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Lucknow News: खुली वायरिंग, फटे टायरों के साथ दौड़ रहीं रोडवेज बसें, हादसों की आशंका

Sun, 14 Sep 2025 02:43 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 14 Sep 2025 02:43 AM IST
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Roadways buses running with open wiring and torn tyres, risk of accidents
खस्ताहाल बसें, किसी में तारों का जाल किसी में फर्स्ट एड बॉक्स गायब, कई के टायर ही फटे।
लखनऊ। शहर से रुपईडीहा जाने वाली यूपी 40 टी 5081 नंबर की बस शनिवार सुबह कैसरबाग बस अड्डे पर खड़ी मिली तो उसमें सुरक्षा की धज्जियां बिखरी हुई थीं। बस के अंदर जगह-जगह खुले तार लटक रहे थे, हॉर्न की जगह सीधे तार जोड़ रखे थे, फर्स्ट एड बॉक्स गायब था और म्यूजिक सिस्टम ठूंसा हुआ था। दूसरी ओर, हरदोई जाने वाली बस (संख्या यूपी 78 केएन 0172) का टायर फटा था, बोनट खुला पड़ा था और हीट सीधे बस के भीतर आ रही थी।
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यह हालात हैं उन रोडवेज बसों के, जिनमें रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में उनकी जिंदगी हर पल सांसत में रहती है। हाल ही में काकोरी में हुए हादसे के बाद बसों की हालत पर मंथन शुरू तो हुआ, लेकिन हकीकत यह है कि लापरवाहियां अब भी जस की तस हैं।
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परिवहन निगम मुख्यालय ने आदेश दिया है कि कोई भी बस बिना फिटनेस चेक के डिपो से बाहर न निकले। वायरिंग, टायर, ब्रेक, वाइपर समेत 13 बिंदुओं पर जांच अनिवार्य बताई गई है, लेकिन हकीकत यह है कि कागजों में बसें फिट दिखा दी जाती हैं और सड़क पर कबाड़ उतार दिया जाता है।
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लखनऊ के चार बस अड्डों से रोज चलती हैं डेढ़ हजार बसें
लखनऊ के चारों बड़े बस अड्डों कैसरबाग, अवध, आलमबाग और चारबाग से हर रोज औसतन डेढ़ हजार से ज्यादा बसें चलती हैं। इनमें नई बसें तो चकाचक हैं, लेकिन पुरानी बसों में फटी सीटें, टूटी वायरिंग और जर्जर हालत साफ झलकती है।
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सवाल : आखिर क्या हुआ दो करोड़ रुपये में
परिवहन निगम ने मरम्मत और सुधार के नाम पर डिपो को दो करोड़ रुपये दिए थे। इस रकम से इंजन, सीट, ब्रेक, वाइपर जैसे जरूरी काम होने थे। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि पैसा खर्च जरूर हुआ, मगर बसों की हालत में सुधार जरा भी नहीं दिखा। सवाल साफ है कि आखिर ये दो करोड़ रुपये गए कहां?

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बसों के मेंटेनेंस के लिए स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं। फिर भी गड़बड़ी मिलती है तो लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।
- आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक

खस्ताहाल बसें, किसी में तारों का जाल किसी में फर्स्ट एड बॉक्स गायब, कई के टायर ही फटे।

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