूसरी जगह पर गए थे। ऐसे में अगर मजदूर मैाके पर मौजूद होते तो उनकी जान जा सकती थी। फिलहाल रेलवे प्रशासन मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
तीनों प्रतीक्षालय बंद, यात्री कहां बैठेंगे
लखनऊ जंक्शन पर महिला प्रतीक्षालय से जुड़ी छत गिर गई। इसके ऊपर प्रथम तल पर महिला व पुरुष एसी वेटिंग रूम था। छत गिरने से तीनों प्रतीक्षालयों को खाली करवाया गया। साथ ही उन्हें बंद भी कर दिया गया। ऐसे में अब यात्रियों के लिए स्टेशन पर प्रतीक्षालय की सुविधा फिलहाल मिलती नहीं दिख रही है।
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पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के लखनऊ जंक्शन पर लगेज स्कैनर के पास पुरानी कैंटीन है। यहां आईआरसीटीसी की रेल आहार कैंटीन चलती थी, जिसे बंद कर दिया गया। दो महीने बाद इसे रेलवे को सौंप दिया गया। कैंटीन के पास यात्री प्रतीक्षालय है तथा प्रथम तल पर एसी प्रतीक्षालय है। दोनों में क्रमश: 90 व 110 यात्री थे। इस हिस्से को विस्तार देने के लिए कैंटीन के पिछले हिस्से की दीवार को ठेकेदार द्वारा तुड़वाया जा रहा था। इस दौरान पिलर टूट गया। इस पिलर पर महिला प्रतीक्षालय का लोड था। इससे प्रतीक्षालय की छत गिर गई। हादसे के बाद यात्रियों को हटाकर प्रतीक्षालय बंद कर दिया गया।
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करते रहे लीपापोती
मामले में अफसर लीपापोती करते नजर आए। रेलवे प्रशासन मामले को रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) और आईआरसीटीसी के पाले में डालता रहा। देर शाम तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर ही नहीं पहुंचा।
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बच गए श्रमिक, जा सकती थी जान
कार्यस्थल पर मजदूर काम कर रहे थे। छत गिरने के महज कुछ देर पहले ही मजदूर वहां से दूसरी जगह पर गए थे। ऐसे में अगर मजदूर मैाके पर मौजूद होते तो उनकी जान जा सकती थी। फिलहाल रेलवे प्रशासन मामले की जांच करवाकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कह रहा है।
तीनों प्रतीक्षालय बंद, यात्री कहां बैठेंगे
लखनऊ जंक्शन पर महिला प्रतीक्षालय से जुड़ी छत गिर गई। इसके ऊपर प्रथम तल पर महिला व पुरुष एसी वेटिंग रूम था। छत गिरने से तीनों प्रतीक्षालयों को खाली करवाया गया। साथ ही उन्हें बंद भी कर दिया गया। ऐसे में अब यात्रियों के लिए स्टेशन पर प्रतीक्षालय की सुविधा फिलहाल मिलती नहीं दिख रही है।

लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।- फोटो : लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।

लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।- फोटो : लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गिरी छत।