दुबग्गा में मुठभेड़ : दो डकैत व सिपाही घायल, छह गिरफ्तार, बरामद हुआ सामान
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पैदल निकले थे दो बदमाश
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध नीलाब्जा चौधरी ने बताया, आठ बदमाशों में पांच ही हरिकृष्ण के घर गए। एक दरवाजे पर खड़ा था। चार बदमाश घर में दाखिल हुए और हरिकृष्ण, उनकी पत्नी धानमति व बेटे को बंधक बनाकर लूटपाट की। इसके बाद तीन बदमाश सफेद स्कूटी पर बैठकर निकले। दो बदमाश वहां से पैदल कुछ दूर तक गए, फिर वापस आकर घरों में चले गए। इस दौरान सभी घरों में पड़े रहे। दूसरे दिन एक-एक कर चार बदमाश वहां से निकल गए।
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने बताया कि बरामद माल की शिनाख्त के लिए हरिकृष्ण व उनके बेटे को कार्यालय बुलाया। हरिकृष्ण के बेटे से व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग करवाकर धानमति से जेवरात की शिनाख्त कराई। पुलिस ने बदमाशों के पास से 6560 रुपये के सिक्के, 8198 नकद, एक हार, चार चूड़ी व बिछिया बरामद की। खुलासा करने वाली टीम को कमिश्नर ने 50 हजार का इनाम दिया।
हत्थे चढ़े बदमाशों में सुमित कुमार वीजा पासपोर्ट बनवाने का काम करता है। वहीं, इरफान आलमारी बनाने का काम। मुखबिरी करने वाला विजय लोधी ओला कैब चालक है। चौथा बदमाश सैयद अरशद अली घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाता है। वहीं, फरार आरोपियों में जिसे गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। रियाज अहमद उर्फ राजू ट्रैवेल एजेंट हैं। महेंद्र चौरसिया भी लेडीज सूट बेचता है। पूछताछ में बदमाशों ने कुबूला कि साहब क्या करते ढाई महीने से सारे काम बंद थे। लॉकडाउन के दौरान विजय को किसी ने बताया कि हरिकृष्ण वर्मा सीमेंट का बड़ा कारोबारी है। मोटी रकम के लालच में आकर रेकी करने के बाद वारदात अंजाम दी थी। महेंद्र ने हजरतगंज में 2012 में एक लूट की वारदात की थी। वहीं, मुकेश भी कई बार जेल जा चुका है। वारदात में इस्तेमाल तमंचा रियाज अहमद ने उन्नाव निवासी बाबू से खरीदा था। पुलिस राजू की तलाश कर रही है।