महंत ने प्रशासन पर जबरन अनशन खत्म कराने का लगाया आरोप, अफसर बोले- सिर्फ निवेदन किया
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राम मंदिर निर्माण एवं प्रधानमंत्री मोदी के अयोध्या आकर रामलला के दर्शन करने की मांग को लेकर छह दिन से आमरण अनशन कर रहे महंत परमहंस दास ने शनिवार को प्रशासन पर अभद्रता करने व बलपूर्वक अनशन समाप्त करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार की रात उनके पास पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने धमकी देते हुए बलपूर्वक अनशन समाप्त कराने का दबाव बनाया। परमहंस ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए चाहे प्राण ही क्यों न चले जाएं, मांगें पूरी होने तक वह अनशन नहीं तोड़ेंगे। वहीं, महंत परमहंस दास के समर्थन का कारवां बढ़ता जा रहा है। हर वर्ग के लोग उनके अनशन को जायज ठहरा रहे हैं।
परमहंस दास ने आरोप लगाते हुए कहा कि शुक्रवार की रात उनके आश्रम पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ अभद्रता की। समर्थकों को डांट कर भगाया गया और अधिकारियों ने अनशन तोड़ने की धमकी दी। प्रशासन जबरन अनशन तुड़वाने पर आमादा है। इसके लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन मैं अनशन तोड़ने वाला नहीं हूं।
महंत परमहंस ने कहा कि जाति-मजहब से ऊपर उठकर लोग मेरे साथ हैं। सरकार मेरे अनशन से बौखला गई है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे साथ जबरदस्ती की गई तो जो अराजक स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी। परमहंस ने कहा कि जब जल्लीकट्टू के लिए रात 12 बजे कोर्ट खुल सकती है तो राम मंदिर के लिए कानून क्यों नहीं बन सकता।
वहीं, शनिवार को भी तमाम संतों एवं दूरदराज से आए भक्तों सहित विभिन्न संस्थाओं के लोगों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस को अपना समर्थन दिया।
महंत से कोई अभद्रता नहीं की गई : सीओ
प्रशासन ने महंत परमहंस दास के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह महंत को मनाने गए थे न कि अनशन तोड़ने का दबाव बनाने। सीओ अयोध्या राजकुमार साव ने बताया कि उनका स्वास्थ्य खराब हो रहा है, इसलिए हमने महंत से अनशन खत्म करने का निवेदन किया। उन्होंने कहा कि कुछ संवैधानिक अड़चनें होती हैं, महंत परमहंस से कोई अभद्रता नहीं की गई है।