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नशेड़ी बनकर स्मैक खरीदने पहुंची पुलिस, डेढ़-डेढ़ सौ में बिक रही थी पुड़िया

Tue, 11 Jul 2017 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Jul 2017 12:22 AM IST
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police raid on drug racket in lucknow
डेमो प‌िक - फोटो : डेमो फोटो

लखनऊ महानगर पुलिस की टीम शनिवार देर शाम स्मैकिया बनकर पुराना बादशाहनगर की संकरी गलियों में ई-रिक्शा से पुराने मकान तक पहुंची। स्मैक खरीदने के लिए रुपये दिए। स्मैक की पुड़िया लेकर जैसे युवकों की टोली आई दबोच लिया। 

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एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने दावा किया कि चार युवकों के पास से 40 लाख रुपये की स्मैक बरामद की है। इस कॉलोनी में 20 साल से अधिक समय से अवैध कारोबार चल रहा था। 
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चारों के पास से 386 ग्राम स्मैक, 532 ग्राम गांजा, 9500 रुपये नकद और स्मैक सप्लाई के लिए उपयोग की जाने वाली पल्सर बाइक बरामद हुई। पकडे़ गए युवकों में तीन सगे भाई बाराबंकी के रहने वाले हैं। इनमें पासू उर्फ आकाश मौर्या, अमन मौर्या, विवेक मौर्या रामनगर, मरकामऊ, बदोसराय, बाराबंकी के रहने वाले हैं। 
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जिस दो मंजिला मकान से स्मैक का धंधा चलता था, वह पासू के पिता पालू के हिस्से का है। वहीं, सोनू शर्मा घैला रोड मड़ियांव का रहने वाला है। गिरोह का मास्टरमाइंड विवेक मौर्या है। दो साल पहले भी वह जेल जा चुका है। 

इंस्पेक्टर महानगर रवींद्र नाथ राय ने बताया कि कॉलोनी वासियों की शिकायत पर सप्ताहभर से सादे कपड़ों में पुलिस टीम मूवमेंट पर थी। उन्होंने बताया कि स्मैक लेने वाले मकान के दरवाजे के नीचे से रुपये अंदर डालते थे तो दूसरी तरफ पुड़िया बाहर आ जाती थी।

...तो धंधेबाज करते थे खरीदारों की धुलाई

police raid on drug racket in lucknow
fight

स्मैक खरीदने के दौरान अगर किसी ने विरोध किया कि माल कम है तो उसकी धंधेबाज उसकी धुनाई कर देते थे। डेढ़ सौ रुपये में स्मैक की एक पुड़िया बेची जा रही थी। शनिवार को पुलिस टीम ने मास्टमाइंड को पकड़ा था, लेकिन उसके पास से स्मैक बरामद ही नहीं हुई। इस पर उसे छोड़ दिया। लेकिन कुछ देर बाद जब वह पुड़िया देने निकला तो उसे दबोच लिया गया।

बाराबंकी के टिकरा से होती है नशे की पुड़िया की सप्लाई चौकी प्रभारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि मास्टरमाइंड विवेक मौर्या के परिवार के सभी 18 सदस्य इसी अवैध धंधे में लगे हुए हैं। परिवार के कुछ सदस्य बाराबंकी के टिकरा से स्मैक व गांजे की खेप लेकर कभी बाइक तो कभी ऑटो व बस से झोले में रखकर लाते थे। 

यही नहीं, स्मैक बेचने के लिए दिन तय कर रखा है। सोमवार को स्मैक देने वाला मंगलवार को नहीं मिलेगा। इस मकान में कोई भी सदस्य नहीं रहता है। छापामारी में घर से शराब व बीयर की बोतलें व फर्नीचर मिला।

अवैध कारोबार से तंग थे कॉलोनीवासी

police raid on drug racket in lucknow
डेमो प‌िक

चार युवकों की गिरफ्तारी के बाद कॉलोनवासी थाने पहुंच गए। कॉलोनी की सीमा व संगीता ने बताया कि इन अवैध धंधेबाजों के चलते बहू-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। घर में हर दूसरे दिन बर्तन चोरी हो जाते थे। वहीं, मीरा, नीलम व रश्मि ने बताया कि अगर उनके पास दूसरा मकान होता तो कॉलोनी छोड़ देते।

मोबाइल के साथ तैनात रहते हैं युवक
इंस्पेक्टर ने बताया कि युवक स्मैक व गांजा लेने संकरी गलियों से ही मकान तक पहुंचते थे। अवैध धंधेबाज पुलिस से बचने के लिए इन रास्तों पर दो से चार युवकों को मोबाइल लेकर खड़ा कर देते थे।

इस टीम ने किया गिरोह का पर्दाफाश 
इस गिरोह का पर्दाफाश करने में एसएसआई भानुप्रताप सिंह, एसआई अवनीश कुमार सिंह, विनोद यादव, कांस्टेबल रोहित पाल, सुधांशु यादव, कुलदीप कुमार, मजहर, आशुतोष अवस्थी, लालसा चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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