सीएम अखिलेश की स्मार्टफोन योजना के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सपा सरकार की स्मार्ट फोन योजना के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई योग्य मानने पर निर्णय सुरक्षित रखा है।
संबंधित पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस श्रीनारायण शुक्ला और जस्टिस अनंत कुमार की बेंच ने इस मामले में अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है। यह याचिका अजमल खान की ओर से दायर की गई है।
इसमें केंद्रीय चुनाव आयोग, सीएम अखिलेश यादव और उप्रसूचना एवं जनसंपर्क विभाग को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में कहा गया है कि सीएम ने जिस समाजवादी स्मार्ट फोन योजना की घोषणा की है, उसे रद्द किया जाए।
इस स्कीम में एक महीने में निशुल्क रजिस्ट्रेशन किया जाना है। जो लोग रजिस्ट्रेशन करवाएंगे, उन्हें 2017 में सपा सरकार बनने पर स्मार्ट फोन दिया जाएगा।
चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए दिए जाएं निर्देश
याची का कहना है कि ऐसी घोषणाओं को रोकने के लिए इन पर कार्रवाई के लिए कोई कानून नहीं है। यह मतदाताओं को लुभाने का तरीका है। अत: केंद्रीय चुनाव आयोग को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जाएं।
सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा, याची की इसी मुद्दे पर पहले भी एक याचिका खारिज हो चुकी है। ऐसे में यह याचिका भी खारिज की जानी चाहिए।