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Lucknow News: 10 से 18 घंटे तक गुल रही बिजली
Mon, 04 Mar 2024 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 04 Mar 2024 12:50 AM IST
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रायबरेली। पावर कॉर्पोरेशन के अभियंताओं की लापरवाही से बिजली व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है। फरवरी महीना अनुरक्षण माह के तहत मनाया गया। इस दौरान शहर से गांवों तक के विद्युत उपकेंद्रों पर काम कराए गए, लेकिन शनिवार की रात हवा और बारिश ने अनुरक्षण कार्यों की पोल खोलकर रख दी। कहीं पर 18 तो कहीं पर 10 घंटे बिजली गुल रही। शहर में बिजली की आवाजाही से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। करीब 400 गांव रातभर अंधेरे में रहे। इसकी वजह से आठ लाख आबादी को पेयजल समेत अन्य समस्याओं से जूझना पड़ा।
हवा और बारिश से शनिवार की रात विद्युत उपकेंद्र कठगर, डलमऊ, महुवाहार की बिजली गुल रही। सभी जगह रविवार सुबह आठ बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद भी बिजली की आवाजाही से लोगों को दो-चार होना पड़ा। विद्युत उपकेंद्र परशदेपुर की बिजली शनिवार शाम सात बजे से ही गुल हो गई। पूरी रात उपकेंद्र से जुड़े गांव अंधेरे में रहे। पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने पड़ताल की तो 33 केवी लाइन में इंसुलेटर खराब मिले। रविवार को करीब 18 घंटे बाद दोपहर एक बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अजय कुमार मिश्रा, मनीष तिवारी, धीरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मनीष मोदनवाल ने बताया कि मामूली बारिश या हवा चलने से ही बिजली गुल हो जाती है। जेई राजेश कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
इसी तरह विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से जुड़े गांवों की बिजली शनिवार रात 10 बजे गुल हो गई। इससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पाए। सुबह 12 बजे बिजली आई, तो लोगों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा लालगंज, लालगंज तहसील, बरस उपकेंद्रों से जुडे़ गांवों की बिजली पांच घंटे गुल रही।
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आरडीएसएस योजना से नहीं मिल पाई राहत
विद्युत सुधार के लिए जिले में जर्जर तार, खंभे समेत अन्य कार्यों के लिए चल रही रिवैंप, डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) से भी उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिलती दिख रही। यह हाल तब है जब योजना के तहत आधा काम हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत दूर है। 147 करोड़ रुपये की यह योजना दिसंबर, 2024 तक पूरी होनी है, लेकिन बिजली संकट अब भी बरकरार है।
बहाल करा दी गई आपूर्ति
अनुरक्षण माह के तहत विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों समेत अन्य कार्य कराए गए हैं। अभी कार्य चल भी रहा है। बरसात की वजह से बिजली गुल हुई थी। सभी जगह बहाल करा दी गई है।
- आरके सिंह, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन
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हवा और बारिश से शनिवार की रात विद्युत उपकेंद्र कठगर, डलमऊ, महुवाहार की बिजली गुल रही। सभी जगह रविवार सुबह आठ बजे आपूर्ति बहाल हुई। इसके बाद भी बिजली की आवाजाही से लोगों को दो-चार होना पड़ा। विद्युत उपकेंद्र परशदेपुर की बिजली शनिवार शाम सात बजे से ही गुल हो गई। पूरी रात उपकेंद्र से जुड़े गांव अंधेरे में रहे। पावर कॉर्पोरेशन की टीम ने पड़ताल की तो 33 केवी लाइन में इंसुलेटर खराब मिले। रविवार को करीब 18 घंटे बाद दोपहर एक बजे बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली। अजय कुमार मिश्रा, मनीष तिवारी, धीरेंद्र सिंह, राकेश कुमार, मनीष मोदनवाल ने बताया कि मामूली बारिश या हवा चलने से ही बिजली गुल हो जाती है। जेई राजेश कुमार ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई है।
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इसी तरह विद्युत उपकेंद्र उतरपारा से जुड़े गांवों की बिजली शनिवार रात 10 बजे गुल हो गई। इससे लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। लोग मोबाइल तक चार्ज नहीं कर पाए। सुबह 12 बजे बिजली आई, तो लोगों ने राहत की सांस ली। इसके अलावा लालगंज, लालगंज तहसील, बरस उपकेंद्रों से जुडे़ गांवों की बिजली पांच घंटे गुल रही।
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आरडीएसएस योजना से नहीं मिल पाई राहत
विद्युत सुधार के लिए जिले में जर्जर तार, खंभे समेत अन्य कार्यों के लिए चल रही रिवैंप, डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) से भी उपभोक्ताओं को कोई राहत नहीं मिलती दिख रही। यह हाल तब है जब योजना के तहत आधा काम हो चुका है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत दूर है। 147 करोड़ रुपये की यह योजना दिसंबर, 2024 तक पूरी होनी है, लेकिन बिजली संकट अब भी बरकरार है।
बहाल करा दी गई आपूर्ति
अनुरक्षण माह के तहत विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों समेत अन्य कार्य कराए गए हैं। अभी कार्य चल भी रहा है। बरसात की वजह से बिजली गुल हुई थी। सभी जगह बहाल करा दी गई है।
- आरके सिंह, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन