राज्यसभा चुनाव: वोटिंग पूरी, 403 में से 401 विधायकों ने डाला वोट
राज्यसभा की 11 सीटों के लिए शनिवार दोपहर ढाई बजे तक 403 में से 401 विधायकों ने वोट डाले। बीमार होने के चलते दो विधायक वोट नहीं डाल सके।
राज्यसभा वोटिंग के दौरान सपा और बीजेपी विधायकों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई। बीजेपी विधायकों ने सपा पर गुंडागर्दी और वोट डालने से रोकने का आरोप लगाया। खागा से बीजेपी की महिला विधायक ने कहा कि सपा ने वोट डालने में गुंडागर्दी कर रही है। सपा कार्यकर्ताओंं ने वोट डालने से रोककर बक्सा बंद करवा दिया।
वहीं गुड्डू पंडित ने ये कहकर सनसनी फैला दी कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है और वोट डालने से रोका जा रहा है। दूसरी तरफ सपा विधायक जमीरुल्ला ने गुड्डू पंडित के आरोपों को गलत बताया।
वहीं बीजेपी से महिला विधायक विमला बाथम और कृष्णा पासवान ने वोटिग के दौरान अभद्रता का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि उन्हें वोट नहीं डालने दिया जा रहा है। सपा विधायक जमीरुल्ला ने यहां पहुंचकर भी इन आरोपों को गलत बताया। इसके अलावा बीजेपी विधायक रघुनंदन भदौरिया ने भी वोट डालने में अड़ंगा लगाए जाने का आरोप लगाया और कहा कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के लिए सुबह से ही विधायकों की लंबी लाइन लग गई थी। सुबह सब शांति से चलता रहा वहीं धीरे-धीरे माहौल गरमाने लगा। वोटिंग के साथ नेता विपक्षियों पर कटाक्ष करने से नहीं चूके। कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश ने कहा, मोदी का धनबल कल भी हारा था आज भी हारेगा। वहीं राज्यसभा प्रत्याशी अमर सिंह, कपिल सिब्बल और प्रीति महापात्रा तीनों दूसरी ओर से तिलक हॉल पहुंचे।
वहीं बेनी प्रसाद ने कहा, ऑल इज वेल, सातों जीतेंगे। बेनी भाजपा की कल की हार पर कुछ बोले बिना ही निकल गए। सपा नेता शारदा प्रसाद बोले, हम नेताजी के साथ हैं, हम सपा के साथ हैं। कल सपा के सभी जीते थे आज भी जीतेंगे।
आशुतोष टंडन ने कहा कल बीजेपी को 10 वोट ज्यादा मिले थे। आज बीजेपी के अतिरिक्त वोटों के साथ महापात्रा जीतेंगी।
बता दें कि शुक्रवार को हुए एमएलसी चुनाव में बड़े पैमाने पर हुई क्रॉस वोटिंग ने राज्यसभा की 11 सीटों के लिए आज होने वाले मतदान को लेकर सभी राजनीतिक दलों की नींदें उड़ा रखी हैं। उन्हें राज्यसभा चुनाव में भी एमएलसी चुनाव नतीजों की स्पष्ट छाप दिखने की आशंका सता रही है।
गैर भाजपा दल एमएलसी चुनाव की ही तर्ज पर राज्यसभा के लिए भाजपा समर्थित प्रीति महापात्रा को हराने के लिहाज से देर रात तक अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे रहे।
दूसरी ओर, विधान परिषद में भाजपा के दूसरे प्रत्याशी दया शंकर सिंह की हार के बाद प्रीति के वोट प्रबंधक बेचैन नजर आए। उधर, बसपा के देर रात तक पत्ते न खोलने की वजह से कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार भी खासे बेचैन दिखे।
राज्यसभा की 11 सीटों के लिए 12 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा समर्थित प्रीति महापात्रा की वजह से चुनाव की नौबत आई है। राज्यसभा चुनाव के एक दिन पहले हुए एमएलसी चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग हुई। क्रॉस वोटिंग में गैर भाजपा दलों की रणनीति कामयाब रही और सारे जतन करने के बावजूद भाजपा अपने दूसरे प्रत्याशी दयाशंकर सिंह को नहीं जिता सकी।
ऐसी ही रणनीति राज्यसभा के चुनाव में भी नजर आने के आसार हैं। लिहाजा, सभी दल अपने-अपने राज्यसभा प्रत्याशियों को चुनाव जिताने की रणनीति में जुट गए। शीर्ष नेताओं ने विधायकों के साथ डिनर पर रणनीति बनाई।
रालोद ने सपा की जीत के लिए जारी किया व्हिप
रालोद ने भाजपा को हराने और सपा व कांग्रेस प्रत्याशी की जीत के लिए व्हिप जारी कर दिया है। रालोद के पास आठ वोट हैं। उसने इसमें से सात वोट सपा प्रत्याशियों को, जबकि एक वोट कांग्रेस के कपिल सिब्बल को देने का फैसला किया है। बसपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए दो प्रत्याशियों, सतीश चंद्र मिश्र और अशोक सिद्धार्थ को उतारा है।
उसके चार विधायक एमएलसी चुनाव में बगावती तेवर दिखा चुके हैं। इस लिहाज से राज्यसभा के लिए प्रत्यक्ष तौर पर उसके पास फिलहाल 76 वोट ही नजर आ रहे हैं। राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए प्रथम वरीयता के 34 वोट चाहिए। इस तरह बसपा को अपने दोनों प्रत्याशियों को जिताने के लिए 68 वोटों की दरकार है।
जानकार बताते हैं कि बसपा इससे बचे अपने अतिरिक्त वोट भी अपने दोनों प्रत्याशियों को ही डलवाने की रणनीति पर काम कर रही है। उधर, बसपा के अतिरिक्त वोट हासिल करने के लिए देर रात तक कांग्रेसी खेमे की कवायद जारी रही। ऐसे में असली सीन वोटिंग बाद ही सामने आने की संभावना है।
एमएलसी चुनाव में भाजपा को सिर्फ 15 अतिरिक्त वोटों की जरूरत थी। मगर, वह सिर्फ आठ वोटों का इंतजाम कर पाई। राज्यसभा की समर्थित प्रत्याशी प्रीति महापात्रा को जिताने के लिए कम से कम 23 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है। प्रीति के प्रबंधक इसे लेकर सबसे ज्यादा बेचैन नजर आए।
विधानसभा चुनाव में ये है दलों की स्थिति
बसपा-----80
भाजपा-----41
कांग्रेस-----29
रालोद-----08
पीस पार्टी-----04
कौमी एकता दल-----02
एनसीपी-----01
टीएमसी-----01
अपना दल-----01
आईएमसी-----01
निर्दलीय-----06
कुल विधायक-----403