एमएलसी के लिए भेजें दूसरे नाम, दे देंगे मंजूरीः राम नाईक
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राज्यपाल राम नाईक ने विधान परिषद में पांच सदस्यों के मनोनयन को लेकर बरकरार गतिरोध को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को वैकल्पिक नाम भेजने की सलाह दी है। रोके गए पांच नामों पर मुख्यमंत्री को एक बार फिर अपनी आपत्तियों से अवगत कराते हुए राज्यपाल ने कहा कि दूसरे नाम भेज दिए जाएं, वे मंजूरी दे देंगे।
राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से नए लोकायुक्त के चयन के लिए की जा रही कार्यवाही की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे। वे करीब एक घंटे वहां रहे। दोनों ने एक-दूसरे को नवरात्रि व दशहरे की शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान दोनों के बीच एमएलसी की पांच सीटों पर मनोनयन, संशोधन विधेयक के लंबित रहने की वजह से लोकायुक्त के चयन में फंसे पेंच समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान राज्यपाल ने इशारे-इशारे में एमएलसी के रोके गए पांच नामों को मंजूरी देने में आड़े आ रही संवैधानिक अड़चनों का जिक्र करते हुए सुझाव दिया कि सरकार को वैकल्पिक नाम भेजने चाहिए जिससे मामले का निपटारा हो सके।
लोकायुक्त चयन में आ रही हैं अड़चने
राज्यपाल का कहना था कि मामला उच्च सदन में सदस्यों के मनोनयन से संबंधित है, इसलिए सरकार को इसमें देरी नहीं करनी चाहिए। मनोनयन की फाइल परीक्षण के नाम पर बहुत दिनों तक लंबित रखना ठीक नहीं है।
विधानमंडल द्वारा पारित उ.प्र. लोकायुक्त एवं उप लोक आयुक्त संशोधन विधेयक 2015 के कारण लोकायुक्त के चयन में आ रही अड़चन पर भी दोनों के बीच चर्चा हुई। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि चयन समिति की बैठक में चीफ जस्टिस द्वारा कानूनी सलाह लेने के सुझाव पर क्या किया गया?
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को बताया कि इस मामले में कानूनी व संविधान विशेषज्ञों से राय मांगी गई है। राय मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
सीएम ने मेक इन यूपी के बयान पर राज्यपाल को सराहा
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने मंगलवार को लखीमपुर में मेक इन इंडिया व मेक इन यूपी को एक- दूसरे का पूरक बताए जाने पर राज्यपाल की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम तौर पर उनके मेक इन यूपी के नारे को मेक इन इंडिया के संदर्भ में दूसरे नजरिये से देखा जाता है लेकिन राज्यपाल ने इसकी जिस तरह से व्याख्या की, वह उन्हें अच्छी लगी।
मुलाकात के दौरान चाय-नाश्ते की बात आई तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उपवास होने की बात कही। इस पर राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के लिए फलाहार मंगाया और उनके साथ खुद भी फलाहार किया। हालांकि राज्यपाल उपवास नहीं रखते।