गवर्नर बनते ही नाइक का राज ठाकरे पर हमला
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प्रदेश के राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नवनियुक्त राज्यपाल राम नाईक ने मुंबई में उत्तर भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाओं के सवाल पर कहा कि यह वास्तव में उतना होता नहीं है जितना प्रचार किया जाता है।
उन्होंने कहा कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का हाथ इसमें रहता है लेकिन अब उसका प्रभाव भी कम हुआ है।
नाईक ने कहा, जिस संसदीय क्षेत्र से मैं चुना जाता रहा हूं, वहां 25-30 फीसदी उत्तर भारतीय हैं। मैं भाषा के आधार पर भेदभाव में विश्वास नहीं करता। भाषा विचारों के साथ लोगों को जोड़ने का माध्यम है।
राज्यपाल बोले मैं मराठी हूं, शपथ ग्रहण कराने वाले हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भी मराठी हैं, फिर अपनी प्रमुख सचिव जूथिका पाटणकर का नाम लेते हुए कहा कि संयोग से ये भी मराठी ही हैं। मराठी का स्वागत करें उत्तर भारतीय। हम सब मिलकर काम करेंगे।
संविधान के अनुसार काम करूंगा
सूबे के नए राज्यपाल राम नाईक ने आम लोगों के लिए राजभवन के दरवाजे खुले रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे लोग उनसे मिल सकें।
नाईक ने कहा कि वे संविधान की किताब सामने रखकर काम करेंगे और उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने में अपना योगदान देंगे। बतौर कुलाधिपति विश्वविद्यालयों में पढ़ाई का स्तर सुधारने पर भी उनका ध्यान होगा।
प्रदेश के राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में नाईक ने कहा कि वे प्रशासनिक कार्य से दूर रहेंगे। यह काम जनप्रतिनिधियों का है और उन्हें ही करना चाहिए।
हां, प्रदेश और लोगों की समस्याएं समझने के लिए वे जनसंपर्क जरूर करेंगे। इस दौरान जो भी बातें सामने आएंगी, उन्हें केंद्र या राज्य सरकार जहां पहुंचाना जरूरी होगा, पहुंचाएंगे।
केंद्र और राज्य के बीच बनेंगे सेतु
नाईक ने कहा कि उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है, इस नाते उनकी जिम्मेदारी भी काफी अहम है। उन्हें जो संवैधानिक दायित्व सौंपा गया है, उसका निर्वहन संविधान के दायरे में रहकर करेंगे।
राज्य और केंद्र के बीच वे सेतु की भूमिका निभाएंगे। जो समस्याएं पूरे देश में हैं वही यूपी में भी हैं। कानून-व्यवस्था के साथ-साथ शिक्षा, बेरोजगारी जैसी समस्याएं भी हैं।
उनकी कोशिश होगी कि अगर केंद्र की कोई योजना है तो प्रदेश साथ दे और राज्य सरकार की कोई समस्या है तो केंद्र उसका सहयोग करे। उनकी कोशिश जनसाधारण के हितों की रक्षा करने की होगी।
उच्चशिक्षा पर बिफरे
चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर नाईक ने कहा कि समस्याएं अनेक हैं। पूरे देश में शिक्षा का स्तर नीचे जा रहा है। देश में सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय में यूपी में हैं।
कुलाधिपति के नाते वे शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने में अपनी भूमिका निभाएंगे। यह पूछने पर कि पूर्व में कुछ मौकों पर राज्यपाल और सरकार के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे, आप कैसे तालमेल बिठाएंगे?
नाईक ने कहा कि वे आश्वस्त करना चाहते हैं कि पांच साल में ऐसी कोई नौबत नहीं आने देंगे जिससे किसी को लगे कि यह गलत हुआ।
कुरैशी पर टिप्पणी नहीं
पूर्ववर्ती डॉ. अजीज कुरैशी द्वारा रेप को लेकर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर हुए सवाल पर नाईक ने कहा कि जिसने कहा उसी से पूछो।
जौहर विवि का मामला तो अब कोर्ट ही तय कर सकता है रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विवि को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा देने संबंधी विधेयक को मंजूरी देने के डॉ. कुरैशी के निर्णय पर पुनर्विचार के सवाल पर नाईक ने कहा कि नई सरकार तो पिछली सरकार के एक महीने या कुछ और अवधि के फैसलों की समीक्षा कर सकती है लेकिन राज्यपाल के मामले में ऐसा नहीं है।
विधेयक को मंजूरी मिलते ही कानून बन गया। यह गलत है या सही, इसे तय करने का अधिकार अब केवल न्यायपालिका को है।