100 यूएस डॉलर में यूपी एनआरआई दिवस का न्यौता
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प्रदेश में पहली बार आयोजित हो रहे यूपी-एनआरआई दिवस के लिए सरकार ने मेहमानों के आमंत्रण की व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया है। पहले अप्रवासियों को बिना किसी औपचारिकता के बुलाने की योजना थी लेकिन अब इसके लिए 100 अमेरिकी डॉलर (करीब 6000 रुपये) का रजिस्ट्रेशन शुल्क तय कर दिया गया है।
खुशी की बात यह है कि अपनी माटी के लिए कुछ करने की तमन्ना रखने वाले यूपी मूल के अप्रवासियों ने सरकार की बदली व्यवस्था में भी गर्मजोशी दिखाई है। अब तक 340 अप्रवासियों ने अपना रजिस्ट्र्रेशन कराया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुनिया के तमाम देशों में रह रहे यूपी मूल के अप्रवासियों को अपनी माटी से जोड़ने और अच्छा काम करने वाले अप्रवासियों को सम्मानित करने के लिए यूपी-एनआरआई दिवस के आयोजन की पहल की है। यह कार्यक्रम 4 व 5 जनवरी को आगरा में होगा।
एनआरआई विभाग ने पहले इसके लिए अप्रवासियों को बिना कोई शुल्क लिए आमंत्रित करने का विचार किया था। पर, जब पता चला कि केंद्र सरकार भारतीय अप्रवासी दिवस के आयोजन में अप्रवासियों से 200 डॉलर का रजिस्ट्रेशन शुल्क लेती है, तो उसने भी अपना मन बदल दिया।
सम्मानित होने वाले अप्रवासियों से नहीं लिया फीस
अब तय किया गया है कि यूपी मूल के आम अप्रवासियों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए केंद्र सरकार का आधा यानी 100 डॉलर रजिस्ट्र्रेशन शुल्क लिया जाए। लेकिन जिन अप्रवासियों को समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किया जाना है, उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार उनकी भरपूर खातिरदारी करेगी। उनके आने-जाने, ठहरने और खाने-पीने का पूरा बंदोबस्त विभाग करेगा।
शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यूपी एनआरआई दिवस की जोरदार तैयारी चल रही है। अब तक 340 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन के आवेदन मिले हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा भी फाइनल हो चुकी है। जिन अप्रवासी भारतीयों को सम्मानित किया जाना है, उनका नाम मुख्यमंत्री की सहमति के लिए भेजा जा चुका है।
यूपी-एनआरआई कार्ड के लिए 500 लेंगे
सरकार ने यूपी मूल के अप्रवासियों को तमाम तरह की मदद उपलब्ध कराने की भी पहल की है। इसके लिए उन्हें एक यूपीएनआरआई कार्ड दिया जा रहा है। शासन ने इसके लिए 500 रुपये का शुल्क तय किया है। इसके लिए अब तक 396 आवेदन लिए गए हैं।
सीएम से संवाद, आगरा भ्रमण होगा खास
यूपी एनआरआई दिवस में दो दिन का कार्यक्रम कई मायने में खास होगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जहां पहले दिन स्वयं उद्घाटन सत्र में मौजूद होंगे वहीं सरकार के शीर्ष अधिकारी दोनों दिन वहां रहेंगे।
पहले दिन अप्रवासियों के पहुंचते ही उन्हें आगरा और मथुरा के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके बाद चार बजे से शुरू होने वाले उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री प्रतिष्ठित एनआरआई को ‘यूपी रत्न पुरस्कार’ देंगे। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या होगी।
दूसरे दिन औद्योगिक विकास, स्किल डवलपमेंट,पर्यटन, मेक इन यूपी, इन्वेस्ट इन हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक निर्माण में यूपी एनआरआई की भूमिका व अप्रवासियों की कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी में भूमिका जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्यमंत्री अभिषेक मिश्र भी उपस्थित रहेंगे।