मिशन शक्ति की पोस्टर विमेन स्नेहिल पांडेय हैं लड़कियों की रोल मॉडल

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sun, 18 Oct 2020 01:57 AM IST
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अभिषेक सहज
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कुछ भी मुश्किल नहीं अगर इरादा पक्का हो।
मंजिल मिलेगी, अगर खुद से वादा सच्चा हो।
ऐसा ही एक वादा वर्षों पहले खुद से किया था स्नेहिल पांडेय ने, जिसे अपने कठिन परिश्रम से पूरा करके भी दिखा दिया। आज वो उन सभी लड़कियों के लिए एक रोल मॉडल हैं जो हालात से घबराकर या हार मानकर अपने सपनों का गला घोंट देती हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नवरात्र के पहले दिन ‘मिशन शक्ति’ की शुरुआत की गई। पूरे प्रदेश में इससे संबंधित पोस्टर भी जारी किया गया है जिसमें छह ऐसी नारी शक्तियों की फोटो को आइकॉन के तौर पर दर्शाया गया है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है। इनमें से लखनऊ के सरोजनीनगर में रहने वाली स्नेहिल पांडेय भी शामिल हैं। स्नेहिल को इसी वर्ष 2020 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है और वे यह पुरस्कार पाने वाली देश की सबसे युवा महिला हैं। स्नेहिल, उन्नाव जिले के नवाबगंज ब्लॉक में प्राथमिक विद्यालय सोहरामऊ में प्रधान शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।
सरकारी स्कूल को बना दिया कॉन्वेंट से भी बेहतर
स्नेहिल ने अपने प्रयासों से प्राइमरी सरकारी स्कूल को कॉन्वेंट से भी बेहतर बना दिया है जहां अपने बच्चों को पढ़ाने में अभिभावक गर्व महसूस करते हैं। इस स्कूल के बच्चे न सिर्फ फर्राटेदार अंग्रेजी बोलते हैं बल्कि प्रदेश स्तरीय खेलकूद व सांस्कृतिक आयोजनों में हर साल पुरस्कार भी जीतते हैं। हिंदी और संस्कृत में हुई प्रतियोगिताओं में भी बच्चों ने उत्साहजनक परिणाम दिए। स्नेहिल बताती हैं कि उन्होंने अपने स्कूल में जॉयफुल लर्निंग के नए कॉन्सेप्ट के डवलप किया और विद्यालय की खुद की वेबसाइट व यूट्यूब चैनल के माध्यम से बच्चों को तकनीकी से जोड़ा। कोरोना काल में भी उन्होंने ऑनलाइन क्लासेज के जरिए बच्चों की पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।
अपने वेतन से बालिकाओं को साइकिल व आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
स्नेहिल पांडेय हर वर्ष अपने वेतन से एक बालिका को साइकिल मुहैया कराती हैं और साथ ही बच्चियों को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे और योग की शिक्षा भी देती हैं। स्नेहिल बताती हैं कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रयास से विद्यालय को हरा-भरा माहौल देने के लिए 300 से ज्यादा पौधे लगा रखे हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने स्नेहिल पर बनाई डॉक्युमेंट्री
प्राइमरी विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करने में स्नेहिल पांडेय के प्रयासों को पिछले दिनों राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। विद्यालय केउत्थान के लिए किए गए उनके 35 अभिनव प्रयोगों को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने न सिर्फ सराहा बल्कि उन पर एक डॉक्युमेंट्री भी बनाई जिसे पूरे देश में देखा गया।
बालिकाओं के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाना है उद्देश्य
स्नेहिल पांडेय का मानना है कि शिक्षा से ही हमारे देश में बच्चियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाया जा सकता है। कहती हैं कि इसी वर्ष मुझे राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया और अब उत्तर प्रदेश सरकार के ‘मिशन शक्ति’ में रोल मॉडल के तौर पर पोस्टर में जगह मिलना सौभाग्य है। उन्होंने बताया कि मेरी उपलब्धियों के पीछे मेरी मां सुधा देवी शुक्ला का अहम योगदान रहा है जिन्हें चार वर्ष पूर्व राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से नवाजा जा चुका है।
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