यूपी: प्रदेश के ज्यादातर जिले चक्रवाती बारिश की चपेट में, इन जिलों स्कूलों में अवकाश घोषित; जारी हुआ रेड अलर्ट
Weather in UP: यूपी में पश्चिमी विक्षोभ से इंटरेक्शन के बाद बने चक्रवात की वजह से भारी बारिश हो रही है। प्रशासन ने कई जिलों में अवकाश घोषित कर दिया।
विस्तार
बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ से इंटरेक्शन के बाद उत्तर प्रदेश में बारिश के तेवर और तीखे हो गए हैं। नेपाल सीमा से लगे तराई और पूर्वांचल के कई इलाकों में बीते 24 घंटे से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में मौसम में नरमी आने से ठंडक का एहसास घुल गया।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में बारिश का दायरा और व्यापक होगा। कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के आसार हैं। नेपाल सीमा से लगे तराई क्षेत्र में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है। बारिश के चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है और यह सामान्य से नीचे पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन आठ जिलों और आसपास के क्षेत्रों में रेड अलर्ट है।
वहीं बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना है।
गोंडा में बारिश के चलते स्कूलों में शिक्षण कार्य बंद, 28 को खुलेंगे
लखनऊ में अवकाश घोषित
बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा लखनऊ के सभी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर 12 तक में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
बलरामपुर में अवकाश
बलरामपुर में भी शनिवार को कक्षा एक से 12 तक के सभी बोर्ड के विद्यालय बंद किए गए हैं। अवकाश में शिक्षक विभागीय करेंगे।
सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी अवकाश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए सीतापुर, बाराबंकी और श्रावस्ती में भी अवकाश घोषित किया गया है। यहां पर मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
ये हैं रेड अलर्ट वाले जिले
ऑरेंज अलर्ट
येलो अलर्ट - भारी बारिश - 39 जिले
इनमें कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, कासगंज, मैनपुरी, इटावा और औरैया शामिल हैं।
गरज-चमक, वज्रपात व तेज हवा
59 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है। इनमें कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, लखनऊ, मेरठ, बरेली, रामपुर आदि शामिल हैं।इन जिलों में हवा 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है और झोंकों में 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
रेड व ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के लिए सख्त निर्देश
प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने शुक्रवार को रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। राहत आयुक्त ने लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट के मद्देनजर जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। वहीं लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, बाराबंकी और रायबरेली समेत ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहकर सुरक्षात्मक कदम उठाने को कहा गया है।
फ्लैश फ्लड, वज्रपात की आशंका और 27 सितंबर तक का पूर्वानुमान
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र (डिप्रेशन) के कारण उत्तर प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद आजमगढ़, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, लखनऊ, कानपुर नगर और फतेहपुर समेत कई जनपदों के वाटरशेड (जलग्रहण) क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की आशंका को देखते हुए राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसके अलावा तेज आंधी और वज्रपात (बिजली गिरने) के खतरे से बचाव के लिए प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे, पेड़ के नीचे या पार्कों में न रुके।
राहत-बचाव कार्य और आम जनता के लिए परामर्श
प्रशासन ने हर नागरिक के जान-माल की सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए अधिकारियों को खुद धरातल पर उतरकर स्थिति का जायजा लेने के आदेश दिए हैं। स्थानीय संचार माध्यमों और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए मौसम की चेतावनियों और जरूरी सावधानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए सभी राहत और बचाव टीमों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। साथ ही, राहत आयुक्त ने आम जनता से अपील की है कि वे बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलें और प्रशासन व मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।