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Lucknow News: बच्चों की तरह पाला...कुछ दिन के लिए पेट शॉप में दिया, अब पता नहीं
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पेट शॉप में लगी आग
लखनऊ। मेरे बच्चे फंस गए....साहब इन्हें निकाल लाओ। यह शब्द नहीं एक वेदना भी थी, जो पशु प्रेमी भारती की थी। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे जब उन्हें पेट शॉप पर आग लगने की सूचना मिली वह भागते हुए घटनास्थल पर आ गईं। मौके पर वह दहाड़ें मारकर रोते हुए अपने सगे संबंधियों को सूचना देने लगीं।
भारती इस कदर रो रही थीं कि मानों कि उनका परिचित अब उनसे दूर चला गया हो। वह बार-बार धधकते हुए पेट शॉप में जाने की कोशिश करती रहीं। भारती से जब उनके किसी परिचित के बिल्डिंग में फंसे होने की बात पूछी गई तो उन्होंने मना कर दिया। वह सिर्फ बार-बार यह कह कर रोतीं रहीं कि मेरे बच्चे अंदर फंस गए। किसी तरह ढांढस बंधाने पर भारती ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने पेट शॉप में अपने दो पालतू पशु दिए थे। वह बार-बार शॉप के करीब तक जाकर अपने पशुओं को खोजती रहीं।
दो एनजीओ के लोगों में दिखा टकराव
वहीं, पालतु पशुओं की सहायता के लिए कई एनजीओ के लोग भी सामने आए। मगर इनमें से दो एनजीओ में रेस्क्यू को लेकर आपस में होड़ मच गई। दोनों में पहले पशुओं को रेस्क्यू करने की बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें शांत कराया।
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पेट शॉप में बिक्री के लिए अधिक संख्या में थी पर्शियन कैट
जिस दुकान में आग लगी उसमें बिक्री के लिए सबसे अधिक पर्शियन कैट थीं। वहीं कुछ कुत्ते थे। कुछ लोगों ने किराये पर पशु दे रखे थे और कुछ ने भर्ती कराए थे। आग लगने पर करीब 15 पर्शियन कैट गंभीर रूप से झुलस गईं। वहीं, एक कुत्ते की मौत हो गई। पेट हाउस संचालक राम कृष्ण उपाध्याय ने दो विदेशी नस्ल की गाय पाली थीं। मगर उनका कुछ पता नहीं चल सका है।
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भारती इस कदर रो रही थीं कि मानों कि उनका परिचित अब उनसे दूर चला गया हो। वह बार-बार धधकते हुए पेट शॉप में जाने की कोशिश करती रहीं। भारती से जब उनके किसी परिचित के बिल्डिंग में फंसे होने की बात पूछी गई तो उन्होंने मना कर दिया। वह सिर्फ बार-बार यह कह कर रोतीं रहीं कि मेरे बच्चे अंदर फंस गए। किसी तरह ढांढस बंधाने पर भारती ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने पेट शॉप में अपने दो पालतू पशु दिए थे। वह बार-बार शॉप के करीब तक जाकर अपने पशुओं को खोजती रहीं।
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दो एनजीओ के लोगों में दिखा टकराव
वहीं, पालतु पशुओं की सहायता के लिए कई एनजीओ के लोग भी सामने आए। मगर इनमें से दो एनजीओ में रेस्क्यू को लेकर आपस में होड़ मच गई। दोनों में पहले पशुओं को रेस्क्यू करने की बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें शांत कराया।
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पेट शॉप में बिक्री के लिए अधिक संख्या में थी पर्शियन कैट
जिस दुकान में आग लगी उसमें बिक्री के लिए सबसे अधिक पर्शियन कैट थीं। वहीं कुछ कुत्ते थे। कुछ लोगों ने किराये पर पशु दे रखे थे और कुछ ने भर्ती कराए थे। आग लगने पर करीब 15 पर्शियन कैट गंभीर रूप से झुलस गईं। वहीं, एक कुत्ते की मौत हो गई। पेट हाउस संचालक राम कृष्ण उपाध्याय ने दो विदेशी नस्ल की गाय पाली थीं। मगर उनका कुछ पता नहीं चल सका है।

पेट शॉप में लगी आग

पेट शॉप में लगी आग