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Lucknow News: वेंटिलेटर बेड की तलाश में न भटकें मरीज, बने कमांड सेंटर
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लोहिया संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग ने किया कार्यक्रम।
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लखनऊ। गंभीर मरीजों को वेंटिलेटर बेड की तलाश में अस्पताल-दर-अस्पताल भटकना न पड़े, इसके लिए प्रदेश या जिला स्तर पर वेंटिलेटर कमांड सेंटर बनाने का सुझाव दिया गया है। इसके जरिये मोबाइल एप या हेल्पलाइन पर अस्पतालों में खाली बेड की जानकारी मिल सकेगी और मरीज को सीधे संबंधित अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
रविवार को लोहिया संस्थान के एनेस्थीसिया विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों ने यह सुझाव दिया। संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. दीपक मालवीय ने कहा कि वेंटिलेटर बेड की उपलब्धता की जानकारी के लिए व्यवस्थित तंत्र जरूरी है। विभागाध्यक्ष डॉ. पीके दास ने कहा कि कमांड सेंटर से बेड की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
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चिकित्सा शिक्षा विभाग के पूर्व महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने कोरोना काल के कमांड सेंटर का उदाहरण देते हुए सरकार से ऐसी व्यवस्था शुरू करने की पहल करने को कहा। डॉ. यश जावेरी ने डॉक्टरों, नर्सों और सफाई कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने की जरूरत बताई। वहीं, डॉ. मुस्तहसिन ने कहा कि वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज अपनी देखभाल नहीं कर सकते। ऐसे में सफाई और संक्रमण से बचाव के मानकों का सख्ती से पालन जरूरी है।कार्यक्रम में पीजीआई के डॉ. तन्मय घटक, डॉ. सुजीत राय, डॉ. मनोज त्रिपाठी और मीना जौहरी समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
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